जनजीवन प्रभावित : बिजनौर में खतरे के निशान से उपर बह रही गंगा, फसलें जलमग्न, सड़कें टूटीं, कई गांवों पर मंडराया खतरा
एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने पहाड़ों पर हो रही बारिश को देखते हुए खादर क्षेत्र में खो और रामगंगा के किनारे पर बसे ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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पहाड़ों पर हो रही वर्षा से गंगा नदी में तेजी से जलस्तर के चलते खादर क्षेत्र के अनेक गांवों के जंगल में खड़ी फसल डूब गई है। फसल डूबने से किसान चिंतित हैं। पहाड़ों पर लगातार हो रही वर्षा से हरिद्वार गंगा नदी में जलस्तर बहुत बढ़ जाने से हरिद्वार में जल छोड़ा गया है। जिससे जलीलपुर खादर क्षेत्र में भारी मात्रा में जल आ गया है। जलस्तर बढ़ने से गांव सलेमपुर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर आदि के जंगल में हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। गंगा में जल स्तर इतना बढ़ गया है गांव मीरापुर सीकरी व रायपुर खादर में आबादी में पानी घुस गया है।
भागूवाला क्षेत्र के गांव रामदासवाली में एक व्यक्ति के घर की नींव में बरसाती पानी जाने से उसका घर क्षतिग्रस्त हो गया। घर की सभी दिवारों में दरारें आ गई। गावं रामदासवाली निवासी अमीचंद का कहना है कि पूर्व प्रधान घसीटा सिंह के घर की ओर से बरसात का पानी आया और उसके घर की नींव में रिस गया, जिससे उसके घर की नीवं धंस गई और मकान की दिवारों पर दरारें आ गई। घर में हादसा होने की संभावना बनी है।
एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने पहाड़ों पर हो रही बारिश को देखते हुए खादर क्षेत्र में खो और रामगंगा के किनारे पर बसे ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। कहा वे किसी भी दशा में नदियों के दायरे में न जाए। पशुओं को लेकर भी न पहुंचे। बाढ़ निगरानी समितियों को भी क्षेत्र में रहने के आदेश दिए है। राजस्व और विकास विभाग के अधिकारियों, सचिवों, लेखपालों को अपने अपने क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति में पैनी निगाह रखने को निर्देशित किया गया है। हालांकि खो और रामगंगा में अभी सामान्य स्थिति है। बाढ़ चौकियों पर 24 घंटे कर्मियों की ड्यूटी लगी है।
गंगा की धारा के दूसरी ओर फंसे किसानों को बचाया
गांव कोहरपुर के सामने गंगा पार खेती करने गए 19 किसान गंगा के बढ़े जलस्तर की वजह से फंस गए। पीएसी की टीम मोटरबोट से इन किसानों को निकालकर लाई। गांव कोहरपुर के सामने कोहरपुर निवासी राजेश, बॉबी, विरेंद्र, अशोक कुमार, रघुवीर, हेमेंद्र, प्रेम, मुकेश, सैनी, ऋषिपाल, भूपेंद्र, श्याम सिंह, संतराम पुत्र बनवारी, जगमोहन, रामगोपाल, मामराज, संतराम पुत्र रंजीत, नितिन, ओमप्रकाश, सतीश समेत 19 लोग शुक्रवार को गंगा पार चारा लेने गए थे।
ये लोग गंगा में उफान आने पर वहीं रुक गए। रविवार सुबह इन लोगों ने फोन करके परिजनों को बताया कि वे अभी भी फंसे हैं। पीएसी की टीम मोटरबोट लेकर गंगा पार गई और इन लोगों को वहां से लेकर आई और सुरक्षित उनके घर पर पहुंचाया। इस दौरान एडीएम व ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट व तहसीलदार भी मौजूद रहे।