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Bijnor News: भारत सरकार तैयार कराएगी पूरे जिले का मास्टर प्लान
Thu, 08 Jun 2023 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:18 AM IST
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- पांचों तहसील के विनियमित क्षेत्र अमृत महायोजना में शामिल
- सैटेइलाइट से तैयार सर्वे होगा, खींचा जाएगा नया खाका
- मास्टर प्लान से नियोजित विकास को मिलेगा बढ़ावा
फोटो समाचार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। अब बिजनौर शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले का मास्टर प्लान भारत सरकार तैयार कराएगी। पांचों तहसील मुख्यालय के विनियमित क्षेत्र को अमृत महायोजना फेज टू में शामिल कर लिया गया है। इसकी फाइलें तैयार की जा रही हैं और जल्द ही केंद्र सरकार को भेज दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही भारत सरकार की टीम सैटेलाइट सर्वे कराकर सभी विनियमित क्षेत्र में मास्टर प्लान तैयार करेगी। इसके बाद जिला मुख्यालय समेत पांचों विनियमित क्षेत्र में नियोजित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
सबसे पहले बात जिला मुख्यालय की करें तो यहां पर बना मास्टर प्लान बहुत पुराना हो चुका है। करीब दस साल से नए मास्टर प्लान का इंतजार यहां पर चल रहा है और करीब दो साल से कभी सर्वे तो कभी पत्र भेजने का काम चल रहा था। नजीबाबाद, नगीना में तो मास्टर प्लान लागू ही नहीं हुआ। धामपुर में मास्टर प्लान काफी पुराना है। हाल ही में जिला मुख्यालय पर हुई विनियमित क्षेत्र की बैठक में बताया गया कि अब स्थानीय स्तर पर मास्टर प्लान तैयार नहीं होगा। साथ ही क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के साथ भी मास्टर प्लान में छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। क्योंकि अमृत महायोजना के फेज टू में इसके लिए पहले सैटेलाइट सर्वे होगा, उसी से भू-उपयोग भी तय होगा।
सैटेलाइट के माध्यम से सर्वे होगा, जिसमें यह तय किया जाएगा कि कहां ग्रीन बेल्ट रखनी है और कहां पार्क आदि रखना है। बता दें कि बिजनौर के पुराने मास्टर प्लान से अलग करीब 38 हजार बीघा जमीन का सर्वे किए जाने की उम्मीद है। अमृत महायोजना के तहत बनने वाले मास्टर प्लान में शहर के बाहर बनी कई कॉलोनियों को कानूनी मान्यता मिल सकती है। (संवाद)
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बिजनौर का मास्टर प्लान 2031 तक का होगा
नए सिरे से वर्ष 2031 तक का मास्टर प्लान बनाने की योजना है। नए मास्टर प्लान के लिए के बाहर क्षेत्रों का सर्वे होना है। इसमें करीब 3200 हेक्टेयर जमीन शामिल की जा सकती है। सेटेलाइट और अन्य तमाम तकनीक के जरिये सर्वे कर एक नया नक्शा बनाया जाएगा।
नए सिरे से होगा ग्रीन बेल्ट का निर्धारण
नए मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट का निर्धारण भी नए सिरे से होने की उम्मीद हैं। ऐसे में जहां कई भू-माफिया जो कृषि भूमि पर कॉलोनी काटने की प्लानिंग कर रहे हैं, उनकी मंशा धरी की धरी रह सकती है। वहीं, बन चुकी कॉलोनी को रेग्लुलाइज कराना मजबूरी हो जाएगा।
नगीना में अभी तक लागू ही नहीं मास्टर प्लान
विनियमित क्षेत्र के कर्मचारियों का कहना है कि अभी नगीना में मास्टर प्लान लागू नहीं है। 2003 में इसके लिए सर्वे हुआ था, लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी थी। 2023 में फिर सर्वे होने की संभावना है। अभी फिलहाल बिना मास्टर प्लान के ही नक्शे पास हो रहे हैं।
धामपुर में 2006 में लागू हुआ था मास्टर प्लान
