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किसानों की सैकड़ों बीघा फसल हुई जलमग्न
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किसानों की सैकड़ों बीघा फसल हुई जलमग्न
हल्दौर। गांव शादीपुर मिलक के पास जंगल में नहर की पटरी अचानक टूटने से दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा फसलों में पानी घुस गया और फसल बर्बाद हो गई। आक्रोशित किसानों ने सिंचाई विभाग के किसी सक्षम अधिकारी के न पहुंचने पर मामले की शिकायत विभागीय उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है।
गांव शादीपुर के पास से होकर शेखुपुरा रजवाहे से एक नहर गुजर रही है। नहर की पटरी काफी दिनों से जर्जर अवस्था में थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की थी लेकिन किसी भी अधिकारी ने मरम्मत कराना गवारा नहीं समझा। शुक्रवार शाम तीन बजे अचानक नहर की पटरी टूट गई। जिससे विशंभर सिंह, सुभाष कुमार, रामकुमार सिंह, महेंद्र सिंह, ओमपाल सिंह, अरविंद कुमार, विपुल कुमार, दिनेश कुमार, शोवीर सिंह, राजू सिंह आदि अनेक किसानों की कई बीघा फसलें जलमग्न हो गई। पीड़ित किसानों ने मामले की सूचना फोन पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। लेकिन कई घंटों बाद भी कोई भी नहर की पटरी की मरम्मत करने नहीं पहुंचा। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित किसानों ने मामले की शिकायत विभागीय अधिकारियों से करने का निर्णय लिया है। आक्रोशित किसानों ने विभागीय अधिकारियों से फोन पर पानी में डूबकर बर्बाद हुई अपनी फसल का उचित मुआवजा दिलाए जाने की भी मांग की है।
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हल्दौर। गांव शादीपुर मिलक के पास जंगल में नहर की पटरी अचानक टूटने से दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा फसलों में पानी घुस गया और फसल बर्बाद हो गई। आक्रोशित किसानों ने सिंचाई विभाग के किसी सक्षम अधिकारी के न पहुंचने पर मामले की शिकायत विभागीय उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है।
गांव शादीपुर के पास से होकर शेखुपुरा रजवाहे से एक नहर गुजर रही है। नहर की पटरी काफी दिनों से जर्जर अवस्था में थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की थी लेकिन किसी भी अधिकारी ने मरम्मत कराना गवारा नहीं समझा। शुक्रवार शाम तीन बजे अचानक नहर की पटरी टूट गई। जिससे विशंभर सिंह, सुभाष कुमार, रामकुमार सिंह, महेंद्र सिंह, ओमपाल सिंह, अरविंद कुमार, विपुल कुमार, दिनेश कुमार, शोवीर सिंह, राजू सिंह आदि अनेक किसानों की कई बीघा फसलें जलमग्न हो गई। पीड़ित किसानों ने मामले की सूचना फोन पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। लेकिन कई घंटों बाद भी कोई भी नहर की पटरी की मरम्मत करने नहीं पहुंचा। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित किसानों ने मामले की शिकायत विभागीय अधिकारियों से करने का निर्णय लिया है। आक्रोशित किसानों ने विभागीय अधिकारियों से फोन पर पानी में डूबकर बर्बाद हुई अपनी फसल का उचित मुआवजा दिलाए जाने की भी मांग की है।
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