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सीमा विस्तार की फाइल फिर ठंडे बस्ते में
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सीमा विस्तार की फाइल फिर ठंडे बस्ते में
बिजनौर। नगर पालिका के सीमा विस्तार का प्रस्ताव कोरोना महामारी की भेंट चढ़ता लग रहा है। शासन स्तर से अब सीमा विस्तार के बारे में कोई जानकारी नहीं ली जा रही है। लॉकडाउन से पहले इस प्रस्ताव पर तेजी से काम किया जा रहा है। अब शासन अपना फोकस जनगणना पर लगा रहा है।
नगर पालिका की सीमा विस्तार का प्रस्ताव 2007 में तैयार हुआ था। शहर के पास के 12 गांवों को पालिका में शामिल किया जाना था, लेकिन प्रस्ताव शासन में ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। भाजपा नेता सीमा विस्तार कराना चाहते थे। प्रदेश में भाजपा सरकार आने पर सीमा विस्तार की धूल फांक रही फाइल फिर से एक से दूसरी मेज पर जानी शुरू हुई। भाजपा नेताओं ने भी इसके लिए शासन और नेताओं के चक्कर काटने शुरू किए। एमडी कॉलेज के प्रबंधक डा.विदित कुमार व भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा इस काम में लगे रहे। उनकी मेहनत रंग लाई और शासन स्तर से सीमा विस्तार के संबंध में अनेक जानकारी मांगी जाने लगी। लगने लगा कि जल्दी ही नगर पालिका का सीमा विस्तार कर दिया जाएगा, लेकिन कोरोना महामारी ने सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर ग्रहण सा लगा दिया है। अब शासन द्वारा सीमा विस्तार की बात नहीं की जा रही है।
इन गांवों का है प्रस्ताव
सीमा विस्तार में गांव फतेहपुर नोआबाद, शाहबाजपुर खाना, कादरपुर जसवंत, लाड़पुरा, मुकरपुर खेमा उर्फ बुखारा, रामपुर बकली, रसूलपुर पिरथी उर्फ आदमपुर, रशीदपुर गढ़ी, इस्लामपुर दास, झकरी बांगर, तैमूरपुर दीपा, फरीदपुर काजी शामिल हैं। ये सभी गांव रिंग रोड के अंदर आते हैं।
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शासन की योजनाओं का मिलेगा लाभ
सीमा विस्तार होने पर नगर पालिका की आबादी एक लाख हो जाएगी। अभी आबादी करीब 65 लाख है। आबादी ज्यादा होने से यहां पर शासन की अनेक योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके अलावा रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
दूसरे कार्यों पर भी ध्यान
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी का कहना है कि सीमा विस्तार के बारे में अभी कोई कवायद नहीं चल रही है। शासन का ध्यान दूसरे कार्यों पर है।
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बिजनौर। नगर पालिका के सीमा विस्तार का प्रस्ताव कोरोना महामारी की भेंट चढ़ता लग रहा है। शासन स्तर से अब सीमा विस्तार के बारे में कोई जानकारी नहीं ली जा रही है। लॉकडाउन से पहले इस प्रस्ताव पर तेजी से काम किया जा रहा है। अब शासन अपना फोकस जनगणना पर लगा रहा है।
नगर पालिका की सीमा विस्तार का प्रस्ताव 2007 में तैयार हुआ था। शहर के पास के 12 गांवों को पालिका में शामिल किया जाना था, लेकिन प्रस्ताव शासन में ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। भाजपा नेता सीमा विस्तार कराना चाहते थे। प्रदेश में भाजपा सरकार आने पर सीमा विस्तार की धूल फांक रही फाइल फिर से एक से दूसरी मेज पर जानी शुरू हुई। भाजपा नेताओं ने भी इसके लिए शासन और नेताओं के चक्कर काटने शुरू किए। एमडी कॉलेज के प्रबंधक डा.विदित कुमार व भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा इस काम में लगे रहे। उनकी मेहनत रंग लाई और शासन स्तर से सीमा विस्तार के संबंध में अनेक जानकारी मांगी जाने लगी। लगने लगा कि जल्दी ही नगर पालिका का सीमा विस्तार कर दिया जाएगा, लेकिन कोरोना महामारी ने सीमा विस्तार के प्रस्ताव पर ग्रहण सा लगा दिया है। अब शासन द्वारा सीमा विस्तार की बात नहीं की जा रही है।
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इन गांवों का है प्रस्ताव
सीमा विस्तार में गांव फतेहपुर नोआबाद, शाहबाजपुर खाना, कादरपुर जसवंत, लाड़पुरा, मुकरपुर खेमा उर्फ बुखारा, रामपुर बकली, रसूलपुर पिरथी उर्फ आदमपुर, रशीदपुर गढ़ी, इस्लामपुर दास, झकरी बांगर, तैमूरपुर दीपा, फरीदपुर काजी शामिल हैं। ये सभी गांव रिंग रोड के अंदर आते हैं।
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शासन की योजनाओं का मिलेगा लाभ
सीमा विस्तार होने पर नगर पालिका की आबादी एक लाख हो जाएगी। अभी आबादी करीब 65 लाख है। आबादी ज्यादा होने से यहां पर शासन की अनेक योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके अलावा रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
दूसरे कार्यों पर भी ध्यान
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी का कहना है कि सीमा विस्तार के बारे में अभी कोई कवायद नहीं चल रही है। शासन का ध्यान दूसरे कार्यों पर है।