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पढ़ाई से लेकर परीक्षा तक की व्यवस्था होगी समयबद्ध
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पढ़ाई से लेकर परीक्षा तक की व्यवस्था होगी समयबद्ध
बिजनौर। शासन माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई से परीक्षा तक की व्यवस्था समयबद्ध बनाने में लगा है। इसके लिए माध्यमिक विद्यालयों का शैक्षिक कलेंडर तैयार है। शासन के आला अधिकारियों ने मंडल व जिलों के शिक्षा अधिकारियों से कलेंडर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से चर्चा की है। अधिकारियों को सुधार के लिए सुझाव एक सप्ताह में देने को कहा गया है।
शासन माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए लगातार फैसले ले रहा है। कोरोना प्रकोप के कारण शैक्षिक परिस्थिति बदली है। इसलिए शासन ने माध्यमिक विद्यालयों के लिए पढ़ाई से लेकर परीक्षा तक के लिए बदली परिस्थितियों के अनुसार शैक्षिक कलेंडर तैयार किया है। विद्यालयों में आनलाइन पढ़ाई 20 मई से चल रही है। कालेज छात्रों के व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर पढ़ा रहे हैं। कलेंडर में पहली बार त्रैमासिक परीक्षा की व्यवस्था की गई है। त्रैमासिक, अर्द्ध वार्षिक, प्री-बोर्ड परीक्षा कराने के साथ कक्षा नौ व 11 की गृह परीक्षा के आयोजन का समय तय कर दिया है। खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बारे में भी निर्देश दिए हैं।
डीआईओएस कार्यालय के अनुसार शैक्षिक कलेंडर के क्रियान्वयन को अंतिम रूप देने के लिए मंथन चल रहा है। कलेंडर में शिक्षण व्यवस्था सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं। परिस्थितियों के अनुसार बदलाव होगा। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि शासन से अगले सप्ताह शैक्षिक कलेंडर आने की संभावना है।
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शैक्षिक कलेंडर के दस प्रमुख बिंदु
- प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आंतरिक मूल्यांकन का समय तय।
- त्रैमासिक परीक्षा की व्यवस्था।
- छात्रों का पाठ्यक्रम समाप्त करने का समय निश्चित।
- हाईस्कूल व इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा का समय फाइनल।
- त्रैमासिक, अर्द्ध वार्षिक तथा प्री-बोर्ड परीक्षा समेत गृह परीक्षाओं के आयोजन का समय तय।
- हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड परीक्षा मार्च में किया जाना तय।
- मासिक परीक्षा की प्रक्रिया के बारे में दिशा निर्देश तय।
- मासिक परीक्षा से लेकर सभी परीक्षा के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने का समय निश्चित।
- छात्रों की मासिक प्रगति आंकलन के लिए तय किए निर्देश।
- पढ़ाई के साथ खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों के कार्यक्रम आयोजन को प्राथमिकता।
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बिजनौर। शासन माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई से परीक्षा तक की व्यवस्था समयबद्ध बनाने में लगा है। इसके लिए माध्यमिक विद्यालयों का शैक्षिक कलेंडर तैयार है। शासन के आला अधिकारियों ने मंडल व जिलों के शिक्षा अधिकारियों से कलेंडर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से चर्चा की है। अधिकारियों को सुधार के लिए सुझाव एक सप्ताह में देने को कहा गया है।
शासन माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए लगातार फैसले ले रहा है। कोरोना प्रकोप के कारण शैक्षिक परिस्थिति बदली है। इसलिए शासन ने माध्यमिक विद्यालयों के लिए पढ़ाई से लेकर परीक्षा तक के लिए बदली परिस्थितियों के अनुसार शैक्षिक कलेंडर तैयार किया है। विद्यालयों में आनलाइन पढ़ाई 20 मई से चल रही है। कालेज छात्रों के व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर पढ़ा रहे हैं। कलेंडर में पहली बार त्रैमासिक परीक्षा की व्यवस्था की गई है। त्रैमासिक, अर्द्ध वार्षिक, प्री-बोर्ड परीक्षा कराने के साथ कक्षा नौ व 11 की गृह परीक्षा के आयोजन का समय तय कर दिया है। खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बारे में भी निर्देश दिए हैं।
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डीआईओएस कार्यालय के अनुसार शैक्षिक कलेंडर के क्रियान्वयन को अंतिम रूप देने के लिए मंथन चल रहा है। कलेंडर में शिक्षण व्यवस्था सुधार के लिए कदम उठाए गए हैं। परिस्थितियों के अनुसार बदलाव होगा। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि शासन से अगले सप्ताह शैक्षिक कलेंडर आने की संभावना है।
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शैक्षिक कलेंडर के दस प्रमुख बिंदु
- प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आंतरिक मूल्यांकन का समय तय।
- त्रैमासिक परीक्षा की व्यवस्था।
- छात्रों का पाठ्यक्रम समाप्त करने का समय निश्चित।
- हाईस्कूल व इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा का समय फाइनल।
- त्रैमासिक, अर्द्ध वार्षिक तथा प्री-बोर्ड परीक्षा समेत गृह परीक्षाओं के आयोजन का समय तय।
- हाईस्कूल व इंटर की बोर्ड परीक्षा मार्च में किया जाना तय।
- मासिक परीक्षा की प्रक्रिया के बारे में दिशा निर्देश तय।
- मासिक परीक्षा से लेकर सभी परीक्षा के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने का समय निश्चित।
- छात्रों की मासिक प्रगति आंकलन के लिए तय किए निर्देश।
- पढ़ाई के साथ खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों के कार्यक्रम आयोजन को प्राथमिकता।