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रामगढ़ के जंगल में गुलदार की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:27 PM IST
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साहूवाला वन रेंज में मादा गुलदार के शव को देखते वनाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के बढ़ापुर में साहूवाला वन रेंज के तहत रामगढ़ के जंगल में वन विभाग के अथक प्रयासों के बाद भी एक मादा गुलदार को नहीं बचाया जा सका। बीमारी की चपेट में आकर लगभग दो वर्षीय मादा गुलदार की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे वनाधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का निरीक्षण किया। पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम ने गुलदार का परीक्षण किया।
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साहूवाला वन रेंज के तहत आने वाले रामगढ़ जंगल के कंपाट संख्या दो के आरक्षित वन की सीमा से सटे खादर के ग्राम मदपुरी के कुछ किसान अपनी कृषि भूमि पर डेरे बनाकर रहते हैं। मंगलवार की सुबह इन डेरों पर दो महिलाएं जंगल में गईं। महिलाओं को किसी जंगली जानवर के कराहने की आवाज सुनाई दी। महिलाओं ने इसकी जानकारी अपने डेरों पर पहुंचकर दी। डेरे के लोगों ने इस बाबत ग्राम मदपुरी निवासी चौकीदार कश्मीरा सिंह को जानकारी दी। चौकीदार ने इन लोगों के साथ मदपुरी स्थित वन चौकी जाकर चौकी पर तैनात वन रक्षक धीर सिंह को गुलदार के संबंध में जानकारी दी। वन रक्षक धीर सिंह चौकीदार कश्मीरा सिंह और इन ग्रामीणों को लेकर जंगल के बताए स्थान पर पहुंचे। गुलदार को वहां जंगल में बेचैनी की हालत में पड़े पाया। गुलदार कराह रहा था। वन रक्षक धीर सिंह ने इसकी सूचना साहूवाला रेंज कार्यालय पर दी । वन विभाग के उच्चाधिकारियों को इस बाबत बताया और अमानगढ़ रेंज से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा और नेट लेकर आने की पेशकश की। गुलदार का उपचार करने के लिए पशु चिकित्सक को भी बुलाने की तैयारियां की गईं। अमानगढ़ रेंज की रेस्क्यू टीम पिंजरा, नेट व पशु चिकित्सक को लेकर मौके पर पहुंची ही थी कि इससे पहले ही मादा गुलदार ने दम तोड़ दिया।
साहूवाला रेंज के वनक्षेत्राधिकारी बिरेंद्र सिंह रावत व बढ़ापुर रेंज के वनक्षेत्राधिकारी इरफान अली के मुताबिक मादा गुलदार के शरीर पर कहीं कोई चोट आदि का निशान नहीं है। उन्होंने ठंड की चपेट में आकर मादा गुलदार के मरने की आशंका जताईं है। वन प्रभाग नजीबाबाद के एसडीओ अखिलेश चंद्र मिश्रा, साहूवाला रेंज के वनक्षेत्राधिकारी बीरेंद्र सिंह रावत, बढ़ापुर रेंज के वनक्षेत्राधिकारी इरफान अली आदि वनाधिकारियों की मौजूदगी में पशु चिकित्सक कौशल किशोर रविंद्र कुमार व अशोक कुमार की टीम ने मादा गुलदार का अंतपरीक्षण किया। टीम ने अभी मादा गुलदार की मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया है। सूचना पर उत्तराखंड के कालागढ़ वनप्रभाग की सोना नदी रेंज के वनक्षेत्राधिकारी ने भी घटना स्थल पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।
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