विनियमित क्षेत्र में मास्टर प्लान 2006 में लागू हुआ था। जो 2021 तक के लिए लागू किया गया था। हालांकि इसकी अवधि खत्म हो गई है। फिर वर्तमान में इसी प्लान से सामान्य तौर पर काम किया जा रहा है। नए मास्टर प्लान सर्वे होना प्रस्तावित है।
चांदपुर में 1995 में बना था मास्टर प्लान
चांदपुर तहसील के विनयमित क्षेत्र का मास्टर प्लान सात अप्रैल 1995 को बना था। उपजिलाधिकारी/ नियत प्राधिकारी विनयमित क्षेत्र रितु रानी ने बताया कि राज्य सरकार की जारी अधिसूचना के अनुसार तहसील के विनयमित क्षेत्र का प्लान सात अप्रैल 1995 को बना था। मास्टर प्लान में शहर सहित 36 गांवों को शामिल किया गया था। उस समय के मास्टर प्लान के अनुसार ही काम चल रहा है।
नजीबाबाद में भी आज तक नहीं बना मास्टर प्लान
विनियमित क्षेत्र नजीबाबाद में मास्टर प्लान लागू नहीं है। करीब ढ़ाई दशक पूर्व विनियमित क्षेत्र का कार्यकाल शुरू हुआ था। काफी समय पहले मास्टर प्लान के लिए सर्वे अवश्य हुआ था, लेकिन मास्टर प्लान की प्रक्रिया शासन स्तर पर किस स्तर पर है। किसी को जानकारी नहीं है।
यह होंगे मास्टर प्लान के फायदे
- कॉलोनाइजर को पहले नक्शा पास कराना होगा।
- कॉलोनी में निर्धारित सड़क, पार्क, बिजली की सुविधा देनी होगी।
- मकान नक्शा पास होने के बाद ही बनेंगे, जो वैध होंगे।
- जमीनों के सर्किल रेट नए सिरे से तय हो सकते हैं।
- कॉलोनाइजर खरीदारों से आसानी से धोखाधड़ी नहीं कर पाएंगे।
किसेे होगा नुकसान
- अवैध कॉलोनी बनाना मुश्किल हो जाएगा।
- कृषि भूमि, कॉमर्शियल भूमि पर आवासीय कॉलोनी नहीं बनेगी।
- प्लाटिंग और कॉलोनी के नाम पर धोखाधड़ी घटेंगी
-- -- -- - कोट
विनियमित क्षेत्र का मास्टर प्लान अब अमृत महायोजना के फेज टू में शामिल हो गया है। वहां की टीम ही इसके लिए सर्वे करेगी और मास्टर प्लान तैयार करेगी। इसके आम लोगों को भी फायदा होगा। सैटेलाइट सहित कई नई तकनीक के माध्यम से सटीक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
- उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर
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- सैटेइलाइट से तैयार सर्वे होगा, खींचा जाएगा नया खाका
- मास्टर प्लान से नियोजित विकास को मिलेगा बढ़ावा
फोटो समाचार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। अब बिजनौर शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले का मास्टर प्लान भारत सरकार तैयार कराएगी। पांचों तहसील मुख्यालय के विनियमित क्षेत्र को अमृत महायोजना फेज टू में शामिल कर लिया गया है। इसकी फाइलें तैयार की जा रही हैं और जल्द ही केंद्र सरकार को भेज दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही भारत सरकार की टीम सैटेलाइट सर्वे कराकर सभी विनियमित क्षेत्र में मास्टर प्लान तैयार करेगी। इसके बाद जिला मुख्यालय समेत पांचों विनियमित क्षेत्र में नियोजित विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
सबसे पहले बात जिला मुख्यालय की करें तो यहां पर बना मास्टर प्लान बहुत पुराना हो चुका है। करीब दस साल से नए मास्टर प्लान का इंतजार यहां पर चल रहा है और करीब दो साल से कभी सर्वे तो कभी पत्र भेजने का काम चल रहा था। नजीबाबाद, नगीना में तो मास्टर प्लान लागू ही नहीं हुआ। धामपुर में मास्टर प्लान काफी पुराना है। हाल ही में जिला मुख्यालय पर हुई विनियमित क्षेत्र की बैठक में बताया गया कि अब स्थानीय स्तर पर मास्टर प्लान तैयार नहीं होगा। साथ ही क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के साथ भी मास्टर प्लान में छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। क्योंकि अमृत महायोजना के फेज टू में इसके लिए पहले सैटेलाइट सर्वे होगा, उसी से भू-उपयोग भी तय होगा।
