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25 रुपये बढ़ने से किसान संतुष्ट नहीं
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बिजनौर के भाकियू लोकशक्ति जिलाध्यक्ष वीर सिंह।
- फोटो : BIJNOR
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25 रुपये बढ़ने से किसान संतुष्ट नहीं
अजीत चौधरी
बिजनौर। प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में 25 रुपये की बढ़ोतरी की है। अगेती प्रजाति के दाम 350 और पिछेती के दाम 340 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। गन्ना मूल्य बढ़ोतरी से जिले के किसानों को करीब 285 करोड़ रुपये का फायदा होगा। लेकिन किसान इस बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं हैं और इसे कम बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि महंगाई के हिसाब से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। वे इसे ऊंट के मुंह में जीरा बता रहे हैं।
जिले के साढ़े तीन लाख से अधिक किसान परिवार गन्ने की खेती से जुड़े हैं। जिले की नौ चीनी मिलों में किसान करीब साढ़े 11 करोड़ क्विंटल गन्ना बेचते हैं। गन्ना ही जिले के किसानों की लाइफ लाइन है। किसान आंदोलन और चुनावी साल को देखते हुए लग रहा था कि इस बार गन्ने के दामों में अच्छा खासा इजाफा होगा। सरकार ने पिछले तीन सालों से गन्ने के दामों में कोई इजाफा नहीं किया था। किसानों का मानना था कि गन्ने पर कम से कम 50 से 60 रुपये प्रति क्विंटल दाम तो बढ़ ही जाएंगे, पर सरकार ने 25 रुपये प्रति क्विंटल दाम बढ़ाए हैं। इस दाम से भी किसानों को पिछले साल के मुकाबले करीब 285 करोड़ का अधिक भुगतान मिलेगा, लेकिन किसान इसे कम बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि पिछले तीन सालों में महंगाई बहुत बढ़ी है। गन्ना मूल्य कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए था। कृषि विभाग द्वारा भी कराए गए सर्वे में गन्ने की लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। (संवाद)
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बसपा सरकार में भाव
साल सामान्य अगेती
2007-08 110 115
2008-09 140 145
2009-10 165 170
2010-11 205 210
2011-12 240 250
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सपा सरकार में भाव
2012-13 280 290
2013-14 280 290
2014-15 280 290
2015-16 280 290
2016-17 305 315
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भाजपा सरकार में भाव
2017-18 315 325
2018-19 315 325
2019-20 315 325
2020-21 315 325
2021-22 340 350
गन्ना मूल्य रुपये प्रति क्विंटल में है।
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पिछले साल पेराई किया गया गन्ना
चीनी मिल पेराई
धामपुर 239
स्योहारा 218
बहादरपुर 127
बरकातपुर 142
बुंदकी 129
नजीबाबाद 48
बिजनौर 39
चांदपुर 62
बिलाई 136
पेराई का आंकड़ा लाख क्विंटल में है।
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चार सालों में महंगाई का हाल
साल यूरिया डीएपी एनपीके डीजल पेट्रोल
2018 326 1076 1061 60.77 72.25
2019 266 1400 1375 62.30 68.91
2020 266 1200 1175 68.30 83.74
2021 266 1200 1185 89.35 98.35
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कृषि विभाग की रिपोर्ट में एक हेक्टेयर फसल की लागत
खेत जुताई 9600
पाटा लगाना 3400
बीज कीमत 19500
बीज तैयारी लागत 4680
जैविक उर्वरक 17500
बुवाई श्रम 8080
सिंचाई पर व्यय
दिहाड़ी मजदूरी 1414
सात सिंचाई 11000
निराई गुड़ाई 15000
रासायनिक उर्वरक
जिंक 2550
डीएपी 4200
पोटाश 1880
यूरिया 1924
कीट रोग रसायन 7500
छिलाई व्यय 38921
ढुलाई 21623
अन्य व्यय 2000
फसली ब्याज 9526
कुल खर्च 180298
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सरकार को सबक सिखाएंगे किसान: दिगंबर सिंह
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर के अनुसार भाजपा सरकार ने पहले ही साल में गन्ना मूल्य 370 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था और पांच साल बाद दाम 350 रुपये तक ही पहुंचे हैं। बिजली दस गुनी महंगी कर दी और किसानों की सुध नहीं ली। किसान सरकार को सबक सिखाएंगे।
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किसानों के साथ मजाक: विनोद कुमार
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार के अनुसार गन्ने के दाम में में वृद्घि ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। सरकार ने किसानों के साथ गन्ना मूल्य बढ़ाने के नाम पर मजाक किया है।
पूंजीपतियों की सरकार: धीरज कुमार मोंटी
आजाद किसान यूनियन जिलाध्यक्ष धीरज कुमार मोंटी के अनुसार किसानों के गन्ने का दाम कम से 400 रुपये प्रति क्विंटल मिलने चाहिए थे। सरकार केवल पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। सरकार ने किसानों के लिए पांच सालों में कुछ नहीं किया है।
सरकारी हिसाब से होगी सवा लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की बचत
गन्ना विभाग द्वारा जिले में गन्ने की औसत पैदावार 875 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मानी गई है यानि 70 क्विंटल प्रति बीघा। कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार गन्ने पर प्रति हेक्टेयर खेती में एक लाख 80 हजार 298 रुपये की लागत आ रही है। नए मूल्य के अनुसार किसानों को प्रति हेक्टेयर अर्ली प्रजाति के गन्ने पर तीन लाख छह हजार 250 रुपये मिलेंगे। लागत निकालकर किसानों को एक लाख 25 हजार 952 रुपये प्रति क्विंटल बचेंगे। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से किसानों को प्रति बीघा जमीन पर करीब दस हजार रुपये की बचत होगी।
