{"_id":"616f150495ba581070762d08","slug":"farmers-prevented-from-crossing-the-ganges-bijnor-news-mrt5613726110","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों को गंगा पार जाने से रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों को गंगा पार जाने से रोका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों को गंगा पार जाने से रोका
बिजनौर/स्योहारा। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांवों के खेतों में भी पानी भर गया है। स्थिति को देखते हुए लेखपाल भी तटीय गांवों में सतर्क हो गए हैं। डैबलगढ़ के लेखपाल देवेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह ही किसानों को गंगा पार न जाने के लिए कह दिया गया था। किसान भी पूरी एहतियात बरत रहे हैं।
वहीं, पहाड़ों पर दो दिन तक हुई बारिश के कारण कालागढ़ डैम से पानी छोड़ा गया। छोड़े गए पानी ने स्योहारा क्षेत्र के गांव मुकरपुरी, सिपाहियों वाला, जागीर, टांडा, बेरखेडा आदि में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मंगलवार की सुबह कालागढ़ डैम से 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गांव मुकरपुरी में नदी का पानी घरों तक में घुस गया है। नदी किनारे लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। गांव मुकरपुरी निवासी शीशराम सिंह, छत्रपाल सिह, नरेश चौहान, वीर सिंह सैनी ने बताया कि तैयार धान की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
बिजनौर/स्योहारा। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांवों के खेतों में भी पानी भर गया है। स्थिति को देखते हुए लेखपाल भी तटीय गांवों में सतर्क हो गए हैं। डैबलगढ़ के लेखपाल देवेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह ही किसानों को गंगा पार न जाने के लिए कह दिया गया था। किसान भी पूरी एहतियात बरत रहे हैं।
वहीं, पहाड़ों पर दो दिन तक हुई बारिश के कारण कालागढ़ डैम से पानी छोड़ा गया। छोड़े गए पानी ने स्योहारा क्षेत्र के गांव मुकरपुरी, सिपाहियों वाला, जागीर, टांडा, बेरखेडा आदि में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मंगलवार की सुबह कालागढ़ डैम से 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गांव मुकरपुरी में नदी का पानी घरों तक में घुस गया है। नदी किनारे लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। गांव मुकरपुरी निवासी शीशराम सिंह, छत्रपाल सिह, नरेश चौहान, वीर सिंह सैनी ने बताया कि तैयार धान की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन