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गंगा की धारा निगल गई सौ बीघा फसल
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 02 Sep 2015 11:54 PM IST
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मंडावर। गंगा में जलस्तर कम होने के बाद अब उसकी तेज धारा तबाही मचा रही है। फतेहपुर गांव में सौ बीघा से भी ज्यादा गन्ना गंगा की धारा के साथ बह गया है। धारा की रफ्तार इतनी तेज है कि भूमि कटाव रोकने के लिए चार माह पहले बनाया गया स्टड भी क्षतिग्रस्त हो चुका है।
गंगा किनारे के गांव फतेहपुर के साथ सबसे ज्यादा भूमि कटाव हो रहा है। पिछले तीन से चार दिनों में गन्ने की फसल गंगा में समा चुकी है। किसान अपने खेतों से अपरिपक्व फसल को ही काटकर जमीन खाली करने में लगे हुए हैं। जिससे गन्ने की फसल को चारे के दाम पर बेचकर कम से कम कुछ तो बचा पाए। फतेहपुर से गंगा की धारा केवल सौ मीटर दूर रह गई है।
करीब पंद्रह सौ की आबादी वाले पूरे गांव में खलबली मची हुई है। शौपाल सिंह, अनिल, राम अवतार सिंह, लोकेश आदि के अनुसार स्टड गंगा की धारा को नहीं मोड़ पाया है। पानी की टक्कर से स्टड भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। सैकड़ों बीघा गन्ने की फसल और जमीन गंगा में समा गई है।
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प्रशासन को भूमि कटाव की सूचना दी गई है, लेकिन कोई भी वहां नहीं आ रहा है। गांव में अब मकानों को बचाना भी मुश्किल हो गया है।
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गंगा किनारे के गांव फतेहपुर के साथ सबसे ज्यादा भूमि कटाव हो रहा है। पिछले तीन से चार दिनों में गन्ने की फसल गंगा में समा चुकी है। किसान अपने खेतों से अपरिपक्व फसल को ही काटकर जमीन खाली करने में लगे हुए हैं। जिससे गन्ने की फसल को चारे के दाम पर बेचकर कम से कम कुछ तो बचा पाए। फतेहपुर से गंगा की धारा केवल सौ मीटर दूर रह गई है।
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करीब पंद्रह सौ की आबादी वाले पूरे गांव में खलबली मची हुई है। शौपाल सिंह, अनिल, राम अवतार सिंह, लोकेश आदि के अनुसार स्टड गंगा की धारा को नहीं मोड़ पाया है। पानी की टक्कर से स्टड भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। सैकड़ों बीघा गन्ने की फसल और जमीन गंगा में समा गई है।
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प्रशासन को भूमि कटाव की सूचना दी गई है, लेकिन कोई भी वहां नहीं आ रहा है। गांव में अब मकानों को बचाना भी मुश्किल हो गया है।