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गैंगस्टर कोर्ट ने व्यवसायी अरुण कबाड़ी को भेजा जेल
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गैंगस्टर कोर्ट ने व्यवसायी अरुण कबाड़ी को भेजा जेल
बिजनौर। गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश एडीजे डॉ. विजय कुमार ने शहर के प्रमुख व्यवसायी में गिने जाने वाले अरुण कबाड़ी को जेल भेज दिया है। अरुण कबाड़ी ने गैंगस्टर कोर्ट में चल रहे मुकदमे में कोर्ट में पेश होकर उसके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को निरस्त करने को प्रार्थना पत्र दिया था। गैंगस्टर कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को खारिज कर अरुण कबाड़ी को जेल भेज दिया।
व्यवसायी अरुण कबाड़ी निवासी ग्राम आदमपुर पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा 2017 से विचाराधीन है। काफी दिनों से अरुण कबाड़ी गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए थे। जिसके कारण न्यायालय ने अरुण कबाड़ी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। गैर जमानती वारंट को निरस्त कराने के लिए अरुण कबाड़ी न्यायालय में पेश हुए और प्रार्थनापत्र देकर वारंट निरस्त करने के लिए प्रार्थना की। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया और अरुण कबाड़ी को जेल भेज दिया। अरुण कबाड़ी की ओर से जमानत का प्रार्थना पत्र लगाया गया, जिस पर न्यायालय ने 9 जून की तारीख सुनवाई के लिए नियत की है। बता दें कि अरुण कबाड़ी को पेदा कांड में जेल जाना पड़ा था।
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बिजनौर। गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश एडीजे डॉ. विजय कुमार ने शहर के प्रमुख व्यवसायी में गिने जाने वाले अरुण कबाड़ी को जेल भेज दिया है। अरुण कबाड़ी ने गैंगस्टर कोर्ट में चल रहे मुकदमे में कोर्ट में पेश होकर उसके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को निरस्त करने को प्रार्थना पत्र दिया था। गैंगस्टर कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को खारिज कर अरुण कबाड़ी को जेल भेज दिया।
व्यवसायी अरुण कबाड़ी निवासी ग्राम आदमपुर पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा 2017 से विचाराधीन है। काफी दिनों से अरुण कबाड़ी गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए थे। जिसके कारण न्यायालय ने अरुण कबाड़ी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। गैर जमानती वारंट को निरस्त कराने के लिए अरुण कबाड़ी न्यायालय में पेश हुए और प्रार्थनापत्र देकर वारंट निरस्त करने के लिए प्रार्थना की। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया और अरुण कबाड़ी को जेल भेज दिया। अरुण कबाड़ी की ओर से जमानत का प्रार्थना पत्र लगाया गया, जिस पर न्यायालय ने 9 जून की तारीख सुनवाई के लिए नियत की है। बता दें कि अरुण कबाड़ी को पेदा कांड में जेल जाना पड़ा था।
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