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चुनाव चिन्ह अच्छा लगने पर प्रतिद्वंद्वी को दे दिया वोट
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नींदडू़ (बिजनौर)। यूं तो पंचायत चुनाव के इतिहास में जाएं तो तमाम रोचक किस्से मिल जाएंगे। ऐसा ही चर्चित किस्सा 1967 के पंचायत चुनाव के दौरान का ग्राम पंचायत बाजीदपुर का है, जो चुनाव के समय फिर से लोगों की जुबां पर आ गया है। यहां पर एक प्रधान पद के प्रत्याशी की पत्नी ने प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को केवल इसलिए वोट डाल दिया था, क्योंकि उसका चुनाव चिन्ह उससे ज्यादा अच्छा लगा। उसके पति को लालटेन चिन्ह मिला था, जबकि प्रतिद्वंद्वी को कमल का चिन्ह मिला था।
बात 1967 के पंचायत चुनाव की है। तब बाजीदपुर और मोहम्मदपुर भिक्कन गांवों की पंचायत को बाजीदपुर नाम से जाना जाता था। प्रधान पद के लिए गांव से तीन उम्मीदवार अब्दुल अजीज, मुमताज अहमद और छोटे खां चुनाव मैदान में थे। अब्दुल अजीज को कमल, मुमताज अहमद को छतरी और छोटे खां को लालटेन चुनाव चिन्ह आवंटित हुए थे। तब महिलाएं आज की तरह चुनाव प्रचार के लिए टोलियां बनाकर घरों से बाहर नहीं निकलती थीं, लेकिन काफी औरतें वोट डालने जाती थी। घर के मर्द उन्हें मतपत्र पर मोहर लगाने का तरीका बताते थे। ग्रामीणों के मुताबिक उस समय चुनाव समाप्त होने के बाद शाम को घर में दाखिल हुए उम्मीदवार छोटे खां ने पत्नी से वोट की बाबत जानकारी ली। सीधे स्वभाव की निरक्षर पत्नी ने बताया कि उसने फूल पर ठप्पा लगाया है। इतना सुनते ही छोटे खां पत्नी पर भड़क गए। उन्होंने उससे अपने चुनाव निशान लालटेन को वोट न देने और उसके प्रतिद्वंद्वी के चुनाव चिन्ह कमल पर मुहर लगाने का कारण पूछा। पत्नी का जवाब ऐसा था कि आज भी उसकी चर्चा हो रही है। पत्नी ने जवाब दिया कि उसे लालटेन से ज्यादा अच्छा कमल लगा था। जवाब के बाद जहां घर के अन्य सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक पाए, वहीं छोटे खां के चेहरे पर भी मुस्कुराहट आ गई। पंचायत चुनाव के दौरान अब भी इस घटना को याद किया जाता है।
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बात 1967 के पंचायत चुनाव की है। तब बाजीदपुर और मोहम्मदपुर भिक्कन गांवों की पंचायत को बाजीदपुर नाम से जाना जाता था। प्रधान पद के लिए गांव से तीन उम्मीदवार अब्दुल अजीज, मुमताज अहमद और छोटे खां चुनाव मैदान में थे। अब्दुल अजीज को कमल, मुमताज अहमद को छतरी और छोटे खां को लालटेन चुनाव चिन्ह आवंटित हुए थे। तब महिलाएं आज की तरह चुनाव प्रचार के लिए टोलियां बनाकर घरों से बाहर नहीं निकलती थीं, लेकिन काफी औरतें वोट डालने जाती थी। घर के मर्द उन्हें मतपत्र पर मोहर लगाने का तरीका बताते थे। ग्रामीणों के मुताबिक उस समय चुनाव समाप्त होने के बाद शाम को घर में दाखिल हुए उम्मीदवार छोटे खां ने पत्नी से वोट की बाबत जानकारी ली। सीधे स्वभाव की निरक्षर पत्नी ने बताया कि उसने फूल पर ठप्पा लगाया है। इतना सुनते ही छोटे खां पत्नी पर भड़क गए। उन्होंने उससे अपने चुनाव निशान लालटेन को वोट न देने और उसके प्रतिद्वंद्वी के चुनाव चिन्ह कमल पर मुहर लगाने का कारण पूछा। पत्नी का जवाब ऐसा था कि आज भी उसकी चर्चा हो रही है। पत्नी ने जवाब दिया कि उसे लालटेन से ज्यादा अच्छा कमल लगा था। जवाब के बाद जहां घर के अन्य सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक पाए, वहीं छोटे खां के चेहरे पर भी मुस्कुराहट आ गई। पंचायत चुनाव के दौरान अब भी इस घटना को याद किया जाता है।
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