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नर्सिंग होम में कराया प्रसव तो नहीं मिलेगा आयुष्मान का लाभ
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नर्सिंगहोम में कराया प्रसव तो नहीं मिलेगा लाभ
बिजनौर। नर्सिंग होम में प्रसव कराने पर महिलाओं को आयुष्मान का लाभ मिलता था, लेकिन अब इस सुविधा को सरकार ने बंद कर दिया है। जिसके चलते अब नर्सिंगहोम में प्रसव कराने पर आयुष्मान का लाभ नहीं मिलेगा।
कई जगह मामले सामने आए हैं कि निजी चिकित्सक महिलाओं का ऑपरेशन करके प्रसव कर पैसा कमा रहे थे। जिसकी वजह से इस सुविधा को बंद किया किया गया है। आयुष्मान भारत योजना को साल 2018 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत गरीब लोगों को इलाज मुहैया कराना था। इसके अलावा व्यक्ति आयुष्मान कार्ड से एक साल में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करा सकता है। मगर निजी अस्पताल संचालकों ने इसे मुनाफा कमाने का जरिया बना लिया। निजी चिकित्सक सामान्य की जगह ऑपरेशन से प्रसव कराने लगे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ऑपरेशन से डिलीवरी करने पर नर्सिंगहोम को 11 हजार रुपये दिए जाते है। मगर अब सरकार ने यह सुविधा बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
58231 लोगों को मिला आयुष्मान कार्ड का लाभ
जिले में सरकार की ओर से 14 लाख 35 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिनमें से 516878 लोगों के आयुष्मान कार्ड बन गए हैं। जिले में अभी तक 58231 लोगों ने ही आयुष्मान कार्ड का लाभ लिया है। जिनके इलाज पर 89.26 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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जिले के 69 अस्पतालों में आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है। जिनमें 56 प्राइवेट अस्पताल और 13 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान कार्ड से किडनी, बोनमैरो, कान, आंख, ह्दय संबंधी बीमारी का इलाज कराया जा सकता है।
वर्जन...
सरकार की ओर से अब नर्सिंग होम प्रसव कराने पर आयुष्मान का लाभ नहीं दिए जाने का निर्देश दिया गया है। हालांकि आयुष्मान कार्ड से करीब छोटी-बड़ी 1500 बीमारियों में लाभ मिलता है। जिले में आयुष्मान लाभार्थियों का लाभ मिल रहा है।
-डॉ. नताशा, जिला कार्यक्रम समंवयक
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बिजनौर। नर्सिंग होम में प्रसव कराने पर महिलाओं को आयुष्मान का लाभ मिलता था, लेकिन अब इस सुविधा को सरकार ने बंद कर दिया है। जिसके चलते अब नर्सिंगहोम में प्रसव कराने पर आयुष्मान का लाभ नहीं मिलेगा।
कई जगह मामले सामने आए हैं कि निजी चिकित्सक महिलाओं का ऑपरेशन करके प्रसव कर पैसा कमा रहे थे। जिसकी वजह से इस सुविधा को बंद किया किया गया है। आयुष्मान भारत योजना को साल 2018 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत गरीब लोगों को इलाज मुहैया कराना था। इसके अलावा व्यक्ति आयुष्मान कार्ड से एक साल में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करा सकता है। मगर निजी अस्पताल संचालकों ने इसे मुनाफा कमाने का जरिया बना लिया। निजी चिकित्सक सामान्य की जगह ऑपरेशन से प्रसव कराने लगे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ऑपरेशन से डिलीवरी करने पर नर्सिंगहोम को 11 हजार रुपये दिए जाते है। मगर अब सरकार ने यह सुविधा बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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58231 लोगों को मिला आयुष्मान कार्ड का लाभ
जिले में सरकार की ओर से 14 लाख 35 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिनमें से 516878 लोगों के आयुष्मान कार्ड बन गए हैं। जिले में अभी तक 58231 लोगों ने ही आयुष्मान कार्ड का लाभ लिया है। जिनके इलाज पर 89.26 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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जिले के 69 अस्पतालों में आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा रहा है। जिनमें 56 प्राइवेट अस्पताल और 13 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान कार्ड से किडनी, बोनमैरो, कान, आंख, ह्दय संबंधी बीमारी का इलाज कराया जा सकता है।
वर्जन...
सरकार की ओर से अब नर्सिंग होम प्रसव कराने पर आयुष्मान का लाभ नहीं दिए जाने का निर्देश दिया गया है। हालांकि आयुष्मान कार्ड से करीब छोटी-बड़ी 1500 बीमारियों में लाभ मिलता है। जिले में आयुष्मान लाभार्थियों का लाभ मिल रहा है।
-डॉ. नताशा, जिला कार्यक्रम समंवयक