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Bijnor News: हैदरपुर वेटलैंड पर बढ़ी जलकुंभी
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बिजनौर में बैराज पर शीशमहल के पास गंगा में प्रवाक्षी पक्षी। संवाद
रजनीश त्यागी
बिजनौर। रामसर साइट का दर्जा पा चुके हैदरपुर वेटलैंड की झील पर इन दिनों जलकुंभी एकत्रित हो गई है। ऐसे में प्रवासी पक्षियों के झुंड दूर पानी में नजर आ रहे हैं। अब बिजनौर की ओर शीशमहल के पीछे बनी झील में भी हजारों की संख्या में पक्षी देखे जा रहे हैं। इससे जिले के पक्षी प्रेमी भी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
हैदरपुर वेटलैंड को वर्ष 2021 में रामसर साइट का दर्जा मिल गया था। इसके इतिहास और भाैगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो बिजनौर गंगा बैराज के 6,908 हेक्टेयर क्षेत्र में हैदरपुर वेटलैंड फैला हुआ है। यह एक मानव निर्मित झील है। हैदरपुर वेटलैंड में वन्य जीवों में हिरण, गुलदार आदि दिखते हैं।
वहीं प्रवासी पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां भी मिलती है। अब बिजनौर की ओर रावली तटबंध के किनारे बनी प्राकृतिक झीलों में भी प्रवासी पक्षी हजारों की संख्या में देखे जा रहे हैं।
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बिजनौर। रामसर साइट का दर्जा पा चुके हैदरपुर वेटलैंड की झील पर इन दिनों जलकुंभी एकत्रित हो गई है। ऐसे में प्रवासी पक्षियों के झुंड दूर पानी में नजर आ रहे हैं। अब बिजनौर की ओर शीशमहल के पीछे बनी झील में भी हजारों की संख्या में पक्षी देखे जा रहे हैं। इससे जिले के पक्षी प्रेमी भी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
हैदरपुर वेटलैंड को वर्ष 2021 में रामसर साइट का दर्जा मिल गया था। इसके इतिहास और भाैगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो बिजनौर गंगा बैराज के 6,908 हेक्टेयर क्षेत्र में हैदरपुर वेटलैंड फैला हुआ है। यह एक मानव निर्मित झील है। हैदरपुर वेटलैंड में वन्य जीवों में हिरण, गुलदार आदि दिखते हैं।
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वहीं प्रवासी पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां भी मिलती है। अब बिजनौर की ओर रावली तटबंध के किनारे बनी प्राकृतिक झीलों में भी प्रवासी पक्षी हजारों की संख्या में देखे जा रहे हैं।
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