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जिला कारागार में एचआईवी पॉजिटिव मिले पांच बंदी
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बिजनौर। जिला कारागार में बंद पांच बंदियों के एचआईवी पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच हुआ है। हालांकि एक बंदी की रिहाई हो चुकी है, जबकि चार अभी भी जेल में बंद हैं। पिछले दिनों जेल में कैंप लगाकर हुई जांच के बाद यह खुलासा हुआ। एचआईवी पॉजिटिव आने के बाद बंदियों का इलाज भी शुरू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 12 से 17 सितंबर तक जेल में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जिसमें 1497 बंदियों की टीबी की स्क्रेनिंग की गई। स्क्रेनिंग के दौरान कोई भी टीबी से ग्रसित बंदी नहीं मिला। इस दौरान पांच बंदी एचआईवी पॉजिटिव मिले, जिससे जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। इस समय एचआईवी पॉजिटिव पाए गए मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। हालांकि इनमें से एक मरीज करीब एक सप्ताह पहले जेल से रिहा हो गया है। उस समय तक जांच की रिपोर्ट नहीं आई थी। जिसके बाद अब स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीज की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।
साल 2021 से जेल में बंद हैं चार बंदी
मिली जानकारी के मुताबिक जेल में पाए गए चार एचआईवी संक्रमित साल 2021 से बंद हैं। वहीं एक सप्ताह पहले एक बंदी रिहा हो गया है। संक्रमित बंदियों के खानपान और दवा पर ध्यान दिया जा रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खानपान का ध्यान रखना जरूरी है।
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जनवरी से अब तक जेल में लगे दो स्वास्थ्य शिविर
जेल कारागार में जनवरी से अब दो शिविर लगाए गए हैं। एक शिविर नौ मार्च से 16 मार्च तक लगाया गया था। जिसमें 1088 बंदियों की टीबी की स्क्रेनिंग की गई थी। मगर कोई भी बंदी टीबी से ग्रसित नहीं मिला था। इसके बाद अब 12 से 17 सितंबर तक दूसरा शिविर लगाया गया।
खानपान और दवाइयों का रखें ध्यान
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि एचआईवी वायरस मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव डालता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खानपान और दवाइयों का ध्यान रखना चाहिए। एचआईवी संक्रमित मरीज को सामान्य लोगों के साथ रहने में कोई दिक्कत नहीं है।
वर्जन...
एचआईवी पॉजिटिव मिले बंदियों के खानपान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दवाइयों को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है।
- डॉ. अदिति श्रीवास्तव, जेल अधीक्षक
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से 12 से 17 सितंबर तक जेल में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जिसमें 1497 बंदियों की टीबी की स्क्रेनिंग की गई। स्क्रेनिंग के दौरान कोई भी टीबी से ग्रसित बंदी नहीं मिला। इस दौरान पांच बंदी एचआईवी पॉजिटिव मिले, जिससे जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। इस समय एचआईवी पॉजिटिव पाए गए मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। हालांकि इनमें से एक मरीज करीब एक सप्ताह पहले जेल से रिहा हो गया है। उस समय तक जांच की रिपोर्ट नहीं आई थी। जिसके बाद अब स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीज की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।
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साल 2021 से जेल में बंद हैं चार बंदी
मिली जानकारी के मुताबिक जेल में पाए गए चार एचआईवी संक्रमित साल 2021 से बंद हैं। वहीं एक सप्ताह पहले एक बंदी रिहा हो गया है। संक्रमित बंदियों के खानपान और दवा पर ध्यान दिया जा रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खानपान का ध्यान रखना जरूरी है।
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जनवरी से अब तक जेल में लगे दो स्वास्थ्य शिविर
जेल कारागार में जनवरी से अब दो शिविर लगाए गए हैं। एक शिविर नौ मार्च से 16 मार्च तक लगाया गया था। जिसमें 1088 बंदियों की टीबी की स्क्रेनिंग की गई थी। मगर कोई भी बंदी टीबी से ग्रसित नहीं मिला था। इसके बाद अब 12 से 17 सितंबर तक दूसरा शिविर लगाया गया।
खानपान और दवाइयों का रखें ध्यान
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि एचआईवी वायरस मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव डालता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खानपान और दवाइयों का ध्यान रखना चाहिए। एचआईवी संक्रमित मरीज को सामान्य लोगों के साथ रहने में कोई दिक्कत नहीं है।
वर्जन...
एचआईवी पॉजिटिव मिले बंदियों के खानपान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दवाइयों को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है।
- डॉ. अदिति श्रीवास्तव, जेल अधीक्षक