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Bijnor: गंगा की लहरों ने तोड़ दी उम्मीद, हिम्मत से बांध रहे तटबंध, ग्रामीण बोले-किसी को पता नहीं, क्या करें?

Tue, 09 Sep 2025 12:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Tue, 09 Sep 2025 12:04 AM IST
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Ganga's waves broke all hope, embankments are being built with courage
बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध का कटान करती गंगा और उसे रोकने के लिए बल्लियां लेकर जाते ग्रामी

बिजनौर। दो दिन से रावली-बैराज तटबंध पर कटान चल रहा है। सोमवार दोपहर काम कर रहे ग्रामीण और मजदूरों की उम्मीद भी तटबंध की गिरती ढांग के साथ टूटती दिखी। ऐसे में कुछ लोग हिम्मत दिखाते हुए लगातार गंगा में रेत से भरे बोरे, पत्थर ओर पेड़ डालने में लगे हुए थे।

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सोमवार की दोपहर करीब दो बजे रिपोर्टिंग टीम रावली से करीब दो किमी दूर उस जगह पर पहुंची, जहां गंगा कटान कर रही थी। वहां पर ट्रैक्टर ट्राॅली एक ओर खड़ी थी और खाली डंपर भी खड़े थे। दिनभर काम करके थके मजदूर खाना खा रहे थे। वह केवल एक ही बात कह रहे थे, 250 से ज्यादा पेड़ काटकर डाल दिए, लेकिन कटान है कि बढ़ता ही जा रहा है।
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इसके बाद आगे बढ़े तो तटबंध पर रस्सियों से बंधे पेड़ गंगा में डाले हुए दिखे। गंगा की लहरें तटबंध से टकराकर भंवर बना रही थी। सामने ही सामने कई मीटर तटबंध की मिट्टी इन भंवर के साथ बह गई। बीच में तटबंध इस हालत में भी नहीं था कि वहां जेसीबी और डंपर आ सके। वहां मजदूर और ग्रामीण हाथों से ही जाल और पेड़ डालने में जुटे दिखे। 

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ग्रामीण बोले, किसी को पता नहीं, क्या करना है
तटबंध पर सोमवार की दोपहर ग्रामीण सिंचाई विभाग के अफसरों से पूछते नजर आए कि तटबंध रोकने क्या योजना है, लेकिन किसी के पास कोई ठोस जवाब नहीं था। ग्रामीणों का आरोप था कि समय रहते पर्याप्त इंतजाम नहीं हुए, इसलिए यह हालात बने हैं। शुरुआत में ही टीम को लगाना था।

38 घंटे तक दिन रात तटबंध को बचाने के लिए हुआ काम, नहीं थमा कटान
बिजनौर बैराज से रावली गांव तक तटबंध पर तारकोल की सड़क बनी हुई है। अब करीब एक किलोमीटर की दूरी में तटबंध कटान की जद में है। रविवार की शाम तक यह सड़क आधी कट चुकी थी। सोमवार की दोपहर तक यह तटबंध समेत यह सड़क गंगा में समा गई। कुछ जगहों पर तटबंध का इतना ही हिस्सा बचा है कि केवल एक ही आदमी पैदल निकल सकता है। जिसके चलते उक्त जगहों पर जेसीबी और डंपर भी जाना बंद हो गया। 38 घंटे से इस पर काम चल रहा है, पर हालात नहीं सुधरे।

बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध का कटान करती गंगा और उसे रोकने के लिए बल्लियां लेकर जाते ग्रामी

पानी के रिसते ही बंद कराया भारी ट्रैफिक
सोमवार की दोपहर करीब दो बजे तटबंध पर एक जगह गंगा पानी रिसता हुआ नजर आया तो टूटने की आहट होते ही मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर बस और ट्रकों का संचालन बंद कराया गया। पुलिस ने बैरियर लगाकर वाहनों का संचालन रोक दिया। क्योंकि अगर तटबंध टूटता है तो गंगा का पानी सीधे हाईवे पर आएगा।

आसपास के गांव में अनाउंस कराकर किया सतर्क
रविवार की रात ही प्रशासन के नुमाइंदों ने खादर के गांव में पहुंचकर मस्जिदों और मंदिरों के लाउडस्पीकर से अनाउंस कराया। सोमवार को ग्राम प्रधाना और शिक्षकों के माध्यम से लोगों को सख्त चेतावनी दी गई कि पानी भरा तो मुसीबत हो जाएगी।

-तटबंध की तलहटी में बसे गांव में लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू किया
कोई पेड़ काटने में लगा है तो कोई पेड़ को उठाकर तटबंध के कटान वाली जगह पर डाल रहा है। कोई मिट्टी के कट्टे भरने में तो कोई उन्हें उठाकर गंगा में डालने पर। करीब एक हजार ग्रामीण और मजदूर डटे रहे।

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