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डीएनए मिलान के फेर में अटकी दो साल पहले मिले शव की पहचान
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डीएनए मिलान के फेर में अटकी शव की पहचान
बिजनौर। भले ही बेटा और बेटी ने दो साल पहले मिले शव की पहचान रिटायर्ड निरीक्षक के रूप में की है, लेकिन डीएनए के मिलान होने तक इसे पुख्ता नहीं समझा जा सकता है। इसी फेर में शव की पहचान अटकी हुई है। हालांकि प्रथम दृष्ट्या दरी और कपड़ों को पहचाना गया है। उधर, मृतक की पत्नी के डीएनए की जांच के लिए रक्त का नमूना अभी तक नहीं लिया जा सका है।
हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर के पास 31 मई 2020 को ब्रीफकेस में एक शव मिला था। चेहरा बुरी तरह से शव विक्षत हो चुका था, जिस वजह से पहचान नहीं हो पाई। उस वक्त पुलिस ने अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। केस दर्ज हुआ था, जिसमें कोई पहचान नहीं होने की वजह से फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी गई। अब दो साल के बाद नोएडा के रहने वाले नागेंद्र और उसकी बहन सोनल ने हल्दौर थाने पहुंचकर मृतक की पहचान अपने पिता रिटायर्ड निरीक्षक राजेंद्र सिंह पुत्र जीव सिंह निवासी नई बस्ती बिजनौर, मूल निवासी गांव सोबरा थाना मुरसान जिला हाथरस के रूप मेें की।
रिटायर्ड निरीक्षक राजेंद्र सिंह की तैनाती बिजनौर के कई थानों में रही है। रिटायर्ड होने के बाद वे अपनी दूसरी पत्नी अन्नू चौधरी के साथ बिजनौर में ही रहने लगे थे। उनकी पहली पत्नी मुन्नी की मौत मेरठ में 1988 में हो गई थी। इसके बाद राजेंद्र सिंह ने दूसरी शादी 1989 में हाथरस की अन्नू चौधरी से की। अन्नू से दो बेटी और तीन बेेटे हुए। एक बेटे को छोड़कर सभी की शादी हो चुकी है।
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उधर, रिटायर्ड निरीक्षक राजेंद्र सिंह की मौत का प्रमाणपत्र 2021 में नगर पालिका बिजनौर से जारी किया जा चुका है। जिसके बाद अन्नू चौधरी को विभाग से पेंशन भी मिलने लगी। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बेटे नागेंद्र और बेटी सोनल ने मृतक की पहचान अपने पिता के रूप में की। इन्होंने अपनी मां पर ही हत्या करने का शक जाहिर किया है। उधर, पहचान को पुख्ता करने के लिए बेटा और बेटी की डीएनए की जांच को रक्त के नमूने लिए जा चुके हैं। हालांकि विधि विधान प्रयोगशाला ने हल्दौर पुलिस को पत्र भेजकर इनकी मां के डीएनए की जांच कराने के लिए कहा है। जिस पर हल्दौर पुलिस अन्नू चौधरी की डीएनए जांच को नमूना लेने के लिए नोटिस जारी चुकी है, लेकिन अन्नू चौधरी अपने घर पर ही नहीं मिलती।
मृतक, बेटा, बेटी और मां के नमूनों का मिलान होने पर ही पहचान की पुख्ता जानकारी पर अंतिम मुहर लग सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
वर्जन...
कपड़ों के आधार पर दो साल मिले शव की पहचान करने का दावा मृतक के बेटा और बेटी ने किया है। पुख्ता पहचान के लिए डीएनए की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। इसमें भी सभी के डीएनए का मिलान किया जाएगा। अभी मृतक के डीएनए जांच केे नमूना लिया जाना बाकी है।
- उदय प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष हल्दौर
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बिजनौर। भले ही बेटा और बेटी ने दो साल पहले मिले शव की पहचान रिटायर्ड निरीक्षक के रूप में की है, लेकिन डीएनए के मिलान होने तक इसे पुख्ता नहीं समझा जा सकता है। इसी फेर में शव की पहचान अटकी हुई है। हालांकि प्रथम दृष्ट्या दरी और कपड़ों को पहचाना गया है। उधर, मृतक की पत्नी के डीएनए की जांच के लिए रक्त का नमूना अभी तक नहीं लिया जा सका है।
हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर के पास 31 मई 2020 को ब्रीफकेस में एक शव मिला था। चेहरा बुरी तरह से शव विक्षत हो चुका था, जिस वजह से पहचान नहीं हो पाई। उस वक्त पुलिस ने अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। केस दर्ज हुआ था, जिसमें कोई पहचान नहीं होने की वजह से फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी गई। अब दो साल के बाद नोएडा के रहने वाले नागेंद्र और उसकी बहन सोनल ने हल्दौर थाने पहुंचकर मृतक की पहचान अपने पिता रिटायर्ड निरीक्षक राजेंद्र सिंह पुत्र जीव सिंह निवासी नई बस्ती बिजनौर, मूल निवासी गांव सोबरा थाना मुरसान जिला हाथरस के रूप मेें की।
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रिटायर्ड निरीक्षक राजेंद्र सिंह की तैनाती बिजनौर के कई थानों में रही है। रिटायर्ड होने के बाद वे अपनी दूसरी पत्नी अन्नू चौधरी के साथ बिजनौर में ही रहने लगे थे। उनकी पहली पत्नी मुन्नी की मौत मेरठ में 1988 में हो गई थी। इसके बाद राजेंद्र सिंह ने दूसरी शादी 1989 में हाथरस की अन्नू चौधरी से की। अन्नू से दो बेटी और तीन बेेटे हुए। एक बेटे को छोड़कर सभी की शादी हो चुकी है।
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उधर, रिटायर्ड निरीक्षक राजेंद्र सिंह की मौत का प्रमाणपत्र 2021 में नगर पालिका बिजनौर से जारी किया जा चुका है। जिसके बाद अन्नू चौधरी को विभाग से पेंशन भी मिलने लगी। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब बेटे नागेंद्र और बेटी सोनल ने मृतक की पहचान अपने पिता के रूप में की। इन्होंने अपनी मां पर ही हत्या करने का शक जाहिर किया है। उधर, पहचान को पुख्ता करने के लिए बेटा और बेटी की डीएनए की जांच को रक्त के नमूने लिए जा चुके हैं। हालांकि विधि विधान प्रयोगशाला ने हल्दौर पुलिस को पत्र भेजकर इनकी मां के डीएनए की जांच कराने के लिए कहा है। जिस पर हल्दौर पुलिस अन्नू चौधरी की डीएनए जांच को नमूना लेने के लिए नोटिस जारी चुकी है, लेकिन अन्नू चौधरी अपने घर पर ही नहीं मिलती।
मृतक, बेटा, बेटी और मां के नमूनों का मिलान होने पर ही पहचान की पुख्ता जानकारी पर अंतिम मुहर लग सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
वर्जन...
कपड़ों के आधार पर दो साल मिले शव की पहचान करने का दावा मृतक के बेटा और बेटी ने किया है। पुख्ता पहचान के लिए डीएनए की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। इसमें भी सभी के डीएनए का मिलान किया जाएगा। अभी मृतक के डीएनए जांच केे नमूना लिया जाना बाकी है।
- उदय प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष हल्दौर