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औलाद की तरह पाला, पर विदा करने की तमन्ना पूरी नही कर सके
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नातिन विदा होने वाली थी, नाना ने तोड़ दिया दम
बढ़ापुर। बेटी की मौत के बाद नातिन को औलाद की तरह पालकर शादी करने के बाद उसकी विदाई की तमन्ना को नाना पूरी नहीं कर सका। एक तरफ नातिन की विदाई की तैयारी चल रही थी, तो दूसरी तरफ तबीयत बिगड़ने पर नाना ने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में शादी की खुशियां भी मातम में बदल गई।
कस्बा बढापुर के मोहल्ला बाजार में रहने वाले राशन विक्रेता लाला राजेंद्र गोयल शुक्रवार की रात अपनी नातिन शुभांगी की शादी थी। बारात धामपुर से आई थी और मेहमानों का स्वागत हो रहा था। बड़ा श्री शिव मंदिर धर्मशाला में चल रहे विवाह आयोजन में फेरों की तैयारी चल रही थी। उसी समय लाला राजेंद्र को सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वह आराम करने विवाह स्थल के सामने अपने घर चले गए। इस दौरान हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उनको देर रात ही उपचार के लिए नगीना ले गए, जहां चिकित्सक ने उनको मृत घोषित कर दिया। गमगीन माहौल में ही शादी की रस्म अदा करके उनकी नातिन शुभांगी को विदा किया गया। लाला राजेन्द्र गोयल के बेटे सुशील कुमार उर्फ बंटी की चार माह पूर्व ही मौत हो गई थी। एक बेटे सोनू गोयल की भी कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। राजेंद्र गोयल की बड़ी बेटी को करीब 20 वर्ष पूर्व उसके ससुराल वालों ने जलाकर मार डाला था। उसकी इकलौती बेटी शुभांगी गोयल को नाना राजेंद्र और उनका परिवार अपने घर ले आया था। राजेंद्र गोयल व उनके परिजनों ने शुभांगी की परवरिश की और उच्च शिक्षित किया। ननिहाल में नातिन को कभी मां-बाप की कमी महसूस नहीं होने दी।
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बढ़ापुर। बेटी की मौत के बाद नातिन को औलाद की तरह पालकर शादी करने के बाद उसकी विदाई की तमन्ना को नाना पूरी नहीं कर सका। एक तरफ नातिन की विदाई की तैयारी चल रही थी, तो दूसरी तरफ तबीयत बिगड़ने पर नाना ने दम तोड़ दिया। इससे परिवार में शादी की खुशियां भी मातम में बदल गई।
कस्बा बढापुर के मोहल्ला बाजार में रहने वाले राशन विक्रेता लाला राजेंद्र गोयल शुक्रवार की रात अपनी नातिन शुभांगी की शादी थी। बारात धामपुर से आई थी और मेहमानों का स्वागत हो रहा था। बड़ा श्री शिव मंदिर धर्मशाला में चल रहे विवाह आयोजन में फेरों की तैयारी चल रही थी। उसी समय लाला राजेंद्र को सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वह आराम करने विवाह स्थल के सामने अपने घर चले गए। इस दौरान हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उनको देर रात ही उपचार के लिए नगीना ले गए, जहां चिकित्सक ने उनको मृत घोषित कर दिया। गमगीन माहौल में ही शादी की रस्म अदा करके उनकी नातिन शुभांगी को विदा किया गया। लाला राजेन्द्र गोयल के बेटे सुशील कुमार उर्फ बंटी की चार माह पूर्व ही मौत हो गई थी। एक बेटे सोनू गोयल की भी कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। राजेंद्र गोयल की बड़ी बेटी को करीब 20 वर्ष पूर्व उसके ससुराल वालों ने जलाकर मार डाला था। उसकी इकलौती बेटी शुभांगी गोयल को नाना राजेंद्र और उनका परिवार अपने घर ले आया था। राजेंद्र गोयल व उनके परिजनों ने शुभांगी की परवरिश की और उच्च शिक्षित किया। ननिहाल में नातिन को कभी मां-बाप की कमी महसूस नहीं होने दी।
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