{"_id":"634c52de3cae672c3e3b9bc9","slug":"fields-filled-with-water-paddy-harvesting-is-difficult-bijnor-news-mrt6098932174","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेतों में भरा पानी, मुश्किल से हो रही धान की कटाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेतों में भरा पानी, मुश्किल से हो रही धान की कटाई
विज्ञापन
अफजलगढ़ के गांव जिक्रीवाला के जंगल में धान की फसल काटते किसान।
- फोटो : BIJNOR
खेतों में भरा पानी, मुश्किल से हो रही धान की कटाई
अफजलगढ़। लगातार चार दिनों तक हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में अब तक भी पानी भरा है, जिससे धान की फसल को काटने में दिक्कत आ रही है। किसान गीला धान हाईवे पर रखकर सुखाने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि यदि धान की फसल पानी से बाहर नहीं निकाली तो वह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी।
पवन कुमार, रोहिताश्व सिंह, ऋषिपाल सिंह, अंचल कुमार, राजपाल सिंह, याकूब ने बताया कि उन्होंने धान की फसल काटने की तैयारी की थी, लेकिन इसी बीच बारिश शुरू हो गई जो लगातार चार दिन तक पड़ती रही। जिससे उनके खेतों में पानी भर गया है। गांव भज्जावाला, अलियारपुर, सलावतनगर, आलमपुर, माननगर, भूतपुरी, गढ़वावाला, रफैतपुर व मकसूदाबाद आदि में धान की स्थिति बहुत खराब है। बारिश के कारण फसल गिर गई और खेतों में पानी भरा है। किसानों को फसल पानी के बीच ही काटकर सुखानी पड़ रही है।
किसानों को भीगे धान के काले पड़ने की चिंता सता रही। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके अलावा रामगंगा व अन्य नदियों के तटवर्ती गांवों में उड़द व मूंगफली की फसल भी बर्बाद हो गई है। गन्ने के खेतों में भी पानी भरा हुआ है। किसानों ने शीघ्र राजस्व विभाग के अधिकारियों से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे करा मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अफजलगढ़। लगातार चार दिनों तक हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में अब तक भी पानी भरा है, जिससे धान की फसल को काटने में दिक्कत आ रही है। किसान गीला धान हाईवे पर रखकर सुखाने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि यदि धान की फसल पानी से बाहर नहीं निकाली तो वह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी।
पवन कुमार, रोहिताश्व सिंह, ऋषिपाल सिंह, अंचल कुमार, राजपाल सिंह, याकूब ने बताया कि उन्होंने धान की फसल काटने की तैयारी की थी, लेकिन इसी बीच बारिश शुरू हो गई जो लगातार चार दिन तक पड़ती रही। जिससे उनके खेतों में पानी भर गया है। गांव भज्जावाला, अलियारपुर, सलावतनगर, आलमपुर, माननगर, भूतपुरी, गढ़वावाला, रफैतपुर व मकसूदाबाद आदि में धान की स्थिति बहुत खराब है। बारिश के कारण फसल गिर गई और खेतों में पानी भरा है। किसानों को फसल पानी के बीच ही काटकर सुखानी पड़ रही है।
विज्ञापन
किसानों को भीगे धान के काले पड़ने की चिंता सता रही। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके अलावा रामगंगा व अन्य नदियों के तटवर्ती गांवों में उड़द व मूंगफली की फसल भी बर्बाद हो गई है। गन्ने के खेतों में भी पानी भरा हुआ है। किसानों ने शीघ्र राजस्व विभाग के अधिकारियों से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे करा मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन