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पंचामृत तकनीक से खेती करने वाले किसान होंगे सम्मानित

Wed, 27 Apr 2022 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 12:15 AM IST
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Farmers cultivating with Panchamrita technique will be honored
पंचामृत तकनीक से खेती करने वाले किसान होंगे सम्मानित
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धामपुर। गन्ना विभाग पंचामृत तकनीकी से गन्ने की खेती करने वाले किसानों को उत्तम गन्ना किसान का अवार्ड से नवाजेगा। इसके लिए विभाग की ओर से कार्ययोजना बनाकर किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। उत्तम किसान का अवार्ड पाने वाले किसान जिले के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनेंगे।
गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडे का कहना है कि विभाग की ओर से गांवों में जाकर किसानों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक का कहना है कि गांवों में पंचामृत तकनीक शीर्षक के नाम से गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। अब तक क्षेत्र में 27 से ज्यादा गांवों में किसानों को नई तकनीकी के बारे में जागरूक किया जा चुका है। धामपुर क्षेत्र में 70 से ज्यादा किसान प्रेरित होकर पंचामृत तकनीक से गन्ने की खेती कर रहे हैं। पंचामृत तकनीकी में गन्ने की ट्रेंच विधि से बुवाई, सहफसली खेती, ड्रिप सिंचाई, रैटून मेनेजमेंट व ट्रेश मल्चर का प्रयोग करना शामिल है। यह तकनीकी किसानों को पसंद आ रही है। कम लागत में गन्ने की बढ़िया पैदावार होती है।
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क्या है पंचामृत तकनीक
1- ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई करने पर गन्ने का बीज, सिंचाई व खरपतवार नियंत्रण में बचत कर करीब 15 से 20 प्रतिशत अधिक उपज ली जा सकती है।
2- गन्ने के साथ अन्य सहफसली खेती कर किसान स्थानीय आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
3- ड्रिप सिंचाई कर किसान भूगर्भ जल की बचत के साथ-साथ सिंचाई के खर्च को कम कर आय को और ज्यादा बढ़ाया जा सकता है।
4- रैटून मैनेजमेंट को अपनाकर गन्ने की उत्पादकता को 10 से 15 प्रतिशत और बढ़ाया जा सकता है।
5- ट्रेश मल्चर गन्ने की पैदावार बढ़ाने में बहुत ही सहायक है। गन्ना समिति के फार्म मशीनरी बैंक से निर्धारित किराए पर किसानों की ओर से इसे आसानी से उपलब्ध किया जा सकता है। इस यंत्र के प्रयोग करने से गन्ना या अन्य फसलों की सूखे अवशेष, पत्तियों का प्रबंधन कर मिट्टी की उर्वरा क्षमता को बढ़ाने और पर्यावरण को शुद्ध बनाने में में योगदान कर सकते हैं।
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