{"_id":"6104427c8ebc3ed7dc3e900c","slug":"health-department-on-alert-mode-to-stop-the-path-of-third-wave-bijnor-news-mrt5497559149","type":"story","status":"publish","title_hn":"60 रुपये में मिलेगा पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
60 रुपये में मिलेगा पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
60 रुपये में मिलेगा पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा
बिजनौर। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को अब केवल 60 रुपये में ही पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा। इसके लिए उन्हें किसी सरकारी विभाग के चक्कर भी नहीं लगाने होंगे। मजदूर और उनके परिजन किसी भी जन सुविधा केंद्र से इस योजना का लाभ ले सकते हैं। श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इन योजनाओं का लाभ वे ही मजदूर ले सकते हैं, जो विभाग में पंजीकृत हैं और निर्माण कार्य से जुड़े हैं।
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए बहुत ज्यादा योजनाएं संचालित नहीं हैं। इन मजदूरों के लिए अब सरकार ने पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा और दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा करने की सुविधा दी है। असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा बोर्ड द्वारा इन दोनों योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। योजना में पंजीकरण का शुल्क केवल दस रुपये है और इसका सालाना प्रीमियम भी दस रुपये है। एक बार में सीधे पांच साल का पंजीकरण कराया जाएगा यानी कि केवल 60 रुपये में ही पांच साल का पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा का लाभ मिल जाएगा। इसके लिए जन सुविधा केंद्र पर केवल आधार कार्ड और बैंक खाते की ही जानकारी देनी होगी व फोटो की जरूरत होगी। मजदूर के परिवार के सदस्य भी इस योजना में शामिल रहेंगे।
आयुष्मान भारत की तर्ज पर चलेगी योजना
यह योजना आयुष्मान भारत की तर्ज पर चलाई जाएगी। योजना में पंजीकृत परिवार के सदस्यों को कोई बीमारी होने पर पांच साल में जो भी व्यय होगा वह सरकार देगी। इसके लिए सरकार द्वारा निजी अस्पतालों को नामित किया जाएगा। योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें लाभ लेने के लिए किसी विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। www.upssb.in पर लॉगइन कर योजना का लाभ लिया जा सकता है।
विज्ञापन
45 श्रेणी के मजदूर हैं शामिल
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों में किसानों के खेतों में काम करने वाले, दुकानों व प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले, रिक्शा चालक, बुनकर, नाई, घरेलू कामगार, मोची, दर्जी, धोबी आदि सभी श्रेणी के मजदूर आते हैं। इस योजना में 45 श्रेणी के मजदूर शामिल किए गए हैं। सहायक श्रमायुक्त रमेश यादव के अनुसार योजना शुरू हो गई है। जन सुविधा केंद्रों पर ही इसका पंजीकरण होगा। अधिक से अधिक श्रमिकों को इससे जुड़ना चाहिए।
विज्ञापन
बिजनौर। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को अब केवल 60 रुपये में ही पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा। इसके लिए उन्हें किसी सरकारी विभाग के चक्कर भी नहीं लगाने होंगे। मजदूर और उनके परिजन किसी भी जन सुविधा केंद्र से इस योजना का लाभ ले सकते हैं। श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के लिए शासन द्वारा अनेक योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इन योजनाओं का लाभ वे ही मजदूर ले सकते हैं, जो विभाग में पंजीकृत हैं और निर्माण कार्य से जुड़े हैं।
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए बहुत ज्यादा योजनाएं संचालित नहीं हैं। इन मजदूरों के लिए अब सरकार ने पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा और दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा करने की सुविधा दी है। असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा बोर्ड द्वारा इन दोनों योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। योजना में पंजीकरण का शुल्क केवल दस रुपये है और इसका सालाना प्रीमियम भी दस रुपये है। एक बार में सीधे पांच साल का पंजीकरण कराया जाएगा यानी कि केवल 60 रुपये में ही पांच साल का पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा और दुर्घटना बीमा का लाभ मिल जाएगा। इसके लिए जन सुविधा केंद्र पर केवल आधार कार्ड और बैंक खाते की ही जानकारी देनी होगी व फोटो की जरूरत होगी। मजदूर के परिवार के सदस्य भी इस योजना में शामिल रहेंगे।
विज्ञापन
आयुष्मान भारत की तर्ज पर चलेगी योजना
यह योजना आयुष्मान भारत की तर्ज पर चलाई जाएगी। योजना में पंजीकृत परिवार के सदस्यों को कोई बीमारी होने पर पांच साल में जो भी व्यय होगा वह सरकार देगी। इसके लिए सरकार द्वारा निजी अस्पतालों को नामित किया जाएगा। योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें लाभ लेने के लिए किसी विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। www.upssb.in पर लॉगइन कर योजना का लाभ लिया जा सकता है।
विज्ञापन
45 श्रेणी के मजदूर हैं शामिल
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों में किसानों के खेतों में काम करने वाले, दुकानों व प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले, रिक्शा चालक, बुनकर, नाई, घरेलू कामगार, मोची, दर्जी, धोबी आदि सभी श्रेणी के मजदूर आते हैं। इस योजना में 45 श्रेणी के मजदूर शामिल किए गए हैं। सहायक श्रमायुक्त रमेश यादव के अनुसार योजना शुरू हो गई है। जन सुविधा केंद्रों पर ही इसका पंजीकरण होगा। अधिक से अधिक श्रमिकों को इससे जुड़ना चाहिए।