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सरस्वती पुस्तकालय पर काव्य संध्या आयोजित
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नजीबाबाद। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था के सहयोग से सरस्वती पुस्तकालय पर आयोजित काव्य संध्या पर कवियों ने अपनी रचनाओं से देश प्रेम और देश की अखंडता का परिचय दिया।
सरस्वती पुस्तकालय के अध्यक्ष उमापति गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित काव्य संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर नीरज सिंह, रमा जैन कालेज के निदेशक केसी मठपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अभिव्यक्ति संस्था के अध्यक्ष प्रदीप डेजी के संचालन में कवि जितेंद्र जैन ने जब तक सूरज चांद रहेगा मेरा देश महान रहेगा..., नीरज सिंघल ने ना दौलत ना शोहरत ना सम्मान चाहूं मैं, बस तिरंगे का इस दिल में अरमान चाहूं मैं..., जितेंद्र कक्कड़ ने सुनो राष्ट्र धर्म के लिए फिर मैं कलम चलाता हूं..., निशा अग्रवाल ने है नाज हमें उन वीरों पर जो प्राण लुटा कर आये हैं, पुष्प नहीं मां के चरणों में अपने शीश चढ़ायें हैं..., मंजू जौहरी ने एक हाथ में तिरंगा हो एक हाथ में गंगा हो, जब तन से जान निकले मेरे साथ तिरंगा हो..., समेत प्रदीप डेजी, जयप्रकाश जौली, अशोक सविता, भगीरथ सिंह, अजय जौहरी, प्रमोद शर्मा, राजेंद्र त्यागी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। पुस्तकालय अध्यक्ष और मुख्य अतिथि ने सभी कवियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर शिव कुमार माहेश्वरी, रामनाथ सिंह, विवेक अग्रवाल, अतुल माहेश्वरी, संजीव माहेश्वरी, श्याम तिवारी, शंभू नाथ कौशिक, रमेश वर्मा, सुमन वर्मा, प्रभात जाखेटिया, मनीष जैन, प्रदीप माहेश्वरी, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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सरस्वती पुस्तकालय के अध्यक्ष उमापति गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित काव्य संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर नीरज सिंह, रमा जैन कालेज के निदेशक केसी मठपाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अभिव्यक्ति संस्था के अध्यक्ष प्रदीप डेजी के संचालन में कवि जितेंद्र जैन ने जब तक सूरज चांद रहेगा मेरा देश महान रहेगा..., नीरज सिंघल ने ना दौलत ना शोहरत ना सम्मान चाहूं मैं, बस तिरंगे का इस दिल में अरमान चाहूं मैं..., जितेंद्र कक्कड़ ने सुनो राष्ट्र धर्म के लिए फिर मैं कलम चलाता हूं..., निशा अग्रवाल ने है नाज हमें उन वीरों पर जो प्राण लुटा कर आये हैं, पुष्प नहीं मां के चरणों में अपने शीश चढ़ायें हैं..., मंजू जौहरी ने एक हाथ में तिरंगा हो एक हाथ में गंगा हो, जब तन से जान निकले मेरे साथ तिरंगा हो..., समेत प्रदीप डेजी, जयप्रकाश जौली, अशोक सविता, भगीरथ सिंह, अजय जौहरी, प्रमोद शर्मा, राजेंद्र त्यागी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। पुस्तकालय अध्यक्ष और मुख्य अतिथि ने सभी कवियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर शिव कुमार माहेश्वरी, रामनाथ सिंह, विवेक अग्रवाल, अतुल माहेश्वरी, संजीव माहेश्वरी, श्याम तिवारी, शंभू नाथ कौशिक, रमेश वर्मा, सुमन वर्मा, प्रभात जाखेटिया, मनीष जैन, प्रदीप माहेश्वरी, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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