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छह अगस्त को फिर से दौड़ाई जाएगी हाईस्पीड ट्रेन
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छह अगस्त को फिर से दौड़ाई जाएगी हाईस्पीड ट्रेन
बिजनौर। छह अगस्त को एक बार फिर से गजरौला-मोअज्जमपुर रेलवे लाइन पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हाई स्पीड ट्रेन दौड़ाकर ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान पुन: इस रेलवे लाइन की स्थिति का पता लगाया जाएगा कि आखिर ये ट्रैक ट्रेनों की रफ्तार दोगुनी करने योग्य हो चुका है या फिर अभी भी इसमें कुछ तकनीकी कमी रह गई है। अफसरों की मानें तो पिछले ट्रायल में रेल पथ में कुछ तकनीकि कमियां पाई गईं, जिस कारण दोबारा से इसका ट्रायल किया जाएगा।
गजरौला-मोअज्जमपुर रेल मार्ग करीब 94 किलोमीटर लंबा है। केंद्रीय रेल मंत्रालय के निर्देश पर इस मार्ग का दोहरीकरण होने के साथ ही इसका विद्युतीकरण भी किया गया है। इस ब्रांच लाइन पर 19 जुलाई को ओएमएस स्पेेशल द्वारा 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल लेकर रेल पथ की टेस्टिंग की गई थी। उत्तर रेलवे बिजनौर के सीनियर सेक्शन इंजीनियर राजकुमार शर्मा ने बताया कि 19 जुलाई के ट्रायल में रेल पथ में कुछ तकनीकी कमियां मिली थीं। इस कारण उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इसका फिर से ट्रायल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान कोई भी व्यक्ति अनाधिकृत रूप से रेलवे लाइन को पार न करे और न ही रेलवे लाइन के आसपास रहे, जिससे जान माल की हानि न हो। विशेषकर वे लोग इसमें अधिक सावधानी बरतें, जो रेलवे लाइन के आसपास में निवास करते हैं।
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बिजनौर। छह अगस्त को एक बार फिर से गजरौला-मोअज्जमपुर रेलवे लाइन पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हाई स्पीड ट्रेन दौड़ाकर ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान पुन: इस रेलवे लाइन की स्थिति का पता लगाया जाएगा कि आखिर ये ट्रैक ट्रेनों की रफ्तार दोगुनी करने योग्य हो चुका है या फिर अभी भी इसमें कुछ तकनीकी कमी रह गई है। अफसरों की मानें तो पिछले ट्रायल में रेल पथ में कुछ तकनीकि कमियां पाई गईं, जिस कारण दोबारा से इसका ट्रायल किया जाएगा।
गजरौला-मोअज्जमपुर रेल मार्ग करीब 94 किलोमीटर लंबा है। केंद्रीय रेल मंत्रालय के निर्देश पर इस मार्ग का दोहरीकरण होने के साथ ही इसका विद्युतीकरण भी किया गया है। इस ब्रांच लाइन पर 19 जुलाई को ओएमएस स्पेेशल द्वारा 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल लेकर रेल पथ की टेस्टिंग की गई थी। उत्तर रेलवे बिजनौर के सीनियर सेक्शन इंजीनियर राजकुमार शर्मा ने बताया कि 19 जुलाई के ट्रायल में रेल पथ में कुछ तकनीकी कमियां मिली थीं। इस कारण उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इसका फिर से ट्रायल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान कोई भी व्यक्ति अनाधिकृत रूप से रेलवे लाइन को पार न करे और न ही रेलवे लाइन के आसपास रहे, जिससे जान माल की हानि न हो। विशेषकर वे लोग इसमें अधिक सावधानी बरतें, जो रेलवे लाइन के आसपास में निवास करते हैं।
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