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तैयार अस्पताल को शीघ्र चालू कराए सरकार
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तैयार अस्पताल को शीघ्र चालू कराए सरकार
धामपुर। क्षेत्रवासियों ने धामपुर में करीब 37 करोड़ की लागत से तैयार कोविड-19 अस्पताल को प्रदेश के सीएम से अविलंब चालू कराने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि अस्पताल भवन पिछले कई साल से बना तैयार खड़ा है, पर अभी तक इसके चालू न होने से कोरोना संक्रमित लोगों को उपचार कराने में दिक्कत आ रही है। जिले में स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं वर्तमान में बद से बदतर है। यदि ऐसे में इस कोविड-19 अस्पताल को जल्द चालू कर दिया जाए तो क्षेत्र के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
अस्पताल चालू हो जाता तो भटकना न पड़े
क्षेत्र के प्रदीप कुमार का कहना है कि अब तक सरकार को इस अस्पताल को चालू कर देना चाहिए था। लेटलतीफी क्षेत्रवासियों के लिए जोखिम पूर्ण बनी है। यदि ये अस्पताल चालू हो जाता तो वर्तमान में मरीजों को उपचार के लिए भटकने की आवश्यकता न पड़ती। सभी का यहां पर ही बेहतर उपचार होता।
सरकार के पास कोई ठोस रणनीति नहीं
गांव हर्रा निवासी अनुज कुमार का कहना है कि इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अफसरों की काफी ढिलाई रही है। इस अस्पताल को चालू कराने के लिए कोई ठोस रणनीति ही नहीं बनाई। यदि बनी होती तो यह अस्पताल आज क्षेत्र की जनता के लिए वरदान के रूप में साबित होता।
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सरकार ने दायित्व ही नहीं समझा
गांव सरकड़ा चकराजमल निवासी नृपेंद्र शर्मा का कहना है कि भाजपा के राज में सरकारी संस्थाओं संसाधनों का अनदेखी के साथ-साथ दुरुपयोग हुआ है। धामपुर में आधा दर्जन से अधिक राजकीय इंटर कॉलेज और पालिटेक्निक कॉलेजों व ट्रामा सेंटर का भवन बना पड़ा है। शासन ने इनको जनता के हित में चलाना अपना दायित्व नहीं समझा है।
सरकार की छवि खराब करने वालों पर होगी कार्रवाई
धामपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक अशोक राणा का कहना है कि विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अफसर सरकार की छवि को खराब करने में लगे हैं। विधायक ने भरोसा दिया कि धामपुर में जो सौ बेड का अस्पताल भवन बना है कि वह जल्दी चालू होगा।
इस सरकार ने कुछ नहीं किया
प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री मूलचंद चौहान का कहना है कि भाजपा के राज में कथनी-करनी में बहुत ऐसा असमानता है। सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह से फेल है। अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए जनता को भटकाने का प्रयास कर रही है। कई स्कूल-कालेजों को बनवाया, पर सरकार व जनप्रतिनिधि अभी तक किसी को भी चालू नहीं करा सकें है। जो जनता के लिए दुर्भाग्य की बात है।
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धामपुर। क्षेत्रवासियों ने धामपुर में करीब 37 करोड़ की लागत से तैयार कोविड-19 अस्पताल को प्रदेश के सीएम से अविलंब चालू कराने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि अस्पताल भवन पिछले कई साल से बना तैयार खड़ा है, पर अभी तक इसके चालू न होने से कोरोना संक्रमित लोगों को उपचार कराने में दिक्कत आ रही है। जिले में स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं वर्तमान में बद से बदतर है। यदि ऐसे में इस कोविड-19 अस्पताल को जल्द चालू कर दिया जाए तो क्षेत्र के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
अस्पताल चालू हो जाता तो भटकना न पड़े
क्षेत्र के प्रदीप कुमार का कहना है कि अब तक सरकार को इस अस्पताल को चालू कर देना चाहिए था। लेटलतीफी क्षेत्रवासियों के लिए जोखिम पूर्ण बनी है। यदि ये अस्पताल चालू हो जाता तो वर्तमान में मरीजों को उपचार के लिए भटकने की आवश्यकता न पड़ती। सभी का यहां पर ही बेहतर उपचार होता।
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सरकार के पास कोई ठोस रणनीति नहीं
गांव हर्रा निवासी अनुज कुमार का कहना है कि इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अफसरों की काफी ढिलाई रही है। इस अस्पताल को चालू कराने के लिए कोई ठोस रणनीति ही नहीं बनाई। यदि बनी होती तो यह अस्पताल आज क्षेत्र की जनता के लिए वरदान के रूप में साबित होता।
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सरकार ने दायित्व ही नहीं समझा
गांव सरकड़ा चकराजमल निवासी नृपेंद्र शर्मा का कहना है कि भाजपा के राज में सरकारी संस्थाओं संसाधनों का अनदेखी के साथ-साथ दुरुपयोग हुआ है। धामपुर में आधा दर्जन से अधिक राजकीय इंटर कॉलेज और पालिटेक्निक कॉलेजों व ट्रामा सेंटर का भवन बना पड़ा है। शासन ने इनको जनता के हित में चलाना अपना दायित्व नहीं समझा है।
सरकार की छवि खराब करने वालों पर होगी कार्रवाई
धामपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक अशोक राणा का कहना है कि विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक अफसर सरकार की छवि को खराब करने में लगे हैं। विधायक ने भरोसा दिया कि धामपुर में जो सौ बेड का अस्पताल भवन बना है कि वह जल्दी चालू होगा।
इस सरकार ने कुछ नहीं किया
प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री मूलचंद चौहान का कहना है कि भाजपा के राज में कथनी-करनी में बहुत ऐसा असमानता है। सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह से फेल है। अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए जनता को भटकाने का प्रयास कर रही है। कई स्कूल-कालेजों को बनवाया, पर सरकार व जनप्रतिनिधि अभी तक किसी को भी चालू नहीं करा सकें है। जो जनता के लिए दुर्भाग्य की बात है।