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Bijnor News: नवीन प्रजातियों के बीज से शरदकालीन बुवाई करें किसान
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गन्ना शोध केंद्रों के वैज्ञानिकों ने किया क्षेत्र के कई गांवों का भ्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। गन्ना शोध केंद्र मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने मंगलवार कई गांवों का भ्रमण किया। किसानों को सुझाव दिया कि वह 0238 प्रजाति के गन्ने की बुवाई न करें। अक्तूबर माह से गन्ने की शरदकालीन बुआई शुरू होगी। नई प्रजातियों से बुवाई करने का लक्ष्य अभी से तैयार कर लें।
गन्ना वैज्ञानिक पादप सुरक्षा डाॅ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने गांव सेढी, मेहर अलीपुर, गिनदौड़ी, फलौदी आदि का भ्रमण किया। ग्रामों में रोग से प्रभावित प्लॉटों को देखा। कृषकों को रोग निदान, बचाव तथा शरदकालीन बुवाई में प्रजाति बदलाव के बारे में जागरूक किया।
ग्राम फलौदी में आयोजित गोष्ठी में देवांशी महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादित नवीन प्रजातियों Colk 14201, Cos 13235, Cos 17231 की सिंगल बड़ की पौधों को देख सराहना की। ग्राम खंडसाल में गन्ने में लगने वाले रेड रॉट , पोक्का बोइंग, टॉप बोरर आदि के बचाव ,उपचार के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।
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ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं ,महिला स्वयं सहायता समूह, फार्म मशीनरी बैंक, पंचामृत विधि, ट्रेंच, सहफसली, ड्रिप, पेड़ी प्रबंधन, मल्चिंग अपनाकर गन्ने की खेती करने का सुझाव दिया।
धामपुर शुगर मिल के महाप्रबंधक गन्ना ओमवीर सिंह, गन्ना प्रबंधक सुरेंद्र सिंह, अजेन्द्र सिंह,ओमप्रकाश, राजेन्द्र सिंह , कमल कुमार, मोहम्मद नासिर आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। गन्ना शोध केंद्र मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने मंगलवार कई गांवों का भ्रमण किया। किसानों को सुझाव दिया कि वह 0238 प्रजाति के गन्ने की बुवाई न करें। अक्तूबर माह से गन्ने की शरदकालीन बुआई शुरू होगी। नई प्रजातियों से बुवाई करने का लक्ष्य अभी से तैयार कर लें।
गन्ना वैज्ञानिक पादप सुरक्षा डाॅ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने गांव सेढी, मेहर अलीपुर, गिनदौड़ी, फलौदी आदि का भ्रमण किया। ग्रामों में रोग से प्रभावित प्लॉटों को देखा। कृषकों को रोग निदान, बचाव तथा शरदकालीन बुवाई में प्रजाति बदलाव के बारे में जागरूक किया।
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ग्राम फलौदी में आयोजित गोष्ठी में देवांशी महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादित नवीन प्रजातियों Colk 14201, Cos 13235, Cos 17231 की सिंगल बड़ की पौधों को देख सराहना की। ग्राम खंडसाल में गन्ने में लगने वाले रेड रॉट , पोक्का बोइंग, टॉप बोरर आदि के बचाव ,उपचार के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।
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ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पाण्डेय ने विभागीय योजनाओं ,महिला स्वयं सहायता समूह, फार्म मशीनरी बैंक, पंचामृत विधि, ट्रेंच, सहफसली, ड्रिप, पेड़ी प्रबंधन, मल्चिंग अपनाकर गन्ने की खेती करने का सुझाव दिया।
धामपुर शुगर मिल के महाप्रबंधक गन्ना ओमवीर सिंह, गन्ना प्रबंधक सुरेंद्र सिंह, अजेन्द्र सिंह,ओमप्रकाश, राजेन्द्र सिंह , कमल कुमार, मोहम्मद नासिर आदि मौजूद रहे।