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Bijnor News: मालन नदी के भंवर में फंस कर किसान की मौत
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बिजनौर में गंगा में डूबने से हुई गांव ब्रह्मपुरी के किसान मंजीत सिंह की मौत के बाद मौके पर जमा
बेगावाला। ग्राम ब्रह्मपुरी निवासी (48) किसान मंजीत सिंह पुत्र बलदेव सिंह की रविवार को मालन नदी में डूबने से मौत हो गई। मंजीत सिंह तैरना जानते थे, लेकिन नदी में बने भंवर में फंसने के कारण वह बाहर नहीं निकल सके। बताया गया कि उनकी दरांती नदी के दूसरे छोर पर रह गई थी। उसे लेने के लिए वापस नदी पार कर जा रहे थे।
परिजनों के अनुसार मंजीत सिंह प्रतिदिन गंगा के पार स्थित अपने खेतों में गन्ने की फसल की देखभाल करने और पशुओं के लिए चारा लेने जाते थे। रविवार को वह अपने 20 वर्षीय भतीजे जगजीवन सिंह के साथ नाव से गंगा के पार गए थे। गंगा के दूसरी ओर जाने के लिए पहले मालन नदी और उसके बाद गंगा को पार करना पड़ता है। अपराह्न करीब तीन बजे मंजीत सिंह और उनका भतीजा नाव से गंगा किनारे पहुंच गए। इसी दौरान उन्हें याद आया कि चारा काटने वाली दरांती मालन नदी के दूसरे छोर पर रह गई है।
मंजीत सिंह दरांती लेने के लिए नदी में तैरकर दूसरे छोर पर पहुंच गए। दरांती लेकर वह वापस तैरकर लौट रहे थे। इसी दौरान वह नदी के गहरे हिस्से में बने भंवर की चपेट में आ गए और देखते ही देखते पानी में डूब गए। भतीजे जगजीवन सिंह ने घटना की जानकारी तत्काल परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन और गांव के कुछ गोताखोर मौके पर पहुंचे। नाव की मदद से नदी में तलाश शुरू की गई।
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काफी प्रयास के बाद मंजीत सिंह का शव नदी के गहरे हिस्से से बरामद किया गया। परिजन शव को लेकर गांव पहुंचे। सूचना पर डायल-112 पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि मंजीत सिंह की एक बहन उत्तराखंड में रहती हैं। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम कराने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
उनकी पत्नी की करीब 14 वर्ष पहले बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से वह अपनी 16 वर्षीय बेटी का पालन-पोषण स्वयं कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि मंजीत सिंह तैरना अच्छी तरह जानते थे, लेकिन नदी के भंवर ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया।
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परिजनों के अनुसार मंजीत सिंह प्रतिदिन गंगा के पार स्थित अपने खेतों में गन्ने की फसल की देखभाल करने और पशुओं के लिए चारा लेने जाते थे। रविवार को वह अपने 20 वर्षीय भतीजे जगजीवन सिंह के साथ नाव से गंगा के पार गए थे। गंगा के दूसरी ओर जाने के लिए पहले मालन नदी और उसके बाद गंगा को पार करना पड़ता है। अपराह्न करीब तीन बजे मंजीत सिंह और उनका भतीजा नाव से गंगा किनारे पहुंच गए। इसी दौरान उन्हें याद आया कि चारा काटने वाली दरांती मालन नदी के दूसरे छोर पर रह गई है।
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मंजीत सिंह दरांती लेने के लिए नदी में तैरकर दूसरे छोर पर पहुंच गए। दरांती लेकर वह वापस तैरकर लौट रहे थे। इसी दौरान वह नदी के गहरे हिस्से में बने भंवर की चपेट में आ गए और देखते ही देखते पानी में डूब गए। भतीजे जगजीवन सिंह ने घटना की जानकारी तत्काल परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन और गांव के कुछ गोताखोर मौके पर पहुंचे। नाव की मदद से नदी में तलाश शुरू की गई।
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काफी प्रयास के बाद मंजीत सिंह का शव नदी के गहरे हिस्से से बरामद किया गया। परिजन शव को लेकर गांव पहुंचे। सूचना पर डायल-112 पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि मंजीत सिंह की एक बहन उत्तराखंड में रहती हैं। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम कराने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
उनकी पत्नी की करीब 14 वर्ष पहले बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से वह अपनी 16 वर्षीय बेटी का पालन-पोषण स्वयं कर रहे थे। परिजनों का कहना है कि मंजीत सिंह तैरना अच्छी तरह जानते थे, लेकिन नदी के भंवर ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया।

बिजनौर में गंगा में डूबने से हुई गांव ब्रह्मपुरी के किसान मंजीत सिंह की मौत के बाद मौके पर जमा

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