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Bijnor News: 1895 जगह होगा होलिका दहन, रंगोत्सव चार को
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बिजनौर। जिले में 1895 जगहों पर होलिका दहन किया जाएगा। पुरोहितों ने सोमवार की आधी रात के बाद से मंगलवार की तड़के तक होलिका दहन का समय सुझाया है जबकि रंग उत्सव चार फरवरी को मनाया जाएगा।
होली को लेकर पुलिस ने सुरक्षा इंतजामों का खाका पहले ही तैयार कर लिया था। होली दहन वाले स्थानों पर पुलिसकर्मी मौजूदा रहेगा। साथ ही दुल्हैंडी पर गश्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उधर चंदग्रहण के चलते इस बार होलिका दहन को लेकर संशय बना हुआ था। मगर पुरोहितो ने होलिका दहन और रंग उत्सव यानि दुल्हैंडी को लेकर उचित समय सुझाया है। पंडित विनोद गोस्वामी बताते हैं कि फाल्गुन पूर्णिमा दो मार्च शाम पांच बजकर 55 मिनट से शुरू होकर तीन मार्च को शाम पांच बजकर सात मिनट तक रहेगी। प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि होने पर ही होलिका दहन किया जाता है। ऐसे में होलिका दहन का समय रात्रि डेढ़ बजे से सुबह पांच बजे के बीच रहेगा। उधर पंडित विजय भारद्वाज ने बताया कि रात्रि में एक बजकर 27 मिनट से दो बजकर 39 मिनट तक उचित समय है। चार मार्च को ही रंगोत्सव मनाना उचित बताया।
उधर चांदपुर में राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ की नगर अध्यक्ष पंडित उमा शंकर झां के आवास पर पंडित विरेंद्र भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से होलिका पूजन दो मार्च को करने का निर्णय लिया गया। बैठक में होलिका पूजन दो मार्च, होलिका दहन तीन मार्च को सुबह 5:30 बजे तथा दुल्हैंडी का पर्व चार मार्च को मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में पंडित दिनेश शर्मा, पंडित नरेश शर्मा, पंडित सुशील शर्मा, महंत मंगतू राम, पंडित हर्षित कौशिक, सोनू शर्मा आदि मौजूद रहे।
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होली को लेकर पुलिस ने सुरक्षा इंतजामों का खाका पहले ही तैयार कर लिया था। होली दहन वाले स्थानों पर पुलिसकर्मी मौजूदा रहेगा। साथ ही दुल्हैंडी पर गश्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उधर चंदग्रहण के चलते इस बार होलिका दहन को लेकर संशय बना हुआ था। मगर पुरोहितो ने होलिका दहन और रंग उत्सव यानि दुल्हैंडी को लेकर उचित समय सुझाया है। पंडित विनोद गोस्वामी बताते हैं कि फाल्गुन पूर्णिमा दो मार्च शाम पांच बजकर 55 मिनट से शुरू होकर तीन मार्च को शाम पांच बजकर सात मिनट तक रहेगी। प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि होने पर ही होलिका दहन किया जाता है। ऐसे में होलिका दहन का समय रात्रि डेढ़ बजे से सुबह पांच बजे के बीच रहेगा। उधर पंडित विजय भारद्वाज ने बताया कि रात्रि में एक बजकर 27 मिनट से दो बजकर 39 मिनट तक उचित समय है। चार मार्च को ही रंगोत्सव मनाना उचित बताया।
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उधर चांदपुर में राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ की नगर अध्यक्ष पंडित उमा शंकर झां के आवास पर पंडित विरेंद्र भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से होलिका पूजन दो मार्च को करने का निर्णय लिया गया। बैठक में होलिका पूजन दो मार्च, होलिका दहन तीन मार्च को सुबह 5:30 बजे तथा दुल्हैंडी का पर्व चार मार्च को मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में पंडित दिनेश शर्मा, पंडित नरेश शर्मा, पंडित सुशील शर्मा, महंत मंगतू राम, पंडित हर्षित कौशिक, सोनू शर्मा आदि मौजूद रहे।
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