{"_id":"6980ee24bc3414fc3c0d3f05","slug":"four-wetlands-of-the-district-will-be-developed-nakowali-lake-will-get-recognition-bijnor-news-c-27-1-smrt1004-171495-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: जिले के चार वेटलैंड होंगे विकसित, नाकोवाली झील को मिलेगी पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: जिले के चार वेटलैंड होंगे विकसित, नाकोवाली झील को मिलेगी पहचान
विज्ञापन
-वेटलैंड डे पर वन अफसरों की घोषणा, प्रस्ताव तैयार करने में जुटी टीमसंवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सोमवार को जिलेभर में वेटलैंड डे मनाया गया। इस मौके पर वन विभाग ने जहां बर्ड वॉचिंग कराई। वहीं जिले के चार वेटलैंड को विकसित करने का संकल्प भी लिया। इसमें चांदपुर क्षेत्र के नारनौर में नाकोवाली झील को देश के पर्यटन के मानचित्र पर जगह दिलाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
जिले में यूं तो वेटलैंड की संख्या 200 से ज्यादा है। कुछ माह पहले ही सैटेलाइट सर्वे रिपोर्ट भी भेजी गई थी। इसमें से बिजनौर गंगा बैराज पर रावली तटबंध के किनारे को पहले ही विकसित करने के लिए काम किया जा रहा है। इसके अलावा अब पीलीडैम और हरेवली बैराज को भी पर्यटन से जोड़ने पर काम शुरू कर दिया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था और अमानगढ़ जंगल सफारी में इसे शामिल करने की तैयारी चल रही है। सबसे नया वेटलैंड चांदपुर क्षेत्र की नाकोवाली झील के रूप में तलाशा गया। पिछले छह माह में इसे तलाश यहां पर्यटन की संभावनाओं पर भी काम चल रहा है।
एक जिला एक वेटलैंड में शामिल नाकोवाली झील
डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने बताया कि नाकोवाली झील पर इस समय 15 से 20 हजार के बीच पक्षी होंगे। यह 15 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यहां पर 200 से ज्यादा प्रजाति के पक्षी होने की उम्मीद है। पास में ही गंगा है, इस कारण इस पूरे क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों की महफिल सजी हुई है। इस वेटलैंड को वन विभाग ने एक जिला एक वेटलैंड योजना में शामिल किया है। शासन को इसे विकसित करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
रामसर साइट का दर्जा दिलाने का होगा प्रयास
डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने बताया कि इस वेटलैंड पर पानी की स्थिरता की निगरानी की जा रह है। रामसर साइट घोषित कराने के लिए जो मानक चाहिए, उसका सर्वे चल रहा है। उम्मीद है कि यह वेटलैंड सभी मानक पूरे कर लेगा। इसके बाद इसका प्रस्ताव अगले साल रामसर साइट के लिए शासन को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
बिजनौर। सोमवार को जिलेभर में वेटलैंड डे मनाया गया। इस मौके पर वन विभाग ने जहां बर्ड वॉचिंग कराई। वहीं जिले के चार वेटलैंड को विकसित करने का संकल्प भी लिया। इसमें चांदपुर क्षेत्र के नारनौर में नाकोवाली झील को देश के पर्यटन के मानचित्र पर जगह दिलाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
जिले में यूं तो वेटलैंड की संख्या 200 से ज्यादा है। कुछ माह पहले ही सैटेलाइट सर्वे रिपोर्ट भी भेजी गई थी। इसमें से बिजनौर गंगा बैराज पर रावली तटबंध के किनारे को पहले ही विकसित करने के लिए काम किया जा रहा है। इसके अलावा अब पीलीडैम और हरेवली बैराज को भी पर्यटन से जोड़ने पर काम शुरू कर दिया गया है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था और अमानगढ़ जंगल सफारी में इसे शामिल करने की तैयारी चल रही है। सबसे नया वेटलैंड चांदपुर क्षेत्र की नाकोवाली झील के रूप में तलाशा गया। पिछले छह माह में इसे तलाश यहां पर्यटन की संभावनाओं पर भी काम चल रहा है।
विज्ञापन
एक जिला एक वेटलैंड में शामिल नाकोवाली झील
डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने बताया कि नाकोवाली झील पर इस समय 15 से 20 हजार के बीच पक्षी होंगे। यह 15 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यहां पर 200 से ज्यादा प्रजाति के पक्षी होने की उम्मीद है। पास में ही गंगा है, इस कारण इस पूरे क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों की महफिल सजी हुई है। इस वेटलैंड को वन विभाग ने एक जिला एक वेटलैंड योजना में शामिल किया है। शासन को इसे विकसित करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
रामसर साइट का दर्जा दिलाने का होगा प्रयास
डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने बताया कि इस वेटलैंड पर पानी की स्थिरता की निगरानी की जा रह है। रामसर साइट घोषित कराने के लिए जो मानक चाहिए, उसका सर्वे चल रहा है। उम्मीद है कि यह वेटलैंड सभी मानक पूरे कर लेगा। इसके बाद इसका प्रस्ताव अगले साल रामसर साइट के लिए शासन को भेजा जाएगा।