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पशु को बेसहारा नहीं छोड़ सकेंगे किसान

Sun, 08 Dec 2019 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2019 11:15 PM IST
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Farmers will not be able to leave the animal destitute
पशु को बेसहारा नहीं छोड़ सकेंगे किसान
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बिजनौर। जिले में अब सभी पशुओं की जियो टैगिंग की जाएगी। पशुओं के कान में उनका नंबर लिखा जाएगा। जो भी किसान अपने बीमार या बूढ़े पशु को छोड़ेगा तो नंबर से उसका पता चल जाएगा। इसके बाद किसान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पशु को भी उसकी सुपुर्दगी में ही सौंपा जाएगा। इसके लिए शासन ने पशुपालन विभाग को निर्देश जारी किए हैं।
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से पुलिस ने अवैध पशु कटान पर नकेल कस रखी है। इससे किसानों के बूढ़े और बीमार पशु नहीं बिक रहे हैं। किसान अपने पशुओं को खुले में छोड़ रहे हैं। खासतौर से खुले में छोड़े जा रहे गोवंश शासन-प्रशासन के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इन पशुओं के रख रखाव में प्रशासन को काफी इंतजाम करने पड़ रहे हैं। शासन ने गोवंश को खुले में छोड़ने पर पशु क्रूरता अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज करने के सख्त निर्देश दे रखे हैं। लेकिन पशुपालक रात के अंधेरे में अब भी पशु खुले में छोड़ देते हैं। ऐसे में पशुपालक की पहचान करना भी मुश्किल होता है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अब प्रदेश के सभी पशुओं की जियो टैगिंग की जाएगी। इसमें गाय व भैंस दोनों प्रजाति के पशु शामिल होंगे। पशुओं के कान में एक बिल्ला लगाकर उसका नंबर अंकित किया जाएगा। अगर कोई पशुपालक अपने पशु को छोड़ेगा तो उसके कान में पड़े बिल्ले से उसके मालिक के बारे में पता चल जाएगा। इसके बाद मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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दस लाख पशु का अनुमान
जिले में वर्तमान में वर्तमान में दस लाख पशु होने का अनुमान है। पशु गणना हाल ही में संपन्न हुई है, लेकिन इसके आंकड़े अभी शासन स्तर से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। जियो टैगिंग के बाद अगर कोई पशुपालक अपना पशु बेचता है तो उसे पास के पशु चिकित्सालय में संपर्क करना होगा। पशु खरीदने वाले किसान को अपने आधार कार्ड की डिटेल देनी होगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेेंद्र सिंह के अनुसार शासन द्वारा पशुओं की जियो टैगिंग के निर्देश मिले हैं। इसके अनुपालन में जल्दी ही अभियान शुरू किया जाएगा।
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2007 की पशु गणना के आंकड़े
गौवंश 266982
भैंस 508987
बकरी 126843
सूकर 32325
भेड़ 5905
घोड़े व टट्टू 2223
खच्चर 3617
गधे 1366
कुत्ते 70826
नोट : आंकड़े विकास भवन से लिए गए हैं।
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