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सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए किया हवन
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:22 AM IST
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बिजनौर में बीएसए कार्यालय पर हवन करते शिक्षामित्र।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में जिले के शिक्षामित्रों का बीएसए कार्यालय पर धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। शिक्षामित्रों ने सरकार और शिक्षा विभाग के अफसरों की बुद्धि-शुद्धि के लिए धरना स्थल पर यज्ञ किया।
धरना स्थल पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार की अध्यक्षता में हुई सभा में अब तक समस्या का समाधान न निकलने पर चिंता जताई गई। प्रांतीय प्रभारी सौरभ चौधरी ने कहा कि हकों की लड़ाई जारी रखी जाएगी। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द उन्हें शिक्षक पदों पर तैनात करे। समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर शिक्षामित्र लखनऊ व दिल्ली का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। यज्ञ में शगुन बाला, योगेंद्र सिंह, बबली, मुकेश कुमार, चंद्रपाल, शशिबाला, अंजू सैनी, सोनवीर, मीनाक्षी, राजीव अहलावत आदि ने यजमान की भूमिका निभाई। इस मौके पर शिक्षामित्रों द्वारा प्रदेश सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए आयोजित यज्ञ में मुस्लिम शिक्षामित्रों ने भी आहुति दी। शिक्षामित्र इमरान व कौशर ने यजमान के रूप में बुद्धि-शुद्धि यज्ञ में आहूति दी।सुचित मलिक, अजय पाल सिंह, मोहम्मद वाईज, सुजीत तोमर, संजीव कुमार, भूपेंद्र सिंह, जयवीर, प्रदीप सिंह, जयनेंद्र सिंह ने विचार रखे। धरनास्थल पर हुई सभा का संचालन जिलाध्यक्ष सुधीर चौहान व ऐहतेशाम ने किया।
वहीं धामपुर में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 30 जुलाई रविवार को विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम सुनिश्चित किया गया था, लेकिन बीएलओ बने आंदोलित शिक्षामित्रों के कारण यह कार्यक्रम फ्लाप होकर रह गया है। अधिकांश बूथों पर बीएलओ नहीं पहुंच सके।
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धामपुर तहसील क्षेत्र में के चार ब्लाकों में करीब 788 बूथ है। इन सभी बूथों पर अधिकांश शिक्षक ही बीएलओ के रूप में मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत लगाए गए है।
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 30 जुलाई रविवार को मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत विशेष अभियान था। इस अभियान के तहत सभी बीएलओ को बूथों पर सवेरे 10 बजे से शाम के चार तक उपस्थित रहकर बूथ क्षेत्र के लोगों की वोटों से संबंधित समस्या का निदान करना था, पर रविवार को शिक्षकों और शिक्षामित्रों के चल रहे आंदोलन के कारण अधिकांश बूथ सूने पड़े रहे। शिक्षक सौरभ चौधरी, जयवीर सिंह , करन सिंह, दिलावर सिंह आदि कहना है कि जब वे कोर्ट के फैैसले के बाद शिक्षक ही नहीं रहे हैं तो बीएलओ की ड्यूटी क्यों करें। जिसकी वजह से रविवार को लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं एसडीएम वीके सिंह का कहना है कि शिक्षामित्रों के आंदोलन के कारण अधिकांश बूथों पर बीएलओ नहीं पहुंचे। बूथों पर प्रशासन की ओर से शिक्षामित्रों और शिक्षकों को ही बीएलओ बना रखा है।
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धरना स्थल पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नागेश कुमार की अध्यक्षता में हुई सभा में अब तक समस्या का समाधान न निकलने पर चिंता जताई गई। प्रांतीय प्रभारी सौरभ चौधरी ने कहा कि हकों की लड़ाई जारी रखी जाएगी। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द उन्हें शिक्षक पदों पर तैनात करे। समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर शिक्षामित्र लखनऊ व दिल्ली का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। यज्ञ में शगुन बाला, योगेंद्र सिंह, बबली, मुकेश कुमार, चंद्रपाल, शशिबाला, अंजू सैनी, सोनवीर, मीनाक्षी, राजीव अहलावत आदि ने यजमान की भूमिका निभाई। इस मौके पर शिक्षामित्रों द्वारा प्रदेश सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए आयोजित यज्ञ में मुस्लिम शिक्षामित्रों ने भी आहुति दी। शिक्षामित्र इमरान व कौशर ने यजमान के रूप में बुद्धि-शुद्धि यज्ञ में आहूति दी।सुचित मलिक, अजय पाल सिंह, मोहम्मद वाईज, सुजीत तोमर, संजीव कुमार, भूपेंद्र सिंह, जयवीर, प्रदीप सिंह, जयनेंद्र सिंह ने विचार रखे। धरनास्थल पर हुई सभा का संचालन जिलाध्यक्ष सुधीर चौहान व ऐहतेशाम ने किया।
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वहीं धामपुर में भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 30 जुलाई रविवार को विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम सुनिश्चित किया गया था, लेकिन बीएलओ बने आंदोलित शिक्षामित्रों के कारण यह कार्यक्रम फ्लाप होकर रह गया है। अधिकांश बूथों पर बीएलओ नहीं पहुंच सके।
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धामपुर तहसील क्षेत्र में के चार ब्लाकों में करीब 788 बूथ है। इन सभी बूथों पर अधिकांश शिक्षक ही बीएलओ के रूप में मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत लगाए गए है।
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से 30 जुलाई रविवार को मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत विशेष अभियान था। इस अभियान के तहत सभी बीएलओ को बूथों पर सवेरे 10 बजे से शाम के चार तक उपस्थित रहकर बूथ क्षेत्र के लोगों की वोटों से संबंधित समस्या का निदान करना था, पर रविवार को शिक्षकों और शिक्षामित्रों के चल रहे आंदोलन के कारण अधिकांश बूथ सूने पड़े रहे। शिक्षक सौरभ चौधरी, जयवीर सिंह , करन सिंह, दिलावर सिंह आदि कहना है कि जब वे कोर्ट के फैैसले के बाद शिक्षक ही नहीं रहे हैं तो बीएलओ की ड्यूटी क्यों करें। जिसकी वजह से रविवार को लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं एसडीएम वीके सिंह का कहना है कि शिक्षामित्रों के आंदोलन के कारण अधिकांश बूथों पर बीएलओ नहीं पहुंचे। बूथों पर प्रशासन की ओर से शिक्षामित्रों और शिक्षकों को ही बीएलओ बना रखा है।