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जिले में पोपुलर की खेती की ओर बढ़ रहा किसानों का रुझान

Tue, 18 Jan 2022 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jan 2022 11:24 PM IST
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Growing trend towards popular cultivation in the district
बिजनौर में की जा रही गेंहू और पोपुलर की सहफसली खेती। - फोटो : BIJNOR
जिले में पोपुलर की खेती की ओर बढ़ रहा रुझान
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बिजनौर। पोपुलर की खेती किसानों को मुनाफा पहुंचा रही है। मुनाफा होने से जिले में इस बार पोपुलर की खेती का रुझान बढ़ता हुआ दिख रहा है। केवल 15 जनवरी तक ही जिले में पोपुलर की एक लाख से अधिक पौध बिक चुकी हैं। काफी किसान खेतों में पोपुलर बोने की तैयारी कर रहे हैं। पोपुलर को सहफसली खेती के रूप में अपनाया जा रहा है।
दो साल पहले कोरोना की शुरूआत के समय पोपुलर की लकड़ी के दाम 500 से घटकर 300 रुपये प्रति क्विंटल तक रह गए थे। पोपुलर की लकड़ी का बाजार हरियाणा में रहता है। वाहन न जाने से लकड़ी के दाम घट गए थे। लेकिन वर्तमान में पोपुलर की लकड़ी के दाम 900 से एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं। यह पोपुलर के लिए अब तक के सबसे महंगे दाम हैं। पोपुलर के दाम बढ़ने से किसानों का रुझान भी इसकी खेती की ओर अब पहले से ज्यादा है। पोपुलर की पौध बनाने वाली कंपनी विमको हर साल जिले में 50 से 60 हजार पौध तैयार करती थी। इस बार कंपनी ने दो लाख पौध तैयार की जिसमे से 70 हजार पौध 15 जनवरी तक बिक भी चुकी हैं।
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ऐसे होता है फायदा
एक बीघा जमीन में पोपुलर के 50 पौधे लगाए जाते हैं। इसका पेड़ छह साल में तैयार होता है। शुरूआत के दो साल में पोपुलर के साथ गन्ने की खेती और बाद के सालों में चारे, गेहूं व फूलों की खेती की जा सकती है। छह साल बाद एक पेड़ में पांच क्विंटल तक वजन निकलता है। वर्तमान कीमत के हिसाब से एक पेड़ साढ़े चार से पांच हजार रुपये तक का बिक सकता है। इस तरह 50 पेड़ की कीमत सवा दो लाख रुपये तक मिल सकती है।
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कई प्रजाति हैं पोपुलर की
गन्ने व बाकी फसलों की तरह पोपुलर भी अलग अलग प्रजाति में मिलता है। किसान पोपुलर की डब्ल्यूएसएल-81, 83, 110 और 112 वैरायटी बोते हैं। ये वैरायटी जमीन की प्रकृति के अनुसार बोई जाती हैं। इसकी पौध पूरी जनवरी व फरवरी बोई जाती हैं।

मुनाफे का सौदा है पोपुलर
विमको के जिला प्रबंधक डीपी सिंह के अनुसार इस बार पोपुलर की बिक्री बाकी सालों से ज्यादा है। किसानों के लिए पोपुलर की खेती मुनाफे का सौदा साबित हो रही है।
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