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नांगलसोती और मंडालवी क्षेत्र के गांवों में दिख रहा गुलदार
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नांगलसोती/मंडावली (बिजनौर)। तहसील क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में गुलदार देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को गुलदार दिखने के साथ खेतों पर जानवरों के अवशेष भी मिल रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार पकड़ने के लिए में खेतों में पिंजरा लगाने की मांग की है।
नांगलसोती के गांव हरचंदपुर में बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने गन्ने के खेत में गुलदार देखा। ग्रामीण अरुण कुमार, हर्ष, अभिषेक, रामप्रसाद, अभिनव का कहना है कि वह हरचंदपुर में सरकारी नलकूप के समीप खेत में गन्ना भर रहे थे, उसी दौरान पास के खेत में गुलदार दिखाई दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाया और अन्य ग्रामीणों को सतर्क किया। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर गुलदार को वहां से भगाया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में गुलदार होने की सूचना से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीण अपने खेतों पर जाने से घबरा रहे हैं। इसके अलावा नांगलसोती समेत गांव शहजादपुर, सराय आलम, तिसोतरा और मंडावली क्षेत्र के गांव सैफाबाद, औरंगपुर बंसता व काशीरामपुर में भी आए दिन गुलदार देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासी दहशत में है।
उधर, सामाजिक वानिकी विभाग के वन दरोगा नितिश कुमार का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार होने की सूचना मिल रही है। गुलदार पकड़ने के लिए जल्द क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाएगा।
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ट्रांसमीटर परिसर में है गुलदार शावकों का बसेरा
नजीबाबाद। आकाशवाणी नजीबाबाद के कोटद्वार मार्ग स्थित ट्रांसमीटर परिसर में पिछले डेढ़ वर्ष से गुलदार के शावकों का बसेरा है। गुलदार के शावक ट्रांसमीटर परिसर में टहलते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रहे हैं। गांव समीपुर क्षेत्र में स्थित ट्रांसमीटर के पास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और गांव की आबादी है। ट्रांसमीटर के समीप से कई गांवों के लोगों का आवागमन रहता है। दो वर्ष पूर्व खेत में काम कर रहे किसानों पर आकाशवाणी ट्रांसमीटर के पास गुलदार हमला कर चुका है। आकाशवाणी के अधिकारियों के दबाव पर सामाजिक वानिकी ने दो माह पूर्व गुलदार के शावकों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया। एक माह तक पिंजरा रखा रहा, लेकिन वन विभाग ने पिंजरे में चारा लगाने की प्रबंध नहीं किया। गुलदार आज भी आकाशवाणी कर्मचारियों और क्षेत्रीय ग्रामीणों के लिए जानलेवा बने हुए हैं।
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नांगलसोती के गांव हरचंदपुर में बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने गन्ने के खेत में गुलदार देखा। ग्रामीण अरुण कुमार, हर्ष, अभिषेक, रामप्रसाद, अभिनव का कहना है कि वह हरचंदपुर में सरकारी नलकूप के समीप खेत में गन्ना भर रहे थे, उसी दौरान पास के खेत में गुलदार दिखाई दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाया और अन्य ग्रामीणों को सतर्क किया। ग्रामीणों ने एकत्रित होकर गुलदार को वहां से भगाया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में गुलदार होने की सूचना से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीण अपने खेतों पर जाने से घबरा रहे हैं। इसके अलावा नांगलसोती समेत गांव शहजादपुर, सराय आलम, तिसोतरा और मंडावली क्षेत्र के गांव सैफाबाद, औरंगपुर बंसता व काशीरामपुर में भी आए दिन गुलदार देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासी दहशत में है।
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उधर, सामाजिक वानिकी विभाग के वन दरोगा नितिश कुमार का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार होने की सूचना मिल रही है। गुलदार पकड़ने के लिए जल्द क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाएगा।
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ट्रांसमीटर परिसर में है गुलदार शावकों का बसेरा
नजीबाबाद। आकाशवाणी नजीबाबाद के कोटद्वार मार्ग स्थित ट्रांसमीटर परिसर में पिछले डेढ़ वर्ष से गुलदार के शावकों का बसेरा है। गुलदार के शावक ट्रांसमीटर परिसर में टहलते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रहे हैं। गांव समीपुर क्षेत्र में स्थित ट्रांसमीटर के पास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और गांव की आबादी है। ट्रांसमीटर के समीप से कई गांवों के लोगों का आवागमन रहता है। दो वर्ष पूर्व खेत में काम कर रहे किसानों पर आकाशवाणी ट्रांसमीटर के पास गुलदार हमला कर चुका है। आकाशवाणी के अधिकारियों के दबाव पर सामाजिक वानिकी ने दो माह पूर्व गुलदार के शावकों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया। एक माह तक पिंजरा रखा रहा, लेकिन वन विभाग ने पिंजरे में चारा लगाने की प्रबंध नहीं किया। गुलदार आज भी आकाशवाणी कर्मचारियों और क्षेत्रीय ग्रामीणों के लिए जानलेवा बने हुए हैं।