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सैटेलाइट के माध्यम से सर्वे होगा, जिसमें यह तय किया जाएगा कि कहां ग्रीन बेल्ट रखनी है और कहां पार्क आदि रखना है। बता दें कि बिजनौर के पुराने मास्टर प्लान से अलग करीब 38 हजार बीघा जमीन का सर्वे किए जाने की उम्मीद है। अमृत महायोजना के तहत बनने वाले मास्टर प्लान में शहर के बाहर बनी कई कॉलोनियों को कानूनी मान्यता मिल सकती है। (संवाद)
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बिजनौर का मास्टर प्लान 2031 तक का होगा
नए सिरे से वर्ष 2031 तक का मास्टर प्लान बनाने की योजना है। नए मास्टर प्लान के लिए के बाहर क्षेत्रों का सर्वे होना है। इसमें करीब 3200 हेक्टेयर जमीन शामिल की जा सकती है। सेटेलाइट और अन्य तमाम तकनीक के जरिये सर्वे कर एक नया नक्शा बनाया जाएगा।
नए सिरे से होगा ग्रीन बेल्ट का निर्धारण
नए मास्टर प्लान में ग्रीन बेल्ट का निर्धारण भी नए सिरे से होने की उम्मीद हैं। ऐसे में जहां कई भू-माफिया जो कृषि भूमि पर कॉलोनी काटने की प्लानिंग कर रहे हैं, उनकी मंशा धरी की धरी रह सकती है। वहीं, बन चुकी कॉलोनी को रेग्लुलाइज कराना मजबूरी हो जाएगा।
नगीना में अभी तक लागू ही नहीं मास्टर प्लान
विनियमित क्षेत्र के कर्मचारियों का कहना है कि अभी नगीना में मास्टर प्लान लागू नहीं है। 2003 में इसके लिए सर्वे हुआ था, लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी थी। 2023 में फिर सर्वे होने की संभावना है। अभी फिलहाल बिना मास्टर प्लान के ही नक्शे पास हो रहे हैं।
धामपुर में 2006 में लागू हुआ था मास्टर प्लान
विनियमित क्षेत्र में मास्टर प्लान 2006 में लागू हुआ था। जो 2021 तक के लिए लागू किया गया था। हालांकि इसकी अवधि खत्म हो गई है। फिर वर्तमान में इसी प्लान से सामान्य तौर पर काम किया जा रहा है। नए मास्टर प्लान सर्वे होना प्रस्तावित है।
चांदपुर में 1995 में बना था मास्टर प्लान
चांदपुर तहसील के विनयमित क्षेत्र का मास्टर प्लान सात अप्रैल 1995 को बना था। उपजिलाधिकारी/ नियत प्राधिकारी विनयमित क्षेत्र रितु रानी ने बताया कि राज्य सरकार की जारी अधिसूचना के अनुसार तहसील के विनयमित क्षेत्र का प्लान सात अप्रैल 1995 को बना था। मास्टर प्लान में शहर सहित 36 गांवों को शामिल किया गया था। उस समय के मास्टर प्लान के अनुसार ही काम चल रहा है।
नजीबाबाद में भी आज तक नहीं बना मास्टर प्लान
विनियमित क्षेत्र नजीबाबाद में मास्टर प्लान लागू नहीं है। करीब ढ़ाई दशक पूर्व विनियमित क्षेत्र का कार्यकाल शुरू हुआ था। काफी समय पहले मास्टर प्लान के लिए सर्वे अवश्य हुआ था, लेकिन मास्टर प्लान की प्रक्रिया शासन स्तर पर किस स्तर पर है। किसी को जानकारी नहीं है।
यह होंगे मास्टर प्लान के फायदे
- कॉलोनाइजर को पहले नक्शा पास कराना होगा।
- कॉलोनी में निर्धारित सड़क, पार्क, बिजली की सुविधा देनी होगी।
- मकान नक्शा पास होने के बाद ही बनेंगे, जो वैध होंगे।
- जमीनों के सर्किल रेट नए सिरे से तय हो सकते हैं।
- कॉलोनाइजर खरीदारों से आसानी से धोखाधड़ी नहीं कर पाएंगे।
किसेे होगा नुकसान
- अवैध कॉलोनी बनाना मुश्किल हो जाएगा।
- कृषि भूमि, कॉमर्शियल भूमि पर आवासीय कॉलोनी नहीं बनेगी।
- प्लाटिंग और कॉलोनी के नाम पर धोखाधड़ी घटेंगी
विनियमित क्षेत्र का मास्टर प्लान अब अमृत महायोजना के फेज टू में शामिल हो गया है। वहां की टीम ही इसके लिए सर्वे करेगी और मास्टर प्लान तैयार करेगी। इसके आम लोगों को भी फायदा होगा। सैटेलाइट सहित कई नई तकनीक के माध्यम से सटीक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
- उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर