{"_id":"6305247cbd1d2a4eee6da46b","slug":"fighting-factionalism-will-be-a-challenge-for-vaishnav-bijnor-news-mrt602203138","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैष्णव के लिए गुटबाजी से निपटना होगी चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वैष्णव के लिए गुटबाजी से निपटना होगी चुनौती
विज्ञापन
बिजनौर में रेलवे स्टेशन पर गार्ड ऑफ ऑनर लेते रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव।
- फोटो : BIJNOR
बिजनौर। भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन बिजनौर जनपद में भाजपाइयों की बीच पनप रही गुटबाजी से पार पाना बड़ी चुनौती होगा। यहां नेताओं की वर्चस्व की लड़ाई में कार्यकर्ता भी बंटे हुए नजर आते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर चल रही जोड़तोड़ के बीच यह गुटबाजी साफ नजर आ रही है। ऐसे में रेल मंत्री के लिए संगठन और जनता को साधने से ज्यादा इस गुटबाजी को खत्म कर एकजुट करना सबसे बड़ी चुनौती होगा।
भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में नगीना और बिजनौर दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन यहां बहुत अच्छा रहा। लेकिन केंद्र और प्रदेश में सरकार बनने के बाद भाजपा आए बाहरी नेताओं और पुराने नेताओं के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो गई। इसका परिणाम ये रहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा अपनों के ही भीतरीघात के चलते नगीना और बिजनौर दोनों लोकसभा सीट हार गई। इसके बाद विधानसभा चुनाव 2022 में भी भाजपा यहां पहले वाला प्रदर्शन नहीं दोहरा पाई।
इन हारी हुई सीटों को फिर से जीतने के लिए भाजपा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को नगीना और बिजनौर सीट की जिम्मेदारी सौंपी है। मंगलवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जिले में दो दिनों के दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों बात की। जिनसे बात कर जिले में चल रही गतिविधियों और हालातों का जायजा लिया। वहीं पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की और नब्ज टटोलने का काम किया।
विज्ञापन
भाजपा सूत्राें की मानें तो अश्विनी वैष्णव के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुटबाजी को दूर कर सबको एक साथ लाने की होगी। इस गुटबाजी के बीच वर्तमान में भाजपा बनाम भाजपा की खींचतान जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर चल रही है। जिसमें कुछ भाजपा के ही लोग वर्तमान अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप के खिलाफ अविश्वास की जो मुहिम शुरू हुई है, वह बड़ी चुनौती है। क्योंकि इस खींचतान में जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लेकिन इससे ही गुटबाजी समाप्त हो गई, ऐसा नहीं है। क्योंकि आयुष चौहान के समर्थन में कुछ भाजपा के जिला पंचायत सदस्य थे, तो पर्दे के पीछे से भाजपा के कुछ नेता पूरी तरह सक्रिय होकर काम कर रहे हैं। ऐसे में यह गुटबाजी लोकसभा चुनाव की तैयारी को कहीं न कहीं प्रभावित कर सकती है।
विज्ञापन
भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में नगीना और बिजनौर दोनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन यहां बहुत अच्छा रहा। लेकिन केंद्र और प्रदेश में सरकार बनने के बाद भाजपा आए बाहरी नेताओं और पुराने नेताओं के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो गई। इसका परिणाम ये रहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा अपनों के ही भीतरीघात के चलते नगीना और बिजनौर दोनों लोकसभा सीट हार गई। इसके बाद विधानसभा चुनाव 2022 में भी भाजपा यहां पहले वाला प्रदर्शन नहीं दोहरा पाई।
विज्ञापन
इन हारी हुई सीटों को फिर से जीतने के लिए भाजपा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को नगीना और बिजनौर सीट की जिम्मेदारी सौंपी है। मंगलवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जिले में दो दिनों के दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों बात की। जिनसे बात कर जिले में चल रही गतिविधियों और हालातों का जायजा लिया। वहीं पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की और नब्ज टटोलने का काम किया।
विज्ञापन
भाजपा सूत्राें की मानें तो अश्विनी वैष्णव के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुटबाजी को दूर कर सबको एक साथ लाने की होगी। इस गुटबाजी के बीच वर्तमान में भाजपा बनाम भाजपा की खींचतान जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर चल रही है। जिसमें कुछ भाजपा के ही लोग वर्तमान अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप के खिलाफ अविश्वास की जो मुहिम शुरू हुई है, वह बड़ी चुनौती है। क्योंकि इस खींचतान में जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लेकिन इससे ही गुटबाजी समाप्त हो गई, ऐसा नहीं है। क्योंकि आयुष चौहान के समर्थन में कुछ भाजपा के जिला पंचायत सदस्य थे, तो पर्दे के पीछे से भाजपा के कुछ नेता पूरी तरह सक्रिय होकर काम कर रहे हैं। ऐसे में यह गुटबाजी लोकसभा चुनाव की तैयारी को कहीं न कहीं प्रभावित कर सकती है।