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अजीत चौधरी
बिजनौर। प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में 25 रुपये की बढ़ोतरी की है। अगेती प्रजाति के दाम 350 और पिछेती के दाम 340 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं। गन्ना मूल्य बढ़ोतरी से जिले के किसानों को करीब 285 करोड़ रुपये का फायदा होगा। लेकिन किसान इस बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं हैं और इसे कम बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि महंगाई के हिसाब से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। वे इसे ऊंट के मुंह में जीरा बता रहे हैं।
जिले के साढ़े तीन लाख से अधिक किसान परिवार गन्ने की खेती से जुड़े हैं। जिले की नौ चीनी मिलों में किसान करीब साढ़े 11 करोड़ क्विंटल गन्ना बेचते हैं। गन्ना ही जिले के किसानों की लाइफ लाइन है। किसान आंदोलन और चुनावी साल को देखते हुए लग रहा था कि इस बार गन्ने के दामों में अच्छा खासा इजाफा होगा। सरकार ने पिछले तीन सालों से गन्ने के दामों में कोई इजाफा नहीं किया था। किसानों का मानना था कि गन्ने पर कम से कम 50 से 60 रुपये प्रति क्विंटल दाम तो बढ़ ही जाएंगे, पर सरकार ने 25 रुपये प्रति क्विंटल दाम बढ़ाए हैं। इस दाम से भी किसानों को पिछले साल के मुकाबले करीब 285 करोड़ का अधिक भुगतान मिलेगा, लेकिन किसान इसे कम बता रहे हैं। किसानों का कहना है कि पिछले तीन सालों में महंगाई बहुत बढ़ी है। गन्ना मूल्य कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए था। कृषि विभाग द्वारा भी कराए गए सर्वे में गन्ने की लागत में लगातार इजाफा हो रहा है। (संवाद)
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बसपा सरकार में भाव
साल सामान्य अगेती
2007-08 110 115
2008-09 140 145
2009-10 165 170
2010-11 205 210
2011-12 240 250
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सपा सरकार में भाव
2012-13 280 290
2013-14 280 290
2014-15 280 290
2015-16 280 290
2016-17 305 315
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भाजपा सरकार में भाव
2017-18 315 325
2018-19 315 325
2019-20 315 325
2020-21 315 325
2021-22 340 350
गन्ना मूल्य रुपये प्रति क्विंटल में है।
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पिछले साल पेराई किया गया गन्ना
चीनी मिल पेराई
धामपुर 239
स्योहारा 218
बहादरपुर 127
बरकातपुर 142
बुंदकी 129
नजीबाबाद 48
बिजनौर 39
चांदपुर 62
बिलाई 136
पेराई का आंकड़ा लाख क्विंटल में है।
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चार सालों में महंगाई का हाल
साल यूरिया डीएपी एनपीके डीजल पेट्रोल
2018 326 1076 1061 60.77 72.25
2019 266 1400 1375 62.30 68.91
2020 266 1200 1175 68.30 83.74
2021 266 1200 1185 89.35 98.35
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कृषि विभाग की रिपोर्ट में एक हेक्टेयर फसल की लागत
खेत जुताई 9600
पाटा लगाना 3400
बीज कीमत 19500
बीज तैयारी लागत 4680
जैविक उर्वरक 17500
बुवाई श्रम 8080
सिंचाई पर व्यय
दिहाड़ी मजदूरी 1414
सात सिंचाई 11000
निराई गुड़ाई 15000
रासायनिक उर्वरक
जिंक 2550
डीएपी 4200
पोटाश 1880
यूरिया 1924
कीट रोग रसायन 7500
छिलाई व्यय 38921
ढुलाई 21623
अन्य व्यय 2000
फसली ब्याज 9526
कुल खर्च 180298
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सरकार को सबक सिखाएंगे किसान: दिगंबर सिंह
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर के अनुसार भाजपा सरकार ने पहले ही साल में गन्ना मूल्य 370 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था और पांच साल बाद दाम 350 रुपये तक ही पहुंचे हैं। बिजली दस गुनी महंगी कर दी और किसानों की सुध नहीं ली। किसान सरकार को सबक सिखाएंगे।
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किसानों के साथ मजाक: विनोद कुमार
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार के अनुसार गन्ने के दाम में में वृद्घि ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। सरकार ने किसानों के साथ गन्ना मूल्य बढ़ाने के नाम पर मजाक किया है।
पूंजीपतियों की सरकार: धीरज कुमार मोंटी
आजाद किसान यूनियन जिलाध्यक्ष धीरज कुमार मोंटी के अनुसार किसानों के गन्ने का दाम कम से 400 रुपये प्रति क्विंटल मिलने चाहिए थे। सरकार केवल पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। सरकार ने किसानों के लिए पांच सालों में कुछ नहीं किया है।
सरकारी हिसाब से होगी सवा लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की बचत
गन्ना विभाग द्वारा जिले में गन्ने की औसत पैदावार 875 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मानी गई है यानि 70 क्विंटल प्रति बीघा। कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार गन्ने पर प्रति हेक्टेयर खेती में एक लाख 80 हजार 298 रुपये की लागत आ रही है। नए मूल्य के अनुसार किसानों को प्रति हेक्टेयर अर्ली प्रजाति के गन्ने पर तीन लाख छह हजार 250 रुपये मिलेंगे। लागत निकालकर किसानों को एक लाख 25 हजार 952 रुपये प्रति क्विंटल बचेंगे। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से किसानों को प्रति बीघा जमीन पर करीब दस हजार रुपये की बचत होगी।

बिजनौर के भाकियू अंबावता जिलाध्यक्ष शिव कुमार सहरावत।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर आजाद किसान यूनियन जिलाध्यक्ष धीरज कुमार मोंटी।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह।- फोटो : BIJNOR