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अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की होगी जांच
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अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की होगी जांच
बिजनौर। शासन की अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। शासन ने विद्यालयों से शिक्षकों की रिक्तियां, भवन स्थिति, विद्यालय कोष, कराए गए विकास कार्यों समेत एक दर्जन से अधिक विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।
शासन शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली रोकने की कोशिशों में लगा है। इसके लिए माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के मूल अभिलेखों की जांच कराई गई थी। अब शासन ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से मौलिक रिक्तियां की जानकारी मांगी है। साथ ही विद्यालय के भवन बाउंड्री, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की जानकारी देने को कहा है। शासन ने विद्यालय की विकास निधि, आय व व्यय का विवरण, विद्यालयों की कुल संपत्ति, वर्षवार कराए गए विकास कार्यों का विवरण आदि भी तलब किया है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि मांगी जानकारी बोर्ड की वेबसाइट upmsp,edu,in पर नौ जुलाई तक अपलोड कर दें। सूचनाओं में गड़बड़ी मिलने पर प्रधानाचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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बिजनौर। शासन की अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। शासन ने विद्यालयों से शिक्षकों की रिक्तियां, भवन स्थिति, विद्यालय कोष, कराए गए विकास कार्यों समेत एक दर्जन से अधिक विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।
शासन शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली रोकने की कोशिशों में लगा है। इसके लिए माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के मूल अभिलेखों की जांच कराई गई थी। अब शासन ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से मौलिक रिक्तियां की जानकारी मांगी है। साथ ही विद्यालय के भवन बाउंड्री, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की जानकारी देने को कहा है। शासन ने विद्यालय की विकास निधि, आय व व्यय का विवरण, विद्यालयों की कुल संपत्ति, वर्षवार कराए गए विकास कार्यों का विवरण आदि भी तलब किया है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि मांगी जानकारी बोर्ड की वेबसाइट upmsp,edu,in पर नौ जुलाई तक अपलोड कर दें। सूचनाओं में गड़बड़ी मिलने पर प्रधानाचार्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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