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ठंड में सरकारी कंबल से नहीं कटती रात
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ठंड में सरकारी कंबल से नहीं कटती रात
बिजनौर। जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को मामूली से सरकारी कंबलों से रात काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। बहुत हल्के कंबल सर्दी को झेल नहीं पाते हैं। इस कारण लोगों को अपने स्तर पर ही रजाई की व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ता है। अफसरों के अनुसार शासन से ऐसे ही कंबल आते हैं, जो सभी वार्डों में उपलब्ध हैं।
लगभग एक माह से सर्दी का सितम जारी है। वर्तमान में पड़ रही भीषण सर्दी के कारण जनमानस परेशान है। ऐसे में सांस, छाती आदि रोगों से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को सर्दी से बचाने के लिए बहुत हल्के मामूली से कंबल हैं। ऐसे में एक तो बीमारी ऊपर से सर्दी के मारे मरीजों की हालत खराब रहती है। अमर उजाला की टीम ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर इसकी पड़ताल की। भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत की। इस दौरान जनरल वार्ड में भर्ती नजीबाबाद के मोहल्ला पठानपुरा निवासी आसमां, रावटी की अमलेश ने बताया कि उनके पित्त में पथरी की समस्या है। वे पिछले छह दिन से भर्ती हैं। चिकित्सकों ने उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी है। चिकित्सकों ने उन्हें कुछ जांच बाहर से कराने की बात कही है। इसके अलावा वहां पर अन्य व्यवस्थाएं तो ठीक हैं, लेकिन सर्दी से बचने के लिए मामूली से लाल कंबल दिए हुए हैं।
‘सर्दी दूर नहीं होती है, इसलिए नहीं लिया’
गांव झलरा की रहने वाली बच्चा वार्ड में भर्ती रानी के परिजनों ने बताया कि उसे सीने में दर्द की समस्या होने पर उन्होंने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अन्य मरीजों की तरह सर्दी से बचाव के लिए सरकारी कंबल दिया गया। इससे सर्दी दूर न होने के कारण उन्होंने नहीं लिया।
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खुद की रजाई की व्यवस्था
गांव पल्लावाला निवासी 70 वर्षीय मो. मुस्तफा अहमद ने बताया कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है। पांच दिन से वे जिला अस्पताल के भर्ती हैं। कंबल से सर्दी दूर न होने के कारण उन्होंने स्वयं ही रजाई की व्यवस्था की।
‘अस्पताल में सभी मूलभूत सुविधाएं हैं उपलब्ध’
सीएमएस ज्ञानचंद ने बताया कि फिलहाल जिला अस्पताल में मरीजों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो कंबल शासन से मिले हुए हैं वे ही सभी मरीजों को दिए हुए हैं।
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बिजनौर। जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को मामूली से सरकारी कंबलों से रात काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। बहुत हल्के कंबल सर्दी को झेल नहीं पाते हैं। इस कारण लोगों को अपने स्तर पर ही रजाई की व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ता है। अफसरों के अनुसार शासन से ऐसे ही कंबल आते हैं, जो सभी वार्डों में उपलब्ध हैं।
लगभग एक माह से सर्दी का सितम जारी है। वर्तमान में पड़ रही भीषण सर्दी के कारण जनमानस परेशान है। ऐसे में सांस, छाती आदि रोगों से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को सर्दी से बचाने के लिए बहुत हल्के मामूली से कंबल हैं। ऐसे में एक तो बीमारी ऊपर से सर्दी के मारे मरीजों की हालत खराब रहती है। अमर उजाला की टीम ने जिला अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर इसकी पड़ताल की। भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत की। इस दौरान जनरल वार्ड में भर्ती नजीबाबाद के मोहल्ला पठानपुरा निवासी आसमां, रावटी की अमलेश ने बताया कि उनके पित्त में पथरी की समस्या है। वे पिछले छह दिन से भर्ती हैं। चिकित्सकों ने उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी है। चिकित्सकों ने उन्हें कुछ जांच बाहर से कराने की बात कही है। इसके अलावा वहां पर अन्य व्यवस्थाएं तो ठीक हैं, लेकिन सर्दी से बचने के लिए मामूली से लाल कंबल दिए हुए हैं।
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‘सर्दी दूर नहीं होती है, इसलिए नहीं लिया’
गांव झलरा की रहने वाली बच्चा वार्ड में भर्ती रानी के परिजनों ने बताया कि उसे सीने में दर्द की समस्या होने पर उन्होंने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अन्य मरीजों की तरह सर्दी से बचाव के लिए सरकारी कंबल दिया गया। इससे सर्दी दूर न होने के कारण उन्होंने नहीं लिया।
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खुद की रजाई की व्यवस्था
गांव पल्लावाला निवासी 70 वर्षीय मो. मुस्तफा अहमद ने बताया कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है। पांच दिन से वे जिला अस्पताल के भर्ती हैं। कंबल से सर्दी दूर न होने के कारण उन्होंने स्वयं ही रजाई की व्यवस्था की।
‘अस्पताल में सभी मूलभूत सुविधाएं हैं उपलब्ध’
सीएमएस ज्ञानचंद ने बताया कि फिलहाल जिला अस्पताल में मरीजों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो कंबल शासन से मिले हुए हैं वे ही सभी मरीजों को दिए हुए हैं।