फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Fingers shaped like peanuts, both arms are colourful

Bijnor News: मूंगफली सी बनी आंगली, दोनों भुजा रंगीली हैं

Tue, 03 Mar 2026 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
Fingers shaped like peanuts, both arms are colourful
सतीश शर्मा
विज्ञापन

धामपुर। गोरा बदन कमर पतली सी, अंखियां बनी कंटीली हैं, मूंगफली सी बनी आंगुली... यानी की अंगुली दोनों भुजा रंगीली हैं...इस तरह के होली गीत की लाइनों पर गांव के लोग ढोल की थाप पर मस्ती में डूब जाते हैं। राजा कारक, मोरध्वज, कुंवर निहाल्दे, सती सुलोचना की होली का वाचन कर स्वांग भर डांस करते हैं।

गांव अमखेड़ा निवासी सभापति नवीन कुमार चौहान का कहना है कि उनके गांव में आज भी होली खेली जाती है। इस मौके होली चौपी में गांव के लोग स्वांग भरकर गांव के अन्य लोगों परिवारों की नकल कर नुक्कड़ नाटक करते हैं। ऐसा करने से कुछ लोग खिसियाकर बुरा मान जाते हैं तो अधिकांश मनोरंजन करते हैं। होली स्वांग को लोगों की ओर से खूब सराहा जाता है। राजाकारक की होली आज भी परंपरागत है। बताते हैं कि पनघट पै कारक आए, धर्मपाल राजा के बेटे, दिल्ली शहर जिनका सरनाम, रानी सांवलदे वरनाम खूब गाई जाती है।
विज्ञापन

चाकरपुर निवासी धामपुर शुगर मिलकर्मी पंकज शर्मा का कहना है कि सुन बात सुघड़ पनहारी, गोरा बदन कमर पतली सी, अंखियां बनी कंटीली हैं, मूंगफली सी बनी आंगुली, दोनों भुजा रंगीली हैं। होली को सुन आज भी लोग बल्लियों उछल नाचने लगते हैं। कहना है कि उनके गांव में सुक्खन सिंह उमरपुरिया, रामचंद्र पाल, लाला गड़रिया, नौरंग पाल, घसीटा सिंह, योगेंद्र सिंह, जगदीश शर्मा, बलजीत सिंह पटवारी आदि खूब स्वांग रचते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. हरिकांत सुमन सुनाते हैं कि क्षण मात्र में बाना बदला, साधु बन गए ब्रह्मचारी-अंग भभूत रमायी लगी है, दोनों बने हैं तपधारी, पकड़ा शेर वन का जंगी, जिसको देख जिया डरता, मोरध्वज मेरा भक्त है, तू तो उसके खून का प्यासा। पहले सिंह जिमादे म्हारा, म्हारे संकट मिट जा सारे।

समाजसेवी जितेंद्र कुमार शर्मा बबलू का कहना है कि होली मस्ती का त्योहार है। इसमें किसी को किसी भी व्यक्ति का बुरा नहीं मानना चाहिए। आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द में त्योहार को मनाना चाहिए। यह रंगों का पर्व है। त्योहार का सभी आनंद उठाना चाहिए। धामपुर की होली उत्तरी भारत में ब्रज ,बरसाना मथुरा और वृंदावन की होली के बाद प्रसिद्ध होली पर्व में शुमार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed