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कोरोना की दहशत से हो रहीं हैं नींदडू़ में ज्यादा मौतें: डा. मनीष
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नींदड़ू में कहर बनकर टूट रहा बुखार
बिजनौर, नींदडू। नींदडू़ में कोरोना और बुखार की दहशत से लोग परेशान हैं। पिछले तीन दिन में 11 लोगों की बुखार की चपेट में आकर मौत हो गई। यहां 13 दिनों में 34 लोगों की मौत हो चुकी है।
मोती मस्जिद मोहल्ले में शनिवार को रईस के एकमात्र पुत्र सादिक (27) की शनिवार की सवेरे मौत हो गई। वह बुखार से पीड़ित था। उसे इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। सर्वाधिक छह मौतें तीस अप्रैल को हुईं। इनमें रेशमा पत्नी हामिद (52), शाकिर धोबी (57), महर्रम अली उर्फ बुंदू (78), शहजा़द अहमद (45), हाजी अय्यूब (60) शामिल हैं। 21 अप्रैल को बुंदू तेली (46), टांडा वाल्मीकि में महिला (55) तथा हाजी बुंदू (65) की मृत्यु हुई। सादिक के अलावा बाकी लोगों की मौत नजला-जुकाम, रक्तचाप, शुगर व हृदयाघात से बताई जा रही है। ये लोग काफी समय से विभिन्न रोगों से पीड़ित चल रहे थे। हालांकि इन मौतों को स्वाभाविक बताया जा रहा है, किंतु नींदडू़ में पिछले 13 दिनों में 34 मौतें होने से लोगों में दहशत बनी हुई है।
तापमान बढ़ते ही मिल जाएगी वायरल बुखार से निजात
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धामपुर के चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा ने बताया कि जनपद में कोविड-19 के बढ़ते मरीज और इसके चलते होने वाली मौतों के बाद लोग दहशत में हैं। 50 वर्ष से ऊपर आयु के शारीरिक कमजोरी के रोगी ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बदलते मौसम में जीवाणु सशक्त हो जाते हैं। तेज गर्मी पड़ने पर ये मर जाएंगे, अगले 15 से 20 दिनों में आम आदमी को वायरल या मौसमी बुखार से निजात मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखने के लिए रोजाना सवेरे दो मिनट से आधा घंटा तक कपालभांति एवं अनुलोम-विलोम जैसे हल्के व्यायाम जरूरी है। इससे शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ रहा जा सकता है।
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बिजनौर, नींदडू। नींदडू़ में कोरोना और बुखार की दहशत से लोग परेशान हैं। पिछले तीन दिन में 11 लोगों की बुखार की चपेट में आकर मौत हो गई। यहां 13 दिनों में 34 लोगों की मौत हो चुकी है।
मोती मस्जिद मोहल्ले में शनिवार को रईस के एकमात्र पुत्र सादिक (27) की शनिवार की सवेरे मौत हो गई। वह बुखार से पीड़ित था। उसे इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। सर्वाधिक छह मौतें तीस अप्रैल को हुईं। इनमें रेशमा पत्नी हामिद (52), शाकिर धोबी (57), महर्रम अली उर्फ बुंदू (78), शहजा़द अहमद (45), हाजी अय्यूब (60) शामिल हैं। 21 अप्रैल को बुंदू तेली (46), टांडा वाल्मीकि में महिला (55) तथा हाजी बुंदू (65) की मृत्यु हुई। सादिक के अलावा बाकी लोगों की मौत नजला-जुकाम, रक्तचाप, शुगर व हृदयाघात से बताई जा रही है। ये लोग काफी समय से विभिन्न रोगों से पीड़ित चल रहे थे। हालांकि इन मौतों को स्वाभाविक बताया जा रहा है, किंतु नींदडू़ में पिछले 13 दिनों में 34 मौतें होने से लोगों में दहशत बनी हुई है।
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तापमान बढ़ते ही मिल जाएगी वायरल बुखार से निजात
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धामपुर के चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष राज शर्मा ने बताया कि जनपद में कोविड-19 के बढ़ते मरीज और इसके चलते होने वाली मौतों के बाद लोग दहशत में हैं। 50 वर्ष से ऊपर आयु के शारीरिक कमजोरी के रोगी ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बदलते मौसम में जीवाणु सशक्त हो जाते हैं। तेज गर्मी पड़ने पर ये मर जाएंगे, अगले 15 से 20 दिनों में आम आदमी को वायरल या मौसमी बुखार से निजात मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखने के लिए रोजाना सवेरे दो मिनट से आधा घंटा तक कपालभांति एवं अनुलोम-विलोम जैसे हल्के व्यायाम जरूरी है। इससे शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ रहा जा सकता है।
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