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Bijnor News: गंगा के उफान ने रोक दिया तटबंध बनाने का काम
Wed, 28 Jun 2023 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 28 Jun 2023 12:13 AM IST
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- खादर के 12 गांवों को बाढ़ और कटान से बचाने के लिए 63 करोड़ से होना था निर्माण
- अभी तक तीस फीसदी काम ही हो सका, अब जलस्तर कम होने पर होगा शुरू
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही 63 करोड़ की परियोजना गंगा खादर में धरातल पर उतरी है, लेकिन इस बरसात में भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं लग रही है। दरअसल, अब गंगा में आए उफान के चलते स्टड बनाने का काम फिलहाल थम गया है। जलस्तर कम होने के बाद ही निर्माण फिर से चालू हो सकेगा।
लंबी जद्दोजहद के बाद इस साल गंगा खादर में बसे गांव गौसपुर, सुक्खापुर, सीमली, फतेहपुर सभाचंद, कोहरपुर, राजारामपुर डैबलगढ़ की सुरक्षा के लिए 63 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली। बजट मिलते ही करीब दो महीना पहले स्टड बनाने का काम चालू कर दिया गया था। करीब तीस फीसदी काम हो चुका है, इसी बीच अब पिछले दिनों हुई बारिश से गंगा के जलस्तर में इजाफा हो गया। गंगा में उफान आया तो स्टड बनाने का काम रोक दिया गया।
फतेहपुर सभाचंद गांव के सामने गंगा में कटान रोकने के लिए अस्थायी तौर पर पिलर खड़े करते हुए उनके बीच में पेड़ों की शाखाओं को रखा गया है। अगर काम समय से पूरा हो जाता तो ये स्टड पत्थर से बन जाते। बता दें कि पहाड़ से निकलकर गंगा बिजनौर से ही मैदानी इलाके में प्रवेश करती है। बालावाली से रावली तक गंगा की धारा गहराई में बहती है। ऐसे में हर साल हजारों बीघा जमीन का कटान हो जाता है। बरसात आते ही खादर के लोगों को डर सताने लगता है।
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बनाए जा रहे हैं पत्थर के तटबंध
गंगा की धारा गहराई में होने की वजह से तटबंध का निर्माण तो नहीं किया जा सकता है। ऐसे में परियोजना के तहत पत्थर के तटबंध और परक्यूपाइन स्टड बनाए जा रहे हैं। अब उफान के चलते इनका काम भी थम गया है। बता दें कि गौसपुर गांव के सामने डेढ़ किलोमीटर लंबा स्टड बन रहा है। गंगा की तेज धारा के चलते कई साल पहले फतेहपुर सभाचंद, सीमला, सीमली, कुंदनपीर टीप गांव गंगा में समा में चुके हैं। अब ये गांव दूसरी जगहों पर बसे हुए हैं।
वर्जन:::
फिलहाल गंगा में उफान के चलते काम रोका गया है। पानी कम होते ही जल्द ही फिर से चालू कर दिया जाएगा। अब तक परियोजना का तीस फीसदी काम पूरा हो चुका है - राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता, अफजलगढ़ सिंचाई खंड
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- अभी तक तीस फीसदी काम ही हो सका, अब जलस्तर कम होने पर होगा शुरू
फोटो समाचार
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बिजनौर। भले ही 63 करोड़ की परियोजना गंगा खादर में धरातल पर उतरी है, लेकिन इस बरसात में भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं लग रही है। दरअसल, अब गंगा में आए उफान के चलते स्टड बनाने का काम फिलहाल थम गया है। जलस्तर कम होने के बाद ही निर्माण फिर से चालू हो सकेगा।
लंबी जद्दोजहद के बाद इस साल गंगा खादर में बसे गांव गौसपुर, सुक्खापुर, सीमली, फतेहपुर सभाचंद, कोहरपुर, राजारामपुर डैबलगढ़ की सुरक्षा के लिए 63 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली। बजट मिलते ही करीब दो महीना पहले स्टड बनाने का काम चालू कर दिया गया था। करीब तीस फीसदी काम हो चुका है, इसी बीच अब पिछले दिनों हुई बारिश से गंगा के जलस्तर में इजाफा हो गया। गंगा में उफान आया तो स्टड बनाने का काम रोक दिया गया।
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फतेहपुर सभाचंद गांव के सामने गंगा में कटान रोकने के लिए अस्थायी तौर पर पिलर खड़े करते हुए उनके बीच में पेड़ों की शाखाओं को रखा गया है। अगर काम समय से पूरा हो जाता तो ये स्टड पत्थर से बन जाते। बता दें कि पहाड़ से निकलकर गंगा बिजनौर से ही मैदानी इलाके में प्रवेश करती है। बालावाली से रावली तक गंगा की धारा गहराई में बहती है। ऐसे में हर साल हजारों बीघा जमीन का कटान हो जाता है। बरसात आते ही खादर के लोगों को डर सताने लगता है।
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बनाए जा रहे हैं पत्थर के तटबंध
गंगा की धारा गहराई में होने की वजह से तटबंध का निर्माण तो नहीं किया जा सकता है। ऐसे में परियोजना के तहत पत्थर के तटबंध और परक्यूपाइन स्टड बनाए जा रहे हैं। अब उफान के चलते इनका काम भी थम गया है। बता दें कि गौसपुर गांव के सामने डेढ़ किलोमीटर लंबा स्टड बन रहा है। गंगा की तेज धारा के चलते कई साल पहले फतेहपुर सभाचंद, सीमला, सीमली, कुंदनपीर टीप गांव गंगा में समा में चुके हैं। अब ये गांव दूसरी जगहों पर बसे हुए हैं।
वर्जन:::
फिलहाल गंगा में उफान के चलते काम रोका गया है। पानी कम होते ही जल्द ही फिर से चालू कर दिया जाएगा। अब तक परियोजना का तीस फीसदी काम पूरा हो चुका है - राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता, अफजलगढ़ सिंचाई खंड