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छापे के डर से जेवरात समेटे
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 20 Nov 2016 11:59 PM IST
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बिजनौर में नोटबंदी के बाद सराफा बाजार में छापे के शोर से व्यापारी सहमे हुए हैं। व्यापारियों ने अपनी दुकानों से सोने-चांदी के जेवरात समेट कर गुप्त ठिकानों पर पहुंचा दिए है। दुकानों से सीसीटीवी कैमरे भी हटा दिए हैं। बाजार तो खुल रहा है पर दुकानों पर ग्राहक नहीं है। बाजार में सोने के भाव का कोई दाम नहीं है।
नोटबंदी ने व्यापारियों को भी बुरी तरह हिला दिया है। इसका असर सराफा बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानों से जेवरात निकाल कर ताले ठोक दिए हैं। जो दुकानें खुली हैं, उन पर सोने और चांदी के जेवरात नहीं मिल रहे।
सूत्रों के मुताबिक सराफा व्यापारियों ने अपने जेवरात गुप्त ठिकानों पर रख दिए हैं। किसी जरूरतमंद को भी जेवरात देने से बच रहें है। कोई ग्राहक अगर जा भी रहा है तो उससे एक सौ के नोट मांग रहे हैं। पुराने एक हजार व पांच सौ के नोट से कोई भी जेवरात देने को तैयार नही हैं। छोटे व्यापारी हाथ पर हाथ धरे बैठे है। दुकानों पर दूर तक ग्राहक नहीं आ रहे हैं।
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दुकानदारों ने कहा कि इससे तो सारा व्यापार ही चौपट हो जाएगा। रोजी रोटी के लिए जूझना पड़ेगा।
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नोटबंदी ने व्यापारियों को भी बुरी तरह हिला दिया है। इसका असर सराफा बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानों से जेवरात निकाल कर ताले ठोक दिए हैं। जो दुकानें खुली हैं, उन पर सोने और चांदी के जेवरात नहीं मिल रहे।
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सूत्रों के मुताबिक सराफा व्यापारियों ने अपने जेवरात गुप्त ठिकानों पर रख दिए हैं। किसी जरूरतमंद को भी जेवरात देने से बच रहें है। कोई ग्राहक अगर जा भी रहा है तो उससे एक सौ के नोट मांग रहे हैं। पुराने एक हजार व पांच सौ के नोट से कोई भी जेवरात देने को तैयार नही हैं। छोटे व्यापारी हाथ पर हाथ धरे बैठे है। दुकानों पर दूर तक ग्राहक नहीं आ रहे हैं।
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दुकानदारों ने कहा कि इससे तो सारा व्यापार ही चौपट हो जाएगा। रोजी रोटी के लिए जूझना पड़ेगा।