फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Hindi inherited from father was passed on to daughters

पिता से विरासत में मिली हिंदी को बेटियों तक पहुंचाया

Sun, 12 Sep 2021 11:08 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 11:08 PM IST
विज्ञापन
Hindi inherited from father was passed on to daughters
बिजनौर डीएम उमेश मिश्रा - फोटो : BIJNOR
पिता से विरासत में मिली हिंदी को बेटियों तक पहुंचाया
विज्ञापन

बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा हिंदी साहित्य से भी लगातार जुड़े रहे हैं। पिता से मिले हिंदी संस्कारों को न केवल कविताओं के माध्यम से न केवल संजोया, बल्कि अगली पीढ़ी को भी दिया। उनकी बेटियां भी हिंदी कविता लिखकर हिंदी का गौरव बढ़ा रही हैं।

डीएम उमेश मिश्रा का जन्म प्रयागराज में हुआ था और उनकी शिक्षा इलाहाबाबाद विवि से हुई। उनको हिंदी के संस्कार पिता एमपी मिश्रा से मिले हैं। उन्होंने कहा कि पिता हिंदी साहित्य सम्मेलन से जुड़े थे, साथ ही हिंदी के शिक्षक थे। इस कारण घर में शुद्ध हिंदी का उच्चारण ही होता था। हिंदी साहित्य सम्मेलन की पत्रिकाओं में आने वाली कविताओं से साहित्य के प्रति रुचि बढ़ गई। कोई पुस्तक तो प्रकाशित नहीं कराई, लेकिन स्वांतह सुखाये के लिए गद्य और पद्य दोनों में लिखता हूं। अब यह हिंदी के संस्कार यहीं से सीमित न रहकर उनकी दोनों बेटियों भाव्या और भावनी को भी मिल चुके हैं। अधिकांश शिक्षा अंग्रेजी माध्यम से लेने के बावजूद दोनों बेटियां हिंदी की कविताएं लिखती हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि आज की पीढ़ी को दुनिया की सभी भाषाएं सीखनी चाहिए, लेकिन अपनी मातृ भाषा भी आनी चाहिए। क्योंकि व्यक्ति जो अभिव्यक्ति अपनी मातृ भाषा में व्यक्त कर सकता है, वह किसी और भाषा में नहीं कर सकता। हमें प्राचीन भारतीय विद्या और विद्याएं दोनों को संरक्षित करने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed