फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Four died and lives up the fever of death

मौत का बुखार ः दम तोड़ गई चार और जिंदगियां

Fri, 30 Sep 2016 01:27 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो
अमर उजाला/ब्यूरो Updated Fri, 30 Sep 2016 01:27 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर जिले में जानलेवा बुखार का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुखार से जूझ रहे चार और मरीजों ने दम तोड़ दिया है। गंज क्षेत्र में दो मरीजों की मौत हुई, जबकि मंडावर में एक महिला और मेवानवादा में एक ग्रामीण की जान चली गई। अब तक बुखार से मरने वालों की संख्या करीब 54 हो चुकी है। दूसरी ओर, विभाग बुखार से 20 मौतों को ही मान रहा है।
विज्ञापन

गंज निवासी आशुतोष अग्रवाल (50) का दिल्ली के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। वहां उसे बचाया नहीं जा सका। इसके अलावा इसी क्षेत्र के ओमप्रकाश सिंह के 23 वर्षीय बेटे नरेश प्रजापति को भी बुखार के कारण गंभीर हालत में जौली ग्रांट ले जाया जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही उसकी जान चली गई। परिजनों ने बताया कि आशुतोष को करीब दस दिन पहले बुखार आया था। उनका इलाज गंज स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। एक सप्ताह पहले जब उनकी हालत ज्यादा बिगड़ी तो परिजनों ने दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। वहां जांच में मरीज को डेंगू बताया गया था। नरेश को 15 दिन पहले बुखार आया था। नरेश ने पहले तो गंज में ही निजी चिकित्सक को दिखाया। उनके बाद नरेश ने अपना इलाज मेरठ में निजी चिकित्सक से कराया। मेरठ में जब उसकी हालत खराब हुई तो चिकित्सकों ने उसको जौलीग्रांट दिखाने के लिए कहा। परिजन जब बुधवार को उसको घर से जौलीग्रांट ले जा रहे थे तो रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इससे पहले गांव फरीदपुर भोगन में मुहियुद्दीन व अफजाल की भी बुखार के चलते मौत हो चुकी है। इसके अलावा मंडावर के मौहल्ला बंजारान निवासी अख्तर की पत्नी शदीकन (65) पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी। उसका उपचार मंडावर में ही एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। मंगलवार को परिजनों ने उसको बिजनौर के एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। बुधवार रात उसकी मौत हो गई। सीएचसी पर रोजाना बुखार के करीब 150 मरीज आते है। प्रभारी चिकित्साधिकारी कृष्णगोपाल ने बताया कि सबसे ज्यादा मरीज बुखार के ही आ रहे है। सीएचसी पर सुबह से ही बुखार पीड़ितों की लंबी लाइन लग जाती है।  नगीना क्षेत्र में मुहल्ला सरायमीर निवासी नौ वर्षीया खुशनुमा परवीन को दो दिन से तेज बुखार था। उसकी मां शायरा ने सुबह 10 बजे नगीना सीएचसी पर उपचार कराया। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। दोपहर दो बजे हालत गंभीर होने पर सीएचसी ले जाया गया। यहां से भी उसे बिजनौर रेफर किया गया। मुहल्ला मुगलान निवासी हैदर को भी तेज बुखार में बिजनौर रेफर किया गया। चिकित्सक डा. मानस ने बताया कि खुशनुमा में चिकनगुनिया के लक्षण मिले हैं। 
विज्ञापन

उधर, गांव मेवानवादा निवासी मौहम्मद 30 (वर्ष) ने बुधवार को बुखार से जूझते हुए दम तोड़ दिया। देर शाम उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि मोहम्मद कई दिन पहले से बीमार था। बृहस्पतिवार को गांव में लगाए गए मेडिकल कैंप में 200 से ज्यादा मरीजों की जांच कर उपचार किया। कैंप में वरिष्ठ विशेषज्ञ डा वीर सिंह, विजय कुमार, राजेश कुमार, भूपेंद्र कुमार ने मरीजों का परीक्षण किया तथा तत्काल आवश्यक दवाईयां उपलब्ध कराईं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएचसी प्रभारी विशाल दिवाकर ने बताया कि कैंप में 15 मरीज बुखार पीड़ित पाए गए। इसके अलावा अन्य क्षेत्राें में भी  कैंप लगवाने के दावे कए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed