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वनों को आग से बचाने की तैयारियों मे जुटा वन विभाग
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वनों को आग से बचाने की तैयारियों में जुटा वन विभाग
कालागढ़। मौसम के गर्म होते ही वन विभाग वन एवं वन्यजीवों को आग से बचाने की कवायद में जुट गया है। वनों में पत्तियों की सफाई का काम जोरों पर है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों को गर्मियों के मौसम में आग से बचाने के लिए वन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। वनों में पत्तियों की सफाई का काम चल रहा है। फायर लाइनें काटी जा चुकी हैं। कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि गश्ती दलों को विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। गर्मियों में सबसे बड़ा खतरा वनों की आग होती है। पतझड़ के मौसम में पेड़ों की पत्तियां सूखकर गिर जाती हैं। घास भी सूखने लगती है। झाड़ियों के पत्ते भी कम हो जाते हैं। जिससे आग का खतरा बन जाता है। उससे पहले ही वनों को आग से बचाने का काम शुरू कर दिया जाता है। जिस पर काम चल रहा है।
क्या हैं फायर लाईनें
वनों में जगह जगह घास को काटकर पग डंडियां बनाई जाती हैं। जब कभी आग की घटना होती है तो वह एक सीमित दायरे को ही नुकसान पहुंचाती है। आगे आग नहीं फैल पाती। इस वजह से पेड़ों, कीटों, झाड़ियों आदि में रहने वाले जीवों को नुकसान नहीं हो पाता है।
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कालागढ़। मौसम के गर्म होते ही वन विभाग वन एवं वन्यजीवों को आग से बचाने की कवायद में जुट गया है। वनों में पत्तियों की सफाई का काम जोरों पर है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों को गर्मियों के मौसम में आग से बचाने के लिए वन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। वनों में पत्तियों की सफाई का काम चल रहा है। फायर लाइनें काटी जा चुकी हैं। कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि गश्ती दलों को विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। गर्मियों में सबसे बड़ा खतरा वनों की आग होती है। पतझड़ के मौसम में पेड़ों की पत्तियां सूखकर गिर जाती हैं। घास भी सूखने लगती है। झाड़ियों के पत्ते भी कम हो जाते हैं। जिससे आग का खतरा बन जाता है। उससे पहले ही वनों को आग से बचाने का काम शुरू कर दिया जाता है। जिस पर काम चल रहा है।
क्या हैं फायर लाईनें
वनों में जगह जगह घास को काटकर पग डंडियां बनाई जाती हैं। जब कभी आग की घटना होती है तो वह एक सीमित दायरे को ही नुकसान पहुंचाती है। आगे आग नहीं फैल पाती। इस वजह से पेड़ों, कीटों, झाड़ियों आदि में रहने वाले जीवों को नुकसान नहीं हो पाता है।
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