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Bijnor News: चिकित्सकों के आधे पद खाली, कैसे मिले उपचार
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बिजनौर। भले ही गांव देहात तक मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। मगर, हकीकत कहीं दूर है। जी हां, सीएचसी, पीएचसी पर चिकित्सकों की कमी चल रही है। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के आधे पद खाली पड़े हैं। ऐसे में मरीजों को सही उपचार की आस है।
जिलेभर की सीएचसी, पीएचसी पर चिकित्सकों के 216 पद स्वीकृत हैं। इनमें नियमित और संविदा दोनों तरह के पद शामिल हैं। नियमित चिकित्सकों के 162 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 72 चिकित्सक कार्यरत हैं। वहीं, संविदा पर एमबीबीएस के 28 पद स्वीकृत हैं और 27 डॉक्टर कार्यरत हैं।
वहीं, संविदा पर विशेषज्ञ चिकित्सकों के 24 पद हैं। इसके सापेक्ष 10 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के 107 पद खाली हैं। चिकित्सकों की कमी होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज निजी अस्पताल या बिजनौर मेडिकल कॉलेज की दौड़ लगा रहे हैं। चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को समय से इलाज की दरकार है।
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जिलेभर की सीएचसी, पीएचसी पर चिकित्सकों के 216 पद स्वीकृत हैं। इनमें नियमित और संविदा दोनों तरह के पद शामिल हैं। नियमित चिकित्सकों के 162 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 72 चिकित्सक कार्यरत हैं। वहीं, संविदा पर एमबीबीएस के 28 पद स्वीकृत हैं और 27 डॉक्टर कार्यरत हैं।
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वहीं, संविदा पर विशेषज्ञ चिकित्सकों के 24 पद हैं। इसके सापेक्ष 10 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों के 107 पद खाली हैं। चिकित्सकों की कमी होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज निजी अस्पताल या बिजनौर मेडिकल कॉलेज की दौड़ लगा रहे हैं। चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को समय से इलाज की दरकार है।
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