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खेल किट की जांच पड़ताल शुरू
Thu, 16 May 2019 12:02 AM IST
NAVEEN GUPTA
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Thu, 16 May 2019 12:02 AM IST
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खेल सामान का बिल।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में खेल किट के नाम पर हो रहे खेल की जांच पड़ताल शुरू हो गई। खेल के नाम पर घटिया सामग्री स्कूलों में भेजने के मामले में अब बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर सख्त हुए हैं। बीएसए ने जिले के सभी बीईओ को खरीदी गई खेल सामग्री के बिलों की छाया प्रति जमा करने के निर्देश दिए हैं। जांच में जिले के कई बीईओ भी संदेह के घेरे में हैं।
जिले के सभी परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए खेल सामान खरीदा जाना था। प्राइमरी स्कूलों में पांच-पांच हजार रुपये तथा सभी जूनियर हाई स्कूलों में 10-10 हजार रुपये का खेल का सामान खरीदा जाना था। मगर, ब्लॉक स्तर पर बीईओ द्वारा खेल किट के नाम से स्कूलों में सामान भिजवाना शुरू कर दिया। काफी संख्या में स्कूलों में खेल का सामान भेजा गया है। जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव ने स्कूलों में भेजी जा रही खेल किट की जांच कराने की मांग की थी। संघ के पदाधिकारियों का आरोप था कि खेल किट में घटिया सामग्री भेजी जा रही है। बीईओ अपनी चहेती फर्मों से सामान स्कूलों में जबरन डलवा रहे है। जिला प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी बीईओ से स्कूलों में खरीदे गए खेल सामान के बिलों की छाया प्रति कार्यालय को उपलब्घ कराने के निर्देश दिए है। अमर उजाला द्वारा खेल किट का मामला उठाने से अब बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों में भी खलबली मची है।
नूरपुर में बिलों पर भेजा जा रहा खेल का सामान
विकास क्षेत्र नूरपुर के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में खेल किट में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। एक फर्म द्वारा न्याय पंचायत पैजनिया व नायक नंगला के करीब तीन दर्जन स्कूलों में खेल किट डाली गई है। फर्म द्वारा जिन स्कूलों में खेल किट डाली जा रही है, उन स्कूलों के दिए जा रहे बिलों में खेल के सामान तक की एंट्री नहीं है। बिल पर मात्र खेल का सामान स्पोर्ट्स किट लिख कर पांच हजार तथा 10 हजार अंकित किया गया है। स्कूलों के शिक्षक चुप्पी साधे हैं। गांव पडिया व जमालपुर किरत के स्कूलों में भी ऐसे ही बिल शिक्षकों को दिए गए हैं। शिक्षक बताते हैं कि बीईओ के चहेते कई संकुल प्रभारी भी खेल किट के खेल में शामिल बताए जाते हैं।
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ब्लॉक स्तर पर बैठकों का दौर हुआ शुरू
खेल किट को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने संकुल प्रभारियों की बैठक लेकर फिर से निर्देश देने शुरू कर दिए है। बुधवार को सभी विकास क्षेत्रों के बीईओ खेल किट को लेकर शिक्षकों से बिलों की छाया प्रति जमा करने को कहते रहे। खेल सामान में हुई गड़बड़ी से कई पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
1.64 करोड़ से खरीदा जाना था खेल सामान
जिले में 1756 प्राथमिक तथा 765 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन सभी स्कूलों में खेल का सामान खरीदा जाना है। खेल सामान के लिए जिले के स्कूलों में 1.64 करोड़ रुपये शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। सभी प्राथमिक विद्यालयों में पांच-पांच हजार तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 10-10 हजार भेजे गए थे।
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जिले के सभी परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए खेल सामान खरीदा जाना था। प्राइमरी स्कूलों में पांच-पांच हजार रुपये तथा सभी जूनियर हाई स्कूलों में 10-10 हजार रुपये का खेल का सामान खरीदा जाना था। मगर, ब्लॉक स्तर पर बीईओ द्वारा खेल किट के नाम से स्कूलों में सामान भिजवाना शुरू कर दिया। काफी संख्या में स्कूलों में खेल का सामान भेजा गया है। जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव ने स्कूलों में भेजी जा रही खेल किट की जांच कराने की मांग की थी। संघ के पदाधिकारियों का आरोप था कि खेल किट में घटिया सामग्री भेजी जा रही है। बीईओ अपनी चहेती फर्मों से सामान स्कूलों में जबरन डलवा रहे है। जिला प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। बीएसए महेश चंद्र ने जिले के सभी बीईओ से स्कूलों में खरीदे गए खेल सामान के बिलों की छाया प्रति कार्यालय को उपलब्घ कराने के निर्देश दिए है। अमर उजाला द्वारा खेल किट का मामला उठाने से अब बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों में भी खलबली मची है।
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नूरपुर में बिलों पर भेजा जा रहा खेल का सामान
विकास क्षेत्र नूरपुर के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में खेल किट में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। एक फर्म द्वारा न्याय पंचायत पैजनिया व नायक नंगला के करीब तीन दर्जन स्कूलों में खेल किट डाली गई है। फर्म द्वारा जिन स्कूलों में खेल किट डाली जा रही है, उन स्कूलों के दिए जा रहे बिलों में खेल के सामान तक की एंट्री नहीं है। बिल पर मात्र खेल का सामान स्पोर्ट्स किट लिख कर पांच हजार तथा 10 हजार अंकित किया गया है। स्कूलों के शिक्षक चुप्पी साधे हैं। गांव पडिया व जमालपुर किरत के स्कूलों में भी ऐसे ही बिल शिक्षकों को दिए गए हैं। शिक्षक बताते हैं कि बीईओ के चहेते कई संकुल प्रभारी भी खेल किट के खेल में शामिल बताए जाते हैं।
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ब्लॉक स्तर पर बैठकों का दौर हुआ शुरू
खेल किट को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने संकुल प्रभारियों की बैठक लेकर फिर से निर्देश देने शुरू कर दिए है। बुधवार को सभी विकास क्षेत्रों के बीईओ खेल किट को लेकर शिक्षकों से बिलों की छाया प्रति जमा करने को कहते रहे। खेल सामान में हुई गड़बड़ी से कई पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
1.64 करोड़ से खरीदा जाना था खेल सामान
जिले में 1756 प्राथमिक तथा 765 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इन सभी स्कूलों में खेल का सामान खरीदा जाना है। खेल सामान के लिए जिले के स्कूलों में 1.64 करोड़ रुपये शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। सभी प्राथमिक विद्यालयों में पांच-पांच हजार तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 10-10 हजार भेजे गए थे।