फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   File of 295 roads getting hitched on the breakers of departments

अधर में लटकी गन्ना विभाग की 330 किमी लंबी 295 सड़क

Sat, 10 Sep 2022 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 12:24 AM IST
विज्ञापन
File of 295 roads getting hitched on the breakers of departments
बिजनौर। जो उलझकर रह गई वो फाइलों के जाल में, गांव तक वो रोशनी आएगी कितने साल में...जनकवि अदम गोंडवी की ये लाइनें गन्ना विभाग और पीडब्ल्यूडी दो विभागों के बीच उलझी जिले की 295 सड़कों की फाइल के मामले को चरितार्थ कर रही हैं। दरअसल 330 किमी लंबी ये सड़कें कभी गन्ना विभाग की हुआ करती थी, लेकिन आज विभागों में उलझी हुई है। ये सड़क लोनिवि को हस्तांतरित की जानी थी, जिसके लिए गन्ना विभाग ने पत्र के साथ सूची भेज दी। जबकि भौतिक सत्यापन नहीं कराया। अब लोक निर्माण विभाग इन सड़कों के भौतिक सत्यापन को अनुरोध कर रहा है। जिससे हस्तांतरण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा सके।
विज्ञापन

किसानों को गन्ना ढुलाई में दिक्कत नहीं आने पाए इसके लिए गन्ना विभाग ग्रामीण इलाकों में सड़के बनाता था। गन्ना समितियों और गन्ना परिषदों को चीनी मिल से मिलने वाले कमीशन का 20 प्रतिशत बजट सड़कों के निर्माण पर खर्च करना होता था। अब गन्ना विभाग ने सड़क निर्माण का बजट जीरो कर दिया है। इस साल कोई बजट नहीं मिला। उधर गन्ना विभाग ने लखनऊ के अफसरों से मिले निर्देशों पर गन्ना विभाग की सड़कों को लोक निर्माण विभाग के हवाले करने की कवायद की।
विज्ञापन

टूटी फूटी और बदहाल सड़कों की सूची तैयार कर गन्ना विभाग ने लोक निर्माण विभाग को मई के महीने में भेज दी थी। 295 सड़कों की सूूची लोनिवि को दी गई, जिनकी लंबाई 330 किमी है। इस प्रक्रिया को चलते हुए तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन सड़कों का विभागीय हस्तांतरण पूरा नहीं हुआ है। जिसकी वजह है, भौतिक सत्यापन नहीं किया जाना। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मानें तो उन्हें ये भी मालूम नहीं है कि ये सड़कें कहां हैं, किस हालत में है, कब बनी थी, इनका गारंटी पीरियड कब तक है, आदि तमाम तथ्यों पर मामला अटका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोक निर्माण विभाग ने जुलाई माह में गन्ना विभाग को पत्र भी जारी किया। जिसमें कहा गया कि गन्ना विभाग के अभियंता को कई बार फोन कर भौतिक सत्यापन के लिए कहा गया। फिर भी भौतिक सत्यापन नहीं हुआ है। जिला गन्ना अधिकारी को लिखे गए पत्र में कहा गया कि इन सड़कों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। जिससे हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जा सके।
सड़कों की मरम्मत में लगेगा लंबा वक्त
गन्ना विभाग ने सी और डी श्रेणी यानि खस्ताहाल और गड्ढायुक्त सड़कों सूची सौंपी है। अब हस्तांतरण प्रक्रिया में ही समय लग रहा है। यही हाल रहा तो इनकी दशा सुधारने में ही सालों लग जाएंगे। क्योंकि एक दिन में एक सड़क का ही भौतिक सत्यापन किया गया तो 295 के लिए इतने ही दिन लग सकते हैं।

वर्जन::
गन्ना विभाग की 295 सड़कों की सूची मिली थी। इन सड़कों का भौतिक सत्यापन गन्ना विभाग की ओर से नहीं कराया गया है। जिसके लिए पत्र भी लिखा जा चुका है। सड़कें कहां है, पहचान के लिए स्टोन भी नहीं लगे हैं। सड़क कब बनी थी, अब की स्थिति क्या है, ये सभी जानकारी मिलने के बाद ही हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। ..शादाब राव खान, अधिशासी अभियंता लोनिवि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed