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Bijnor News: धामपुर - नगर में आज से होली का हुड़दंग शुरू
Thu, 02 Mar 2023 12:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 02 Mar 2023 12:04 AM IST
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- मथुरा, वृंदावन, बरसाना के बाद प्रमुख मानी जाती है धामपुर की होली
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। नगर में आज से रंग की एकादशी के जुलूस के साथ सात दिन तक होली का हुड़दंग शुरू हो जाएगा। यदि किसी को रंगों से गुरेज है तो वह कृपया कर नगर से होकर न गुजरे।
धामपुर की होली उत्तर भारत में मथुरा, वृंदावन, बरसाना की होली के बाद प्रमुख मानी जाती है। यहां पर रंग की एकादशी के जुलूस के साथ होली का हुड़दंग शुरू हो जाता है। जुलूस रंग एकादशी समिति की ओर से मंदिर श्री ठाकुरद्वारा बजरिया से निकलता है। समिति के अध्यक्ष विभु बंसल सराफ, महामंत्री पवन अग्रवाल एडवोकेट का कहना है कि रंग एकादशी का जुलूस सात दशक पहले से निकलता आ रहा है। इस वर्ष 72 सालों के बाद ऐसा संयोग बना है कि होली का रंग सात दिनों तक खेला जाएगा।
आदर्श होली हवन समिति के संरक्षक डॉ. शंकर लाल शर्मा, रवि चौधरी, अनिल शर्मा एड., हरिकांत शर्मा, निखिल छाबड़ा का कहना है कि धामपुर की होली का इतिहास बहुत पुराना है। 1940 से पहले होली के त्योहार को लोग अपने घरों में मनाते थे। होरी महाराज मंदिर से जुलूस निकलता था, जिसमें सभी लोग शामिल होते थे। उस दौरान कालातेल, मलमूत्र और कीचड़ से विचित्र प्रकार की होली खेली जाती थी। 1952 के बाद बदलाव आया। अब रंग एकादशी व होली हवन समिति की ओर से जुलूस निकाले जाते हैं।
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धामपुर। नगर में आज से रंग की एकादशी के जुलूस के साथ सात दिन तक होली का हुड़दंग शुरू हो जाएगा। यदि किसी को रंगों से गुरेज है तो वह कृपया कर नगर से होकर न गुजरे।
धामपुर की होली उत्तर भारत में मथुरा, वृंदावन, बरसाना की होली के बाद प्रमुख मानी जाती है। यहां पर रंग की एकादशी के जुलूस के साथ होली का हुड़दंग शुरू हो जाता है। जुलूस रंग एकादशी समिति की ओर से मंदिर श्री ठाकुरद्वारा बजरिया से निकलता है। समिति के अध्यक्ष विभु बंसल सराफ, महामंत्री पवन अग्रवाल एडवोकेट का कहना है कि रंग एकादशी का जुलूस सात दशक पहले से निकलता आ रहा है। इस वर्ष 72 सालों के बाद ऐसा संयोग बना है कि होली का रंग सात दिनों तक खेला जाएगा।
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आदर्श होली हवन समिति के संरक्षक डॉ. शंकर लाल शर्मा, रवि चौधरी, अनिल शर्मा एड., हरिकांत शर्मा, निखिल छाबड़ा का कहना है कि धामपुर की होली का इतिहास बहुत पुराना है। 1940 से पहले होली के त्योहार को लोग अपने घरों में मनाते थे। होरी महाराज मंदिर से जुलूस निकलता था, जिसमें सभी लोग शामिल होते थे। उस दौरान कालातेल, मलमूत्र और कीचड़ से विचित्र प्रकार की होली खेली जाती थी। 1952 के बाद बदलाव आया। अब रंग एकादशी व होली हवन समिति की ओर से जुलूस निकाले जाते हैं।
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