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‘किसान विरोधी है सरकार’
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‘किसान विरोधी है सरकार’
नजीबाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न करने से किसान गुस्से में हैं। किसानों का कहना है कि किसानों की आमदनी दोगुनी करने के झूठे वादे करने वाली प्रदेश और केंद्र सरकार किसान विरोधी है।
जनता से झूठ बोलने की नीति छोड़नी होगी
भारतीय किसान यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष चौ. बलराम सिंह का कहना है कि सरकार को किसानों और जनता से झूठ बोलने की नीति छोड़नी होगी। दोगुनी आमदनी कराने वाली सरकार को कृषि लागत पर महंगाई की मार से सरोकार नहीं है। सरकार धर्म की राजनीति से किसानों को अब गुमराह नहीं कर सकती।
किसानों को तोड़ दी कमर
भाकियू अंबावत के जिलाध्यक्ष चौधरी विजय सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य न बढ़ाकर आर्थिक संकटों से जूझ रहे किसानों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर विरोधी सरकार को अब सबक सीखाने का समय आ गया है।
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चीनी और गुड़ का मूल्य करना होगा निर्धारित
ग्राम पंचायत बिजौरी के प्रधान एवं किसान हरप्रीत सिंह संधू का कहना है कि सरकार को चीनी और गुड़ का मूल्य निर्धारित करना होगा। पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर किसानों से धान खरीदनी होगी। क्षेत्र में सैलर को बढ़ावा देना होगा तथा चीनी और गन्ने के मूल्य में संतुलन बनाना होगा। अन्यथा किसान गर्त में चला जाएगा।
सरकार ने आर्थिक संकट को बढ़ावा दिया
गांव जट्टीवाला निवासी किसान सरदार सतविंदर सिंह पोप का कहना है कि सरकार ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न कर किसानों की रीढ़ तोड़ दी है। बीज, खाद, बिजली तथा कृषि उपज पर बढ़ती लागत के प्रति सरकार उदासीन है। गन्ना मूल्य न बढ़ाकर किसानों को सरकार ने आर्थिक संकटों को बढ़ावा दिया है।
किसानों के कैसे आएंगे अच्छे दिन
पूर्व प्रधान एवं किसान नेता सरदार इकबाल सिंह का कहना है कि महंगाई के दलदल में फंसे किसानों के अच्छे दिन आखिर कैसे आएंगे। दोगुना आमदनी बढ़ाने वाली सरकार एक ओर गन्ना मूल्य बढ़ाने, डीजल, बिजली आदि के दामों पर अंकुश के प्रति उदासीन है, वहीं किसानों को पराली जलाने के नाम पर जेल में डाल रही है। किसानों को अब जागना होगा।
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नजीबाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न करने से किसान गुस्से में हैं। किसानों का कहना है कि किसानों की आमदनी दोगुनी करने के झूठे वादे करने वाली प्रदेश और केंद्र सरकार किसान विरोधी है।
जनता से झूठ बोलने की नीति छोड़नी होगी
भारतीय किसान यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष चौ. बलराम सिंह का कहना है कि सरकार को किसानों और जनता से झूठ बोलने की नीति छोड़नी होगी। दोगुनी आमदनी कराने वाली सरकार को कृषि लागत पर महंगाई की मार से सरोकार नहीं है। सरकार धर्म की राजनीति से किसानों को अब गुमराह नहीं कर सकती।
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किसानों को तोड़ दी कमर
भाकियू अंबावत के जिलाध्यक्ष चौधरी विजय सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य न बढ़ाकर आर्थिक संकटों से जूझ रहे किसानों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर विरोधी सरकार को अब सबक सीखाने का समय आ गया है।
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चीनी और गुड़ का मूल्य करना होगा निर्धारित
ग्राम पंचायत बिजौरी के प्रधान एवं किसान हरप्रीत सिंह संधू का कहना है कि सरकार को चीनी और गुड़ का मूल्य निर्धारित करना होगा। पंजाब और हरियाणा की तर्ज पर किसानों से धान खरीदनी होगी। क्षेत्र में सैलर को बढ़ावा देना होगा तथा चीनी और गन्ने के मूल्य में संतुलन बनाना होगा। अन्यथा किसान गर्त में चला जाएगा।
सरकार ने आर्थिक संकट को बढ़ावा दिया
गांव जट्टीवाला निवासी किसान सरदार सतविंदर सिंह पोप का कहना है कि सरकार ने गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न कर किसानों की रीढ़ तोड़ दी है। बीज, खाद, बिजली तथा कृषि उपज पर बढ़ती लागत के प्रति सरकार उदासीन है। गन्ना मूल्य न बढ़ाकर किसानों को सरकार ने आर्थिक संकटों को बढ़ावा दिया है।
किसानों के कैसे आएंगे अच्छे दिन
पूर्व प्रधान एवं किसान नेता सरदार इकबाल सिंह का कहना है कि महंगाई के दलदल में फंसे किसानों के अच्छे दिन आखिर कैसे आएंगे। दोगुना आमदनी बढ़ाने वाली सरकार एक ओर गन्ना मूल्य बढ़ाने, डीजल, बिजली आदि के दामों पर अंकुश के प्रति उदासीन है, वहीं किसानों को पराली जलाने के नाम पर जेल में डाल रही है। किसानों को अब जागना होगा।