फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Hepatitis: Testing is done in Meerut, medicine is available in Bijnor

हेपेटाइटिस : मेरठ में होती है जांच, बिजनौर में मिलती है दवाई

Sun, 27 Jul 2025 11:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sun, 27 Jul 2025 11:51 PM IST
विज्ञापन
Hepatitis: Testing is done in Meerut, medicine is available in Bijnor
बिजनौर। हेपेटाइटिस लीवर को प्रभावित करने वाली गंभीर बीमारी है। बिजनौर के सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज तो उपलब्ध है। लेकिन, मरीज के शरीर में हेपेटाइटिस के कीटाणुओं की संख्या कितनी है। इसकी जांच के लिए मरीजों को मेरठ मेडिकल कॉलेज की दौड़ लगानी पड़ रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मरीजों का इलाज शुरू होता है।
विज्ञापन


इस साल हेपेटाइटिस बी के लिए 39309 लोगों की जांच हुई। जिनमें से 862 मरीजों में हेपेटाइटिस बी की पुष्टि हुई। बिजनौर हेपेटाइटिस बी की पॉजिटिव दर 2.19 प्रतिशत है। जबकि, हेपेटाइटिस सी के लिए 45124 व्यक्तियों की जांच की गई। इनमें से 3350 मरीजों में हेपेटाइटिस की पुष्टि हुई। हेपेटाइटिस सी की पॉजिटिव दर 7.4 प्रतिशत है। जिले में हेपेटाइटिस से ग्रसित मरीजों को क्षेत्र के हिसाब से बिजनौर मेडिकल अस्पताल, नहटौर और धामपुर सीएचसी पर दवाई दी जा रही है। जबकि जांच की सुविधा नहीं होने से मेरठ के लिए दौड़ लगानी पड़ती है।
विज्ञापन

पिछले सालों में जिले में हेपेटाइटिस बी व सी के मरीज
जिले में साल 2023 में हेपेटाइटिस बी के 934 मरीज मिले। पॉजिटिव दर 2.01 प्रतिशत रही। हेपेटाइटिस सी के 3594 मरीज मिले। इसकी पॉजिटिव दर 9.92 प्रतिशत है। वहीं, साल 2024 में हेपेटाइटिस बी के 1893 मरीज रहे। पॉजिटिव दर 2.3 प्रतिशत रही। इसके अलावा हेपेटाइटिस सी के 6717 मरीज मिले। इस साल पॉजिटिव दर 8.64 प्रतिशत रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

बजट नहीं आने से बंद है हेपेटाइटिस की वायरल लोड जांच
मेडिकल अस्पताल में बजट नहीं आने से हेपेटाइटिस की वायरल लोड जांच नहीं हो रही है। यहीं जांच कराने के लिए मरीज मेरठ मेडिकल कॉलेज जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट करीब तीन महीने में आ रही है। बिजनौर मेडिकल अस्पताल में पिछले करीब दो महीने से जांच नहीं हो रही है।

इन वजहों से होता है हेपेटाइटिस बी व सी
-संक्रमित व्यक्ति की सुई साझा करना
-असुरक्षित यौन संबंध
-टैटू या पियर्सिंग करवाते समय
-असुरक्षित चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा उपकरण साझा करने से
-संक्रमित गर्भवती महिला से बच्चे को
मेडिकल अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी की पर्याप्त दवाई उपलब्ध है। सभी हेपेटाइटिस से ग्रसित मरीजों को दवाई दी जा रही है। बजट नहीं मिलने से रीजेंट नहीं आए हैं। इसलिए हेपेटाइटिस की वायरल लोड की जांच नहीं हो रही है।
- डॉ. मनोज सेन, सीएमएस, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed