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स्टेट हाईवे पर पेड़ों की काट छांट कर खींच दी हाई टेंशन लाइन
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बगैर अनुमति के ही खींच दी हाईटेंशन लाइन
बिजनौर। स्टेट हाईवे पर लोक निर्माण विभाग की अनुमति लिए बिना ही 33 केवीए की बिजली लाइन खींची गई। हाईटेंशन लाइन की आड़ में आए 100 से अधिक पेड़ों को भी ऊपर से काट दिया गया।
बिजनौर-बदायूं स्टेट मार्ग पर पिछले दिनों छाछरी मोड़ बड़े बिजली घर से एक फैक्टरी के लिए हाईटेंशन लाइन बनाई गई है। कई किलोमीटर लंबी इस बिजली की लाइन को स्टेट हाईवे के किनारे बनाया गया। स्टेट हाईवे के किनारे हजारों पेड़ लगे हुए हैं जोकि लाइन के नीचे आ रहे थे। अब बिजली की लाइन बनाने के लिए इन पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं मिल सकती थी, जिसके चलते पेड़ों को ऊपर से काट दिया गया। 100 से अधिक पेड़ आधे से अधिक ऊंचाई के ऊपर से काटे गए हैं। ऐसे में हाईवे पर पेड़ों को काट काट दिए जाने से हरियाली खत्म हो गई है। अब जिन्हें बार बार काट दिया जाए करेगा। इतना ही नहीं लाइन खींचने के लिए लोक निर्माण विभाग से भी कोई अनुमति नहीं ली गई। अगर हाईवे का चौड़ीकरण किया जाएगा तो इस लाइन को शिफ्ट कराने में विभाग को लाखों रुपए खर्च करना पड़ेगा।
वर्जन
हाईटेंशन लाइन बनाने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। लाइन को रोका तो नहीं जा सकता लेकिन सड़क की जमीन के आउटसाइड में कराया जा सकता था। मामले की जांच की जा रही है।
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- सुनील सागर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
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बिजनौर। स्टेट हाईवे पर लोक निर्माण विभाग की अनुमति लिए बिना ही 33 केवीए की बिजली लाइन खींची गई। हाईटेंशन लाइन की आड़ में आए 100 से अधिक पेड़ों को भी ऊपर से काट दिया गया।
बिजनौर-बदायूं स्टेट मार्ग पर पिछले दिनों छाछरी मोड़ बड़े बिजली घर से एक फैक्टरी के लिए हाईटेंशन लाइन बनाई गई है। कई किलोमीटर लंबी इस बिजली की लाइन को स्टेट हाईवे के किनारे बनाया गया। स्टेट हाईवे के किनारे हजारों पेड़ लगे हुए हैं जोकि लाइन के नीचे आ रहे थे। अब बिजली की लाइन बनाने के लिए इन पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं मिल सकती थी, जिसके चलते पेड़ों को ऊपर से काट दिया गया। 100 से अधिक पेड़ आधे से अधिक ऊंचाई के ऊपर से काटे गए हैं। ऐसे में हाईवे पर पेड़ों को काट काट दिए जाने से हरियाली खत्म हो गई है। अब जिन्हें बार बार काट दिया जाए करेगा। इतना ही नहीं लाइन खींचने के लिए लोक निर्माण विभाग से भी कोई अनुमति नहीं ली गई। अगर हाईवे का चौड़ीकरण किया जाएगा तो इस लाइन को शिफ्ट कराने में विभाग को लाखों रुपए खर्च करना पड़ेगा।
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हाईटेंशन लाइन बनाने के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। लाइन को रोका तो नहीं जा सकता लेकिन सड़क की जमीन के आउटसाइड में कराया जा सकता था। मामले की जांच की जा रही है।
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- सुनील सागर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग