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Bijnor News: किसानों ने कोटरा रजबहे के नीचे सुरंग खोद बिछाई पाइपलाइन
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धामपुर में गजूपुरा गांव के पास कोटरा रजवाहा में सुरंग बनाकर डाला गया पाइप।स्रोत ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर । तहसील क्षेत्र के कुछ किसानों ने निजी स्वार्थ को पूरा करने के लिए कोटरा रजबहे के नीचे सुरंग खोद कर पाइप लाइन बिछा ली। मामले के उजागर होने के बाद नहर विभाग के अधिकारी हरकत में आए और बुधवार को मौके पर पहुंच जांच की। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन को हटाया जाएगा। जिन किसानों ने ऐसा किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डेढ़ दशक पहले करोड़ों की लागत से पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड छह नजीबाबाद की ओर से कोटरा माइनर का निर्माण शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य क्षेत्र में हरित क्रांति लाने का था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। क्षेत्र में कई किसानों के अवरोध पैदा कर विभाग के उद्देश्य पर पानी फेर दिया।
इसकी वजह से माइनर निर्माण अधर में लटका पड़ा है। इस दौरान कुछ किसानों ने अपने निजी स्वार्थों के चलते माइनर की भूमि में सुरंग बनाकर पाइप लाइन बिछा ली।
सूचना मिलने पर बुधवार को अवर अभियंता विपिन कुमार ने मौके पर पहुंचकर जांच की। बताया कि कोटरा माइनर 28 किलोमीटर लंबा है। 14 किलोमीटर में रोस्टर के अनुसार सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है। इससे आगे 14 किलोमीटर माइनर किसानों के अवरोध के कारण शुरू नहीं हो सका है।
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किसान अपनी जमीन विभाग को नहीं देना चाहते। इस मामले में विभाग की ओर से संबंधित किसानों को नाेटिस जारी किया जाएगा। संतोषजनक उत्तर न आने पर कार्रवाई होगी।
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धामपुर । तहसील क्षेत्र के कुछ किसानों ने निजी स्वार्थ को पूरा करने के लिए कोटरा रजबहे के नीचे सुरंग खोद कर पाइप लाइन बिछा ली। मामले के उजागर होने के बाद नहर विभाग के अधिकारी हरकत में आए और बुधवार को मौके पर पहुंच जांच की। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन को हटाया जाएगा। जिन किसानों ने ऐसा किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डेढ़ दशक पहले करोड़ों की लागत से पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड छह नजीबाबाद की ओर से कोटरा माइनर का निर्माण शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य क्षेत्र में हरित क्रांति लाने का था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। क्षेत्र में कई किसानों के अवरोध पैदा कर विभाग के उद्देश्य पर पानी फेर दिया।
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इसकी वजह से माइनर निर्माण अधर में लटका पड़ा है। इस दौरान कुछ किसानों ने अपने निजी स्वार्थों के चलते माइनर की भूमि में सुरंग बनाकर पाइप लाइन बिछा ली।
सूचना मिलने पर बुधवार को अवर अभियंता विपिन कुमार ने मौके पर पहुंचकर जांच की। बताया कि कोटरा माइनर 28 किलोमीटर लंबा है। 14 किलोमीटर में रोस्टर के अनुसार सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है। इससे आगे 14 किलोमीटर माइनर किसानों के अवरोध के कारण शुरू नहीं हो सका है।
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किसान अपनी जमीन विभाग को नहीं देना चाहते। इस मामले में विभाग की ओर से संबंधित किसानों को नाेटिस जारी किया जाएगा। संतोषजनक उत्तर न आने पर कार्रवाई होगी।