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Bijnor News: आपसी संघर्ष में हुई थी मादा गुलदार की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
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शेरकोट के गांव उमरपुर आशा में शनिवार को मिला था मादा गुलदार का शव
गुलदार की गर्दन पर दांतों के गहरे जख्म, गले की हड्डी में भी फ्रैक्चर मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर (बिजनौर)। शेरकोट के गांव उमरपुर आशा में मिले मादा गुलदार के शव का पशुपालन विभाग के तीन डॉक्टरों के पैनल ने रविवार को पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मादा गुलदार की मौत आपकी संघर्ष के कारण हुई है। गर्दन में दांतों के गहरे जख्म है। हड्डी में भी फ्रैक्चर है। इस कारण मादा गुलदार की मौत हुई है। पोस्टमार्टम किए जाने के बाद शव को आग में जलाकर नष्ट कर दिया गया ।
वन क्षेत्र अधिकारी गोविंद राम गंगवार ने बताया कि शनिवार को शेरकोट के गांव उमरपुर आशा में एक वर्षीय मादा गुलदार का शव मिला था। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में डॉक्टर धीरेंद्र सिंह, डॉक्टर एसपी सिंह और डॉक्टर उमा सिंह शामिल रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मादा गुलदार के गर्दन पर दांतों के गहरे जख्म पाए गए। उसके गले की हड्डी भी फ्रैक्चर मिला है। इसी कारण मादा गुलदार की मौत हुई। डॉक्टरों ने गुलदार के विसरे को सुरक्षित कर लिया। बाद में डॉक्टरों की मौजूदगी में वन विभाग के अधिकारियों ने शव को आग में जलाकर नष्ट कर दिया।
जंगलों में गुलदार देखने से ग्रामीणों में दहशत बरकरार
गुलदारों के आए दिन गांवों में दिखलाई देने से ग्रामीणों में भारी दहशत है। गांव के लोगों का कहना है कि गुलदारों की दहशत के कारण खेती-बाड़ी का कार्य करना मुश्किल हो गया है। कई बार वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार को पकड़ने की मांग की जा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। दो दिन पहले हादकपुर मार्ग पर गुलदार के मिलने से पिता-पुत्र की जान खतरे में पड़ गई थी। आठ दिन से अजीतपुर दासी गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा हुआ है। वन विभाग के अधिकारियों की निगरानी में रोज रात्रि में कुत्ते को पिंजरे के भीतर बांधते हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों में भारी दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से गुलदारों को पकड़ने की मांग की है।
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गुलदार की गर्दन पर दांतों के गहरे जख्म, गले की हड्डी में भी फ्रैक्चर मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर (बिजनौर)। शेरकोट के गांव उमरपुर आशा में मिले मादा गुलदार के शव का पशुपालन विभाग के तीन डॉक्टरों के पैनल ने रविवार को पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मादा गुलदार की मौत आपकी संघर्ष के कारण हुई है। गर्दन में दांतों के गहरे जख्म है। हड्डी में भी फ्रैक्चर है। इस कारण मादा गुलदार की मौत हुई है। पोस्टमार्टम किए जाने के बाद शव को आग में जलाकर नष्ट कर दिया गया ।
वन क्षेत्र अधिकारी गोविंद राम गंगवार ने बताया कि शनिवार को शेरकोट के गांव उमरपुर आशा में एक वर्षीय मादा गुलदार का शव मिला था। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में डॉक्टर धीरेंद्र सिंह, डॉक्टर एसपी सिंह और डॉक्टर उमा सिंह शामिल रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मादा गुलदार के गर्दन पर दांतों के गहरे जख्म पाए गए। उसके गले की हड्डी भी फ्रैक्चर मिला है। इसी कारण मादा गुलदार की मौत हुई। डॉक्टरों ने गुलदार के विसरे को सुरक्षित कर लिया। बाद में डॉक्टरों की मौजूदगी में वन विभाग के अधिकारियों ने शव को आग में जलाकर नष्ट कर दिया।
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जंगलों में गुलदार देखने से ग्रामीणों में दहशत बरकरार
गुलदारों के आए दिन गांवों में दिखलाई देने से ग्रामीणों में भारी दहशत है। गांव के लोगों का कहना है कि गुलदारों की दहशत के कारण खेती-बाड़ी का कार्य करना मुश्किल हो गया है। कई बार वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार को पकड़ने की मांग की जा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। दो दिन पहले हादकपुर मार्ग पर गुलदार के मिलने से पिता-पुत्र की जान खतरे में पड़ गई थी। आठ दिन से अजीतपुर दासी गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा हुआ है। वन विभाग के अधिकारियों की निगरानी में रोज रात्रि में कुत्ते को पिंजरे के भीतर बांधते हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों में भारी दहशत है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से गुलदारों को पकड़ने की मांग की है